गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1200 बेटियों के सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शिरकत की। सीएम ने कहा- अब बेटी की शादी की चिंता सरकार करेगी, योजना का बजट भी बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है।
संजय कुमार वर्मा की रिपोर्ट
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश – मंगलवार का दिन गोरखपुर के लिए खास रहा जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं 1200 नवविवाहित जोड़ों के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए। इस भव्य कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल देखने लायक था। सीएम योगी ने खुद नवविवाहित जोड़ों पर फूल बरसाकर उन्हें आशीर्वाद दिया और कहा, “अब बेटियों की शादी सरकार की जिम्मेदारी है, चिंता करने की जरूरत नहीं।”
गौरतलब है कि यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित किया गया था, जिसमें अब तक का सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिला। योजना के तहत मिलने वाली राशि को 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है। यह बजट वृद्धि लागू होने के बाद प्रदेश का यह पहला सामूहिक विवाह कार्यक्रम था, जिससे हजारों गरीब परिवारों को सीधा लाभ मिला।
बेटियों के लिए बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार अब तक लगभग 24 लाख गरीब परिवारों की बेटियों को जन्म से स्नातक तक कुल 25 हजार रुपये का सहयोग दे रही है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत बेटियों की शिक्षा और शादी की जिम्मेदारी सरकार ने अपने कंधों पर ले ली है।
हर धर्म और रीति-रिवाज का सम्मान
सीएम योगी ने कहा कि सामूहिक विवाह में जाति, धर्म या क्षेत्र की कोई बाधा नहीं है। सभी धर्मों और समुदायों की परंपराओं का पालन करते हुए विवाह सम्पन्न कराए जा रहे हैं। जहां भी 10 से अधिक जोड़े रजिस्ट्रेशन कराते हैं, वहां प्रशासन खुद जाकर विवाह कराएगा।
वर-वधू को मिले उपहार
सरकार की ओर से नवविवाहित जोड़ों को शादी के बाद कई जरूरी उपहार भी दिए गए। इनमें वधू के लिए कढ़ाई वाली साड़ी, चुनरी, डेली यूज की साड़ी, श्रृंगारदान और चांदी की पायल-बिछिया शामिल हैं। वहीं वर को कुर्ता-पायजामा, माला और पगड़ी दी गई। मुस्लिम जोड़ों के लिए विशेष रूप से कढ़ाई वाला सूट और अन्य जरूरी वस्त्र दिए गए।
इसके अलावा गृहस्थी की शुरुआत के लिए कुकर, थाली, गिलास, चम्मच, बक्सा, गद्दा, चादर और अन्य जरूरी सामान दिए गए।
इस आयोजन ने साफ कर दिया कि सरकार न सिर्फ बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे को लेकर गंभीर है, बल्कि उसे ज़मीनी स्तर पर भी उतार रही है। गोरखपुर में हुआ यह आयोजन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक और मजबूत कदम साबित हुआ है।