ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट
लखनऊ के आशियाना इलाके में एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां एक व्यक्ति ने धार्मिक अनुष्ठान के नाम पर अपनी पत्नी और दो बच्चों को घर में कैद कर लिया। सिर पर भभूत लगाए वह चाकू लेकर छत पर घूमता रहा, जबकि उसके परिवार के सदस्य घर के अंदर सहमे हुए बचाव की गुहार लगाते रहे।
धुआं से बिगड़ी हालात, सांस लेने में होने लगी दिक्कत
यह मामला आशियाना के रजनीखंड सेक्टर 8/42 का है, जहां राम सागर यादव, जो सचिवालय में लाइनमैन के पद पर कार्यरत है, अपनी पत्नी रामकली, विवाहित बेटी डिंपल और बेटे छोटू के साथ रहता है। बुधवार को राम सागर ने धार्मिक अनुष्ठान करने के नाम पर पूरे परिवार को एक कमरे में बंद कर दिया और घर के अंदर लकड़ियां जलाकर हवन करना शुरू कर दिया।
जलते हवन से उठते धुएं के कारण परिवार के सदस्यों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। वे घबराकर घर से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे, लेकिन राम सागर ने दरवाजा बंद कर दिया। जब उन्होंने बाहर निकलने के लिए चीख-पुकार मचाई, तो पड़ोसियों को मामले की जानकारी हुई।
पुलिस पर फेंकी भभूत, दी भस्म करने की धमकी
पड़ोसियों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने राम सागर को समझाने की कोशिश की, लेकिन उसने छत पर जाकर पुलिस पर भभूत फेंकनी शुरू कर दी और उन्हें भस्म करने की धमकी देने लगा।
पुलिस की टीम ने कई घंटे तक राम सागर को काबू में करने की कोशिश की, लेकिन वह लगातार हंगामा और विरोध करता रहा। अंततः पुलिस ने रणनीतिक तरीके से उसे पकड़ लिया और परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला।
आरोपी के खिलाफ हुई कानूनी कार्रवाई
राम सागर यादव को आशियाना थाने ले जाया गया, जहां उसके खिलाफ शांति भंग की धारा में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और आरोपी के मानसिक स्वास्थ्य की भी जांच की जा सकती है।
घटना से इलाके में फैली दहशत
इस घटना से पूरे आशियाना इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय निवासियों ने बताया कि राम सागर पहले भी अजीब व्यवहार करता था, लेकिन इस बार उसकी हरकतों ने सभी को हैरान कर दिया। पुलिस ने लोगों को आश्वस्त किया है कि आरोपी पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की कोई घटना न हो।
लखनऊ की यह घटना दर्शाती है कि धार्मिक अंधविश्वास किस तरह लोगों के मानसिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है। यदि समय रहते पुलिस और फायर ब्रिगेड कार्रवाई नहीं करते, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। इस घटना ने समाज को एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अंधविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लेने की जरूरत है।
▶️खबरों के लिए हमारे साथ बने रहें समाचार दर्पण24.कॉम

Author: जगदंबा उपाध्याय, मुख्य व्यवसाय प्रभारी
जिद है दुनिया जीतने की