गोरखपुर

आखिर जीत का अंतर 3 लाख से 1 लाख पर कैसे…..? योगी ने पूछ ही लिया रविकिशन से… . 

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इरफान अली लारी की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान गोरखपुर में एनेक्सी भवन में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर समीक्षा करना और पिछले चुनावों में बीजेपी के वोट प्रतिशत और जीत के अंतर में कमी के कारणों का विश्लेषण करना था। 

मुख्यमंत्री ने बैठक में यह जानने की कोशिश की कि आखिर ऐसी क्या वजह रही कि इस बार अधिक संख्या में लोगों ने नोटा (NOTA – None of the Above) का बटन दबाया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से फीडबैक लेकर जनता के असंतोष के कारणों और पार्टी की रणनीति में सुधार के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की। इस समीक्षा बैठक में आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के लिए रणनीति तैयार करने पर भी जोर दिया गया। 

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योगी आदित्यनाथ का यह दौरा पार्टी की स्थिति को मजबूत करने और जनता के बीच विश्वास बहाल करने के प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है।

लोकसभा चुनाव संपन्न हो चुका है, लेकिन राजनीतिक दल अपने प्रदर्शन की समीक्षा करने में जुटे हैं। विशेष रूप से बीजेपी, जो इस बार भी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, लेकिन पिछली बार की तुलना में सीटों में कमी आई है। 

बीजेपी के इस प्रदर्शन की समीक्षा का उद्देश्य यह समझना है कि सीटों में कमी क्यों हुई और किन कारणों से वोट प्रतिशत में कमी आई। इस समीक्षा बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जा रही है, जैसे कि:

– चुनाव अभियान में कमी या रणनीतिक चूक

– जनता के असंतोष के कारण

– क्षेत्रीय मुद्दों का प्रभाव

– विपक्षी दलों की रणनीति और गठबंधन का असर

– नोटा का बढ़ता उपयोग और इसके कारण

इस प्रकार की समीक्षा बैठकों का मकसद आगामी चुनावों में बेहतर रणनीति बनाना और पार्टी की स्थिति को मजबूत करना है। बीजेपी के नेता और जनप्रतिनिधि इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं ताकि भविष्य में चुनावी प्रदर्शन को बेहतर बनाया जा सके।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान गोरखपुर में थे। रविवार को उन्होंने एनेक्सी भवन में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की, जिसमें बीजेपी के हालिया लोकसभा चुनाव प्रदर्शन की समीक्षा की गई। बैठक में गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला, कमलेश पासवान सहित सभी विधानसभाओं के विधायक और वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में मुख्यमंत्री ने यह जानने की कोशिश की कि इस बार के लोकसभा चुनावों में बीजेपी का वोट प्रतिशत कम क्यों हुआ और लोगों ने अधिक संख्या में नोटा का बटन क्यों दबाया। आने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी के मद्देनजर यह समीक्षा महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने और समाधान खोजने की अपील की।

मीडिया से बातचीत में सांसद रवि किशन ने बताया कि मुख्यमंत्री ने जीतने वाले प्रत्याशियों को बधाई और आशीर्वाद दिया। साथ ही, उन्होंने पूछा कि जीत का अंतर पिछली बार से कम क्यों रहा और क्या कमियां रही, जिनके कारण सीट का बहुमत सिमट कर रह गया। बैठक का मुख्य सार यह था कि पहले जो सीटें 3 लाख से ज्यादा मतों से जीती गई थीं, इस बार उनकी जीत का अंतर घटकर एक लाख मतों तक क्यों रह गया।

मुख्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि इस बात पर जोर दे रहे हैं कि जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझा जाए और पार्टी की रणनीति को बेहतर बनाया जाए ताकि आगामी विधानसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक में बांसगांव की सीट पर जीत का अंतर कम होने पर भी चर्चा की गई। बैठक में यह समझने की कोशिश की गई कि जनता क्यों नाराज हुई और नोटा का उपयोग क्यों बढ़ा। मुख्यमंत्री ने यह सवाल उठाया कि क्या विपक्ष के झूठे प्रचार ने जनता को भ्रमित किया या फिर कांग्रेस द्वारा महिलाओं को हर महीने 8,500 रुपये देने की घोषणा और संविधान के खतरे में होने की बात कहकर एससी/एसटी समुदाय को भड़काया गया।

इन सवालों के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने यह भी जानने की कोशिश की कि सरकार की सभी योजनाएं पात्रों के घर-घर तक पहुंचाए जाने के बावजूद क्या कमी रही कि लोग वोट देने नहीं निकले। इस समीक्षा का मुख्य उद्देश्य था:

  1. विपक्ष के प्रभाव : क्या विपक्ष के झूठे प्रचार और वादों ने जनता को भ्रमित किया?
  2. नोटा का बढ़ता उपयोग : क्यों लोगों ने इस बार अधिक संख्या में नोटा का बटन दबाया?
  3. योजनाओं का लाभ : सरकार की योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों तक पहुंचाने के बावजूद जनता में असंतोष क्यों है?
  4. जनसंपर्क की कमी : क्या जनप्रतिनिधि जनता के बीच पर्याप्त रूप से नहीं पहुंचे और उनकी समस्याओं को नहीं समझा?

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे सभी समाज के लोगों के बीच जाकर वास्तविकता जानें और जनता की समस्याओं को समझें। इसके आधार पर, रणनीति में आवश्यक सुधार किए जाएंगे ताकि आगामी विधानसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित हो सके। 

इस समीक्षा के माध्यम से पार्टी का उद्देश्य जनता के असंतोष के कारणों का पता लगाना और उन्हें दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाना है, जिससे जनता का विश्वास वापस जीता जा सके और आगामी चुनावों में सफलता प्राप्त की जा सके।

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"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."

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