लखनऊ

साइकिल का बिगड़ा बैलेंस ; एक को मनाने के चक्कर में कई रुठे, हसन का छलका दर्द तो जावेद भी हो लिए साथ

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सर्वेश द्विवेदी की रिपोर्ट

लखनऊ: सजायाफ्ता होने के चलते सीतापुर जेल में सजा काट रहे राष्ट्रीय महासचिव आजम खां को मनाने के चक्कर में सपा के भीतर कई रूठ गए हैं। 

रामपुर से लेकर मुरादाबाद तक सपा का संकट बढ़ गया है। आजम खान के वीटो पर अखिलेश यादव ने मुरादाबाद का उम्मीदवार भी बदल दिया। बावजूद इसके आजम के करीबी रामपुर में सपा को ही आंख दिखा रहे हैं। बगावती तेवर दिखाते हुए आसिम राजा ने सपा उम्मीदवार के खिलाफ पर्चा भर दिया है।

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मुरादाबाद और रामपुर के टिकट लेकर को अखिलेश यादव ने पिछले हफ्ते सीतापुर जेल में अखिलेश से मुलाकात की थी। इसके बाद अखिलेश ने मुरादाबाद से मौजूदा सांसद एसटी हसन को उम्मीदवार घोषित कर दिया। 

सूत्रों के अनुसार, आजम खां यहां से बिजनौर की पूर्व विधायक रुचिवीरा को टिकट दिलाना चाहते थे लेकिन, जब मंगलवार को एसटी हसन ने मुरादाबाद से पर्चा भर दिया तो आजम के इशारे पर उनके समर्थकों ने रामपुर से चुनाव के बहिष्कार का ऐलान कर दिया। खुद आजम ने भी चिट्ठी जारी की।

आजम खां के दबाव बढ़ाने के बाद सपा नेतृत्व मुरादाबाद को लेकर बैकफुट पर आ गया। एसटी हसन से मंगलवार की रात ही उम्मीदवारी वापस लेने को कहा गया। 

हालांकि, बुधवार की सुबह तक एसटी हसन अपनी उम्मीदवारी को लेकर आश्वस्त थे, लेकिन दोपहर में रुचिवीरा ने पर्चा भर दिया और उनके पास सपा का अधिकृत सिंबल भी था। 

सूत्रों के अनुसार मुरादाबाद और रामपुर के लिए चार्टर्ड प्लेन से सपा ने फार्म ए और बी भेजा। मुरादाबाद में मांग पूरी होने के बाद भी आजम खेमे ने दबाव बनाए रखा है।

साल 2022 के उपचुनाव में आजम के प्रत्याशी रहे आसिम राजा का पर्चा भरना इसका संकेत है। आसिम की उम्मीदवारी पर्चे की जांच पर निर्भर करेगी। 

उन्होंने सपा का प्रत्याशी होने का दावा करते हुए पर्चा भरा है। फार्म ए और बी न होने के चलते वह निर्दल माने जाएंगे। अगर उन्होंने पर्चे में 10 प्रस्तावक लगाए होंगे तो पर्चा खारिज हो जाएगा। अगर प्रस्तावक पूरे होंगे तो पर्चा मान्य होगा और नाम वापस लेने पर ही वह मैदान से बाहर होंगे।

एसटी हसन का छलका दर्द, जावेद भी साथ आए

टिकट कटने पर मुरादाबाद के सांसद एसटी हसन का दर्द झलका। उन्होंने कहा कि जब एक बार टिकट दे चुके थे तो कोई कारण तो नहीं था। यह राष्ट्रीय अध्यक्ष ही बेहतर बता पाएंगे कि टिकट क्यों काटा गया है? 

अखिलेश पार्टी के नेता है जिसे चाहे लड़ाएं, जिसे चाहे न लड़ाएं। सपा के राज्यसभा सांसद जावेद अली खान ने भी नेतृत्व पर तंज करते हुए एक्स पर पोस्ट किया, ‘नवाबों के दौर में भी मुरादाबाद कभी रामपुर के आधीन नहीं रहा। अब है !’

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"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."

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