विचार

ऐसे-ऐसे नारे जो लोगों की जुबान पर चढकर बोलती है ; “अबकी बार, मोदी सरकार’’ से लेकर “अबकी बार 400 पार” तक का सफर देखिए

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दुर्गा प्रसाद शुक्ला की रिपोर्ट

2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी की नजर हैट्रिक लगाने पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी लगातार तीसरी बार केंद्र की सत्ता पर काबिज होने की कवायद में जुटी है। इसके लिए पार्टी ने ‘अब की बार 400 पार’ का नारा दिया है। इसके साथ ही पार्टी ‘मोदी की गारंटी’ का भी जोर-शोर से प्रचार कर रही है। 

ये कोई पहली बार नहीं है जब बीजेपी नेतृत्व ने आकर्षक टैगलाइन यानी नारों से जनमानस में अपनी दावेदारी और मजबूत करने की कोशिश की है। आकर्षक नारों का इस्तेमाल करना बीजेपी के लिए 2014 से ही एक प्रमुख रणनीति रही है, जब वे पहली बार ‘अब की बार मोदी सरकार’ के नारे के साथ सत्ता में आए थे। फिर 2019 चुनावों में ‘मोदी है तो मुमकिन है’ नारे ने सुर्खियां बटोरी। दोनों ही चुनाव बीजेपी ने शानदार तरीके से जीता।

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2014 में आया ‘अच्छे दिन आने वाले हैं’ का नारा

बीजेपी ने 2014 में अपना चुनावी अभियान कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार और महंगाई आदि मुद्दों पर केंद्रित किया था। उस समय पार्टी ने ‘अच्छे दिन’ का वादा किया। 

हालांकि, इसके बारे में विपक्ष का दावा है कि पिछले 10 वर्षों में कभी नहीं आया। 2013 के अंत में, जब देश में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे समाचार पत्रों में छाए हुए थे ऐसे वक्त में बीजेपी ने पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के साथ टैगलाइन दी- ‘अच्छे दिन आने वाले हैं’। जिसका उस चुनाव में गहरा असर नजर आया। ‘अब की बार मोदी सरकार’ जैसी वन-लाइनर ने पार्टी के लिए जादू का काम किया। 

2014 के आसपास सोशल मीडिया के उदय ने भी बीजेपी की इस चुनावी रणनीति को सही रफ्तार दी। इसका रिजल्ट ये हुआ कि पार्टी ने 543 लोकसभा सीटों में से 282 सीटें जीतकर अपना ऐतिहासिक जनादेश हासिल किया।

2019 में ‘मैं भी चौकीदार’ से पीएम मोदी ने विपक्ष को घेरा

2019 लोकसभा चुनाव की बात करें तो उस समय बीजेपी सत्ता में वापसी सुनिश्चित करने के लिए अपना रिपोर्ट कार्ड तैयार कर रही थी। विपक्ष ने भारत और फ्रांस के बीच राफेल लड़ाकू जेट सौदे को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया।

विपक्षी नेताओं, मुख्य रूप से तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस सौदे में ‘गलत तरीके से ट्रांजेक्शन’ हुआ था क्योंकि इस डील में पारंपरिक प्रक्रिया को दरकिनार कर दिया गया था। राफेल विवाद की पृष्ठभूमि में, कांग्रेस ने नारा दिया ‘देश का चौकीदार चोर है’। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने अपने ‘पूंजीवादी दोस्तों’ को कथित अनुचित लाभ दिया था। 

पीएम मोदी पर कांग्रेस के इस हमले का बीजेपी की ओर से करारा जवाब दिया गया। इसमें बीजेपी नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल नाम के आगे ‘मैं भी चौकीदार’ जोड़ दिया।

2019 में ‘मोदी है तो मुमकिन है’ नारे का भी दिखा असर

दिलचस्प बात यह है कि पीएम मोदी ने जैसे सी इस कैंपेन को लॉन्च किया, कुछ ही घंटों बाद ‘मैं भी चौकीदार’ अभियान दुनिया भर में ट्विटर के टॉप ट्रेंड में आ गया। राहुल गांधी को उनके ‘चौकीदार चोर है’ कमेंट पर बैकफुट में लाने लिए प्रधानमंत्री ने करारा वार किया। उन्होंने कांग्रेस नेता पर चौकीदारों के समुदाय को नीचा दिखाने का आरोप लगाया। पीएम मोदी ने कहा कि चूंकि उनके विरोधियों में उनका नाम सीधे लेने की हिम्मत नहीं है, इसलिए वे ऐसे नारों का सहारा ले रहे हैं जिन्होंने हर चौकीदार को संदेह के घेरे में डाल दिया है। 

इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले ‘मोदी है तो मुमकिन है’ नारा भी दिया। इसमें पाकिस्तान के खिलाफ की गई सर्जिकल स्ट्राइक की कार्रवाई और विकास के रिकॉर्ड पर जोर दिया गया। इसका काफी असर हुआ और बीजेपी ने 2019 चुनाव में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 300 पार का आंकड़ा हासिल किया।

विपक्षी अटैक को ही पीएम मोदी ने बनाया हथियार

बीजेपी हमेशा से विपक्षी हमलों को ही अपने कैंपेन का हिस्सा बनाती रही है। कुछ ऐसा ही 2024 आम चुनाव से ठीक पहले देखने को मिला। 

बीजेपी की ओर से परिवारवाद के मुद्दे पर विपक्षी पार्टियों को घेरने पर आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने करारा अटैक किया। उन्होंने पीएम मोदी के परिवार पर कमेंट किया। 

लालू यादव ने पटना में इंडिया ब्लॉक की रैली को संबोधित करते हुए वंशवादी राजनीति का मुद्दा उठाने के लिए पीएम मोदी पर निशाना साधा और पूछा कि पीएम का परिवार क्यों नहीं है। बस फिर क्या था पीएम मोदी ने आरजेडी मुखिया की इस बात पर करारा पलटवार करते हुए कहा कि 140 करोड़ भारतीय उनका परिवार है। इसी के बाद बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने ‘मोदी का परिवार’ अभियान शुरू किया।

2024 में ‘मोदी की गारंटी’ से वोटरों को रिझाने की कोशिश

इसके साथ ही बीजेपी 2024 के चुनावी अभियान में ‘मोदी की गारंटी’ पर खास फोकस कर रही। इसमें प्रधानमंत्री मोदी के उन वादों का जिक्र किया जा रहा जिन्हें उन्होंने पूरा किया। 

पीएम मोदी ने कहा कि ‘मोदी की गारंटी’ का मतलब गारंटी को पूरा करने की गारंटी है, जो इस कैंपेन का केंद्र बिंदु भी बन गया है। बीजेपी लगातार ‘गारंटी’ का इस्तेमाल केंद्र सरकार की ओर से पूरे किए गए वादों को बताने के लिए कर रही है। इसमें राम मंदिर उद्घाटन जैसे प्रमुख वादे भी शामिल हैं।

इसके साथ ही पार्टी का एक और चुनावी नारा चर्चा में है ‘अबकी बार 400 पार’। अब इस टैगलाइन का लोगों पर कितना असर होगा ये तो 4 जून को नतीजों के बाद क्लीयर हो जाएगा। फिलहाल 2014 हो या 2019 या फिर 2024 का चुनावी रण, बीजेपी की ये टैगलाइन लोगों की जुबां पर जरूर चढ़ जाती हैं।

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"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."

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