अपराध

माफियागिरी के साथ साथ ही प्यार में भी एक अलग ही इबादत लिख डाली दादा इब्राहिम ने

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टिक्कू आपचे की रिपोर्ट 

मुंबई हमेशा से माफियाओं की नगरी रही। दाऊद इब्राहिम से अंडरवर्ल्ड डॉन का जन्म भी मुंबई में ही हुआ, लेकिन दाऊद से पहले भी मुंबई में कई माफिया रहे। हाजी मस्तान, करीम लाला का लंबे समय तक आतंक रहा। ये वो नाम है जो आज भी चर्चा का विषय है, लेकिन 60 के दशक में भी मुंबई में माफियाओं का राज हुआ करता था। दाऊद जैसे अंडरवर्ल्ड के नाम मुंबई से जुड़ने के बाद ये कुछ माफियाओं का नाम ही गायब हो गया। ऐसा ही एक माफिया मुंबई में हुआ करता था जिसका नाम का इब्राहिम दादा।

इब्राहिम दादा और मारिया की प्रेम कहानी

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इब्राहिम दादा रामपुरी गैंग का सरगना था। साठ के दशक में मुंबई में रामपुरी गैंग और जॉनी गैंग में बड़ी दुश्मनी थी और दुश्मनी की वजह थी एक लड़की मारिया। आज कहानी मारिया और इब्राहिम दादा के प्यार की। इब्राहिम दादा उस दौर में दक्षिण मुंबई का बड़ा गुंडा माना जाता था और इब्राहिम के गैंग को टक्कर देता जॉनी गैंग। इब्राहिम दादा एक बार अमेरिकन एंबेसी गया था। वही पहली बार उसने मारिया को देखा था।

अमेरिकन एंबेसी में रिसेप्शनिस्ट थी मारिया

मारिया और इब्राहिम को पहली नजर में ही प्यार हो गया था। दरअसल मारिया अमेरिकन एंबेसी में रिसेप्शनिस्ट थी और वो ईसाई धर्म से ताल्लुक रखती थी, लेकिन उस दिन से इब्राहिम और मारिया के बीच दोस्ती हो गई। दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगी। दोनों एक दूसरे के साथ रिश्ते में जुड़ने लगे, लेकिन ये बात जॉनी गैंग को पसंद नहीं आई। दरअसल जॉनी गैंग का सरगना जॉनी ईसाई था और वो नहीं चाहता था कि उसके धर्म की लड़की इब्राहिम से प्यार करे।

मारिया की वजह से मुंबई में छिड़ गई थी गैंगवार

बस मारिया की वजह से दोनों की बीच की गैंगवार ने और खतरनाक रूप ले लिया था। दोनों गुटों में काफी खून खराबा हुआ, लेकिन इब्राहिम ने मारिया का साथ नहीं छोड़ा। जॉनी ने मारिया को समझाने की कोशिश भी की, लेकिन मारिया भी इब्राहिम के साथ ही जिंदगी बिताना चाहती थी। बताया जाता है कि बाद में मारिया ने अपना धर्म बदल लिया और इस्लाम धर्म कबूल कर लिया था। इस्लाम धर्म कबूल करने के बाद इब्राहिम दादा और मारिया ने निकाह किया।

रामपुरी गैंग को इब्राहिम दादा ने किया था मजबूत

इब्राहिम दादा उस दौर में खौफ का दूसरा नाम हुआ करता। वहां के कई थानों में उसके खिलाफ केस दर्ज थे। इब्राहिम के रामपुरी गैंग ने पुलिस की नाक में दम किया हुआ था। इसकी एक वजह और भी थी। इब्राहिम पढ़ा लिखा था। वो उस वक्त दसवीं पास था और बड़े-बड़े लोगों से भी उसने अपने संपर्क बनाए हुए थे। उसका गैंग लगातार मजबूत हो रहा था, वही दूसरी तरह जॉनी गैंग कमजोर होता जा रहा था। कुछ समय बाद जॉनी गैंग के सरगना की पानी डूबने की खबर आई थी। कहा जाता है कि इब्राहिम दादा ने ही जॉनी की हत्या करवाई थी।

मशहूर थी इब्राहिम और मारिया की लव स्टोरी

इब्राहिम गैंग की तरह ही, मुंबई में एक कश्मीरी गैंग भी हुआ करता था। जॉनी गैंग के बाद कश्मीरी गैंग और रामपुरी गैंग एक दूसरे के दुश्मन बन गए थे। दरअसल ये गैंग छोटे पैमाने पर काम करते थे और जैसे ही इनके सरगना की मौत हो जाती थी ये गैंग खत्म हो जाते थे। करीम लाला, हाजी मस्तान और दाऊद इब्राहिम जैसे बड़े डॉन के आने के बाद इन छोटे गैंग्स के अस्तित्व पूरी तरह से खत्म हो गए थे। हां इब्राहिम दादा और मारिया की प्रेम कहानी लंबे समय तक लोगों के बीच चर्चा का विषय रही थी।

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"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."

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