अपराध

हथियार वाली बीवियां… . जुर्म की उंगली पकड़कर अपराध की दुनिया में तहलका मचाने वाली कब होगी हाज़िर?

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दुर्गा प्रसाद शुक्ला की रिपोर्ट

मुख्तार अंसारी की मौत से पहले ही फरार हुई उसकी पत्नी अफशां अंसारी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से दूर है। 

75 हजार की इनामी अफशां को पुलिस हर जगह तलाश चुकी है। लेकिन, 13 महीने बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। माना जा रहा था कि अपने पति मुख्तार को आखिरी बार देखने के लिए अफशां जरूर आएगी, पर ऐसा नहीं हुआ। 

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यही नहीं, खुद मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल को अब अफशां के लिए अपील करनी पड़ी है। अफजाल ने कहा कि अफशां जहां कहीं भी हैं, वो सामने आएं और कानूनी तरीकों से अपनी बात रखें। ऐसे में माना जा रहा है कि अफशां जल्द ही सरेंडर कर सकती है। इस बीच अफशां अंसारी को लेकर एक अहम जानकारी पता चली है।

मुख्तार अंसारी से अफशां का निकाह 1989 में हुआ था। ये वो दौर था, जब मुख्तार ने डॉन बनने के लिए जुर्म की डगर पर अपने कदम बढ़ाए ही थे। इसी दौरान मुख्तार के गैंग में अत्ता-उर-रहमान नाम के शख्स की एंट्री हुई। 

अफशां इसी अत्ता-उर-रहमान की भतीजी थी। बताया जाता है कि उसे मुख्तार की बैटिंग बहुत पसंद थी। बाद में अत्ता-उर-रहमान ने अफशां की शादी मुख्तार के साथ करा दी और उसका खास गुर्गा बन गया। बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या में जब उसे मुख्य आरोपी बनाया गया, तो रहमान अंडरग्राउंड हो गया। इसके बाद से ही पुलिस और सीबीआई उसे खोज रही हैं, लेकिन रहमान फरार है।

यूपी एसटीएफ के डीएसपी दीपक कुमार सिंह का कहना है कि रहमान के बारे में जानकारी मिली है कि पाकिस्तान में उसके कुछ रिश्तेदार रहते हैं। 

पुलिस और सीबीआई से बचने के लिए रहमान भारत से भागकर पाकिस्तान में जा छिपा है। उसके ऊपर किसी को शक ना हो, इसलिए उसने वहां मुमताज बेगम नाम की पाकिस्तानी महिला से शादी कर ली है। 

माना जा रहा है कि वो पाकिस्तान के ही किसी इलाके में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा है। ऐसे में अफशां अंसारी के इस चाचा के पाकिस्तानी कनेक्शन से उसकी फरारी को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। 

अत्ता-उर-रहमान के ऊपर सीबीआई ने 2015 में 2 लाख रुपए का इनाम रखा था। वहीं, अफशां के ऊपर इस वक्त 75 हजार रुपए का इनाम है।

अफशां अंसारी के ऊपर पहले 50 हजार रुपए का इनाम था, जिसे अब बढ़ा दिया गया है। पुलिस ने उसके ऊपर गाजीपुर जिले के अलग-अलग थानों में जालसाजी, धोखाधड़ी, चोरी, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और गैंगस्ट एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए हैं। 

अफशां के ऊपर पहला केस साल 2019 में दर्ज किया गया था। बार-बार समन भेजे जाने के बाद भी जब अफशां सामने नहीं आई , तो 2022 में मऊ पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया। 

पिछले साल ही उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। फरवरी 2023 से अफशां फरार है। 

पुलिस के मुताबिक, अफशां ने विकास कंस्ट्रक्शन नाम से एक फर्म भी बनाई थी, जिसकी आड़ में वो जमीनों पर अवैध कब्जे करती थी।

मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद… बंदूकों के दम पर यूपी में दहशत फैलाने वाले दो माफिया। जो जुर्म की उंगली पकड़कर चले और देखते ही देखते डॉन बन गए। अपने गुनाहों को सियासी परदे से ढकने के लिए दोनों ने राजनीति में भी कदम रखे। लेकिन, वक्त ने दोनों के गुनाहों का हिसाब कर दिया। 

अतीक और मुख्तार चले गए, लेकिन अब इन दोनों की पत्नियां फरार हैं। पहले अतीक की बीवी शाइस्ता परवीन और अब मुख्तार की पत्नी अफशां अंसारी। दोनों का कोई सुराग नहीं मिल रहा है। शाइस्ता के ऊपर 50 हजार और अफशां अंसारी पर 75 हजार रुपए का नाम पुलिस ने घोषित कर रखा है। ऐसे में आइए, आपको बताते हैं कि इन दोनों के नाम पर कितने-कितने हथियार हैं।

शाइस्ता के नाम पर तीन-तीन गन

सबसे पहले बात करते हैं शाइस्ता परवीन की। अतीक के जेल जाने के बाद से ही उसके सारे काले धंधे शाइस्ता के हाथों में हैं। बताया जाता है कि जब अतीक अहमद गुजरात की साबरमती जेल में बंद था, उस वक्त बीएसपी विधायक राजू पाल मर्डर केस के गवाह उमेश पाल की हत्या की साजिश में भी शाइस्ता का ही हाथ था। 

अतीक अहमद के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, शाइस्ता परवीन के नाम पर एक रिवॉल्वर, एक राइफल और एक सिंगल बैरल ब्रीच लोडर बंदूक का लाइसेंस है। इनमें रिवॉल्वर की कीमत 25 हजार है। राइफल 1 लाख 60 हजार रुपए की है। और, सिंगल बैरल ब्रीच लोडर की कीमत 15 हजार है।

अफशां के नाम पर केवल एक रिवॉल्वर

अब बात दूसरी लेडी डॉन, अफशां अंसारी की। पुलिस की लिस्ट में वांटेड अफशां अंसारी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, चोरी, अतिक्रमण, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और गैंगस्टर एक्ट के तहत 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। मुख्तार अंसारी की मौत के बाद अफशां उसके अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुई थी। 

अफशां के ऊपर पहले 50 हजार रुपए का इनाम था, जिसे बढ़ाकर अब 75 हजार कर दिया गया है। मुख्तार अंसारी ने अपने चुनावी हलफनामे में बताया था कि उसकी पत्नी के नाम पर एक एनपी बोर रिवॉल्वर है। इस रिवॉल्वर की कीमत उसने 2.50 लाख रुपए बताई।

कब सरेंडर करेगी अफशां अंसारी

अफशां अंसारी अपने पति मुख्तार अंसारी के जनाजे के मौके पर भी फरार थी। इस बारे में जब मुख्तार के बड़े भाई और लोकसभा सांसद अफजाल अंसारी से पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि इद्दत के बाद अफशां सरेंडर कर सकती हैं। 

इद्दत इस्लाम धर्म की एक परंपरा है, जिसमें पति की मौत के बाद पत्नी को 4 महीने 10 दिन तक किसी भी गैर पुरुष से मिलने की इजाजत नहीं होती। 

अफजाल अंसारी ने कहा कि उन्हें अफसोस है कि अफशां अपने पति के अंतिम दर्शनों के लिए नहीं आ पाईं। उन्होंने कहा कि वो इस वक्त जहां भी होगी, इद्दत को निभा रही होगी।

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"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."

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