लखनऊ

सामूहिक विवाह में फर्जीवाड़ा ; अब न भाई बहन की होगी शादी ना कोई होगा नकली दूल्हा, पढिए क्या है नया नियम

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ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट

लखनऊ: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बड़े पैमाने पर हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है। जिसके तहत विवाह योजना में गोलमाल पर अंकुश लग सके। पड़ोसियों की गवाही के बाद ही आवेदन स्वीकार होगा। गवाही इस बात की होगी कि आवेदनकर्ता का कोई विवाह तो नहीं हुआ है। योजना के तहत गृहस्थी के लिए दिए जाने चाले 10 हजार रुपये भी अब सीधे खाते में भेजने की योजना है।

वर और वधू पक्ष के पास पड़ोस के पांच-पांच लोगों से गवाही कराई जाएगी

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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कई जिलों में गड़बड़ी सामने आई थी। शिकायतें के बाद तय हुआ है कि वर और वधू पक्ष के पास पड़ोस के पांच-पांच लोगों से गवाही कराई जाएगी। जो ये प्रमाणित करेंगे कि वर या वधू का विवाह हुआ है या नहीं। 

गवाहों का नाम, पता और मोबाइल नंबर भी दर्ज होगा। गवाही के बाद ही आवेदन पर आगे की प्रक्रिया होगी। बता दें कि एक जोड़े के विवाह पर 51 हजार खर्च होते हैं। इसमें 35 हजार रुपये वधू के खाते में जमा होते हैं जबकि 10 हजार रुपये में गृहस्थी 16 हजार का सामान दिया जाता है। 6 हजार रुपये आयोजन मद में खर्च होते हैं। अब गृहस्थी के सामान की जगह 10 हजार रुपये वधू के खाते में भेजने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। 

आचार संहिता लागू होने से अभी निर्णय नहीं हो सका है। प्रदेशभर में 2023-24 में एक लाख चौदह हजार जोड़ों का विवाह कराने का लक्ष्य था। साथ ही 500 करोड़ से अधिक के बजट का प्रावधान था। पिछले वर्ष एक लाख पांच हजार से अधिक जोड़ों का विवाह हुआ। साथ ही सभी का भुगतान भी कर दिया गया।

सामूहिक विवाह योजना के तहत आवेदनकर्ताओं की जांच कराई जाएगीः निदेशक समाज कल्याण

निदेशक समाज कल्याण कुमार प्रशांत ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आवेदनकर्ताओं की जांच कराई जाएगी। आस-पड़ोस की गवाही के बाद अगर पुष्टि हो जाती है कि आवेदनकर्ता का विवाह नहीं हुआ है तभी योजना का लाभ दिया जाएगा। गृहस्थी के 10 हजार रुपये खाते में भेजने के प्रस्ताव को शासन से स्वीकृति मिलने के बाद लागू किया जाएगा।

झांसी, बलिया, महाराजगंज में मिली थीं गड़बड़ियां

पिछले वित्तीय वर्ष में झांसी, बालिया और महाराजगंज में गड़बड़ियां मिली थीं। बुंदेलखंड महाविद्यालय में समारोह में 96 जोड़े शामिल हुए थे। इसमें एक दुल्हन ने खुद मांग भर ली। कई जोड़ों ने सात फेरे नहीं लिए। 

झांसी के पॉलीटेक्निक कॉलेज में दूल्हे के न आने पर दुल्हन की शादी जीजा से कराई गई थी। 

बलिया के मनियर ब्लॉक के सुल्तानपुर, कंकरघट्टा खास व मानिकपुर में आठ अपात्रों को योजना का लाभ लेने के मामले में पकड़ा गया। इसमें एक अधिकारी निलंबित हुआ था। नौ पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। महाराजगंज के लक्ष्मीपुर ब्लॉक में दूल्हे के स्थान पर भाई ने बहन से शादी कर ली। इस पर प्रशासन ने सारा सामान वापस कराया।

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"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."

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