मेरठ के लतीफपुर बाजार में गैंगवार में तीरथ सिंह हत्याकांड के आरोपी परमजीत की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस वारदात में दो लोग घायल हुए। पुलिस जांच में जुटी है।
मेरठ के लतीफपुर गांव में बुधवार शाम गैंगवार की घटना सामने आई, जिसमें तीरथ सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी परमजीत सिंह उर्फ गुल्ला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस दौरान परमजीत के साथी गुरमुख और हमलावर प्रभु सिंह भी घायल हो गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हत्या का बदला बना गैंगवार
गौरतलब है कि 6 जनवरी 2024 को गुरुद्वारा श्री थल्ली साहिब परिसर में तीरथ सिंह उर्फ तिहरी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में परमजीत समेत छह आरोपित जेल गए थे। हाल ही में अक्टूबर 2024 में परमजीत जमानत पर बाहर आया और दिल्ली में रह रहा था। हालांकि, वह सोमवार को अपने गांव लौटा।
बाजार में गोलियों की गूंज
बुधवार शाम करीब 5 बजे परमजीत अपने दोस्त गुरमुख के साथ बाजार में मछली के पकोड़े खा रहा था। तभी तीरथ सिंह के पिता प्रभु सिंह वहां पहुंचे और परमजीत को गोली मार दी। दूसरी गोली गुरमुख की पीठ में लगी। इस हमले के जवाब में परमजीत ने भी गोली चलाई, जो प्रभु सिंह के कूल्हे में जा लगी।
पुलिस जांच में बड़ा खुलासा
घटना के तुरंत बाद तीनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने परमजीत को मृत घोषित कर दिया। उधर, घायल गुरमुख और प्रभु सिंह का इलाज जारी है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि परमजीत की हत्या की साजिश पहले ही रची जा चुकी थी।
परिवार ने लगाया साजिश का आरोप
परमजीत की पत्नी पहले ही प्रधान दिलदार पर हत्या की आशंका जता चुकी थी। अब परिवार का आरोप है कि दिलदार और प्रभु सिंह ने मिलकर यह हत्या करवाई है।
पुलिस पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस सतर्क होती तो यह गैंगवार रोकी जा सकती थी। पुलिस अब पूरे मामले की छानबीन कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की साजिश कहां और कैसे रची गई।
मेरठ में हुई इस गैंगवार ने इलाके में दहशत फैला दी है। पुलिस इस केस में शामिल सभी संदिग्धों पर कड़ी नजर रख रही है ताकि आगे कोई और अप्रिय घटना न हो।
➡️चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट
