अपराध

बीवी नं वन….डॉन जेल के अंदर हैं लेकिन बाहर इनकी पत्नियों ने संभाल ली है गैंग की कमान

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दुर्गा प्रसाद शुक्ला की रिपोर्ट

क्राइम की दुनिया के दलदल का अंत जेल ही होता है। चाहे अतीक अहमद हो, मुख्तार अंसारी हो या फिर अब्बास अंसारी, जेल की काल कोठरी तक ये पहुंच ही चुके हैं। कहते हैं जुर्म की दुनिया में कोई किसी का सगा नहीं होता। ऐसे में अगर कोई माफिया जेल जाता है तो वो अपने गैंग की कमान किसे दे ये उसके लिए सबसे बड़ा सवाल होता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जब राज्य में माफियाओं का खत्मा करने का बीड़ा उड़ाया है तब से यूपी के कई डॉन मुश्किल में आ गए हैं। मुख्तार अंसारी, अब्बास अंसारी, अतीक अहमद हर कोई सलाखों के पीछे है। ऐसे में इनका माफिया राज गिरता देखे अब इनकी पत्नियों ने उठा ली है गैंग की कमान। इन माफियाओं की पत्नी बन चुकी हैं उत्तर प्रदेश के क्राइम की मास्टर माइंड।

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अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता

सबसे पहले बात शाइस्ता की। शाइस्ता परवीन अतीक अहमद की पत्नी है। अतीक अहमद के तीन बेटे जेल में बंद थे, दो बेटों का कोई पता नहीं था। अतीक का दूसरा सबसे करीब भाई अशरफ भी जेल में बंद था। अब ऐसे में गैंग की जिम्मेदारी उठाई अतीक की पत्नी शाइस्ता ने। जब तक अतीक अहमद जेल से बाहर था तब तक पत्नी घर संभाल रही थी। अब पति और बेटों की गैरमौजूदगी में अतीक अहमद गैंग के सभी बड़े निर्णय शाइस्ता ही लेती है। यहां तक की उमेश पाल हत्याकांड में शाइस्ता ने ही अतीक अहमद, भाई अशरफ और बेटे असद के बीच कड़ी का काम किया था। वो खुद जाकर अतीक के गुर्गों से मिली थी और मर्डर की प्लानिंग हुई थी। इस बात का वीडियो भी सामने आया था जिसके बाद ही शाइस्ता के ऊपर यूपी पुलिस ने ईनाम घोषित किया।

अब्बास अंसारी की पत्नी निकहत

पति के काम को कैसे देखना है ये कोई निकहत बानो से सीखे। मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी से निकहत ने लव मैरीज की थी। अब जबकि पति जेल में बंद है तो पत्नी ने जिम्मा उठा लिया उसके काले कारोबार को देखने का। यहां तक कि वो पति को कंपनी देने के लिए उसकी जेल में ही पहुंच गई। निकहत बानों जेल में महिनों तक पति के साथ रंगरलियां करती हुई पकड़ी गई थी। जेल के कमरे में वो रोज जाती थी, पति के साथ मौज-मस्ती करती और वहीं साजिश रची जाती अंसारी गैंग के आगे के काले कारनामों की।

 

निकहत जेल के अंदर रच रही थी साजिश

निकहत ने ही जेलकर्मियों को रिश्वत देखकर ये खेल रचा था। पति की गैरमौजूदगी में वो ही गैंग के दूसरे लोगों से मिलती थी और पति अब्बास को जेल से बाहर निकालने की साजिश रच रही थी। निकहत के फोन से विदेशों में भी लगातार बात हो रही थी। यहां तक की अब्बास को छुड़ाने के लिए निकहत के दाऊद कनेक्शन का भी जिक्र सामने आया था। निकहत ने चित्रकूट में समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष से मिलकर ये सारी प्लानिंग की थी। निकहत और उसका ड्राइवर मिलकर इस काम को अंजाम दे रहे थे।

मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशा अंसारी

डॉन की पावरफुल पत्नियों में तीसरा नाम है अफशा अंसारी। उत्तर प्रदेश के खतरनाक माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की पत्नी अफ्शा ने भी पति के जेल जाने के बाद अंसारी गैंग के आपराधिक साम्राज्य की कमान संभाली। अफशा पर अपने भाइयों के साथ मिलकर दलितों की सैकड़ों एकड़ जमीन डरा-धमाकर अपने नाम करवाने के आरोप लगे। यूपी पुलिस ने अफशा पर गैंगस्टर एक्ट लगाया। इसके अलावा ईडी को भी उनके अकाउंट में बड़ा फर्जीवाड़ा मिला। पिछले साल अफशा ने अपनी आय करीब 12 लाख बताई थी, जबकि उनके अकाउंट के जरिए करोड़ों रुपये के लेन-देन की ट्रांजेक्शन सामने आईं थीं। दरअसल विकास कंस्ट्रक्शन के नाम से अफशा अपने भाइयों के साथ मिलकर एक कंपनी चला रही थीं जिसका मकसद काले धन को सफेद करना था।

अफशा पर भी लगा है गैंगस्टर एक्ट

अफशा पर पहले भी जेल में अपने पति मुख्तार का साथ देने के आरोप लगते रहे हैं। जब-जब मुख्तार अंसारी जेल में गए तो अफशा अवैध तरीके से महीनों तक जेल में रही। वो मुख्तार अंसारी के गैंग और मुख्तार के बीच कड़ी का काम करती थी। पंजाब की जेल में सालों तक ये सिलसिला चलता रहा था। अफशा के पास भी खुद एक लाइसेंसी पिस्टल थी जिसे वो हमेशा अपने पास रखती थीं। गैंग के लोगों से मिलना, उन्हें निर्देश देना और मुख्तार के संदेश उन तक पहुंचाना ये सारा काम अफशा ही करती थीं।

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"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."

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