देवरिया में सड़क निर्माण की मांग को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन! ग्रामीणों और हिंदूवादी नेता प्रमोद मिश्रा के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने डीएम दिव्या मित्तल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क जाम किया। प्रशासन के आश्वासन के बाद ही प्रदर्शन समाप्त हुआ। पूरी खबर पढ़ें!
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में गुरुवार को सड़क निर्माण की मांग को लेकर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हुआ। सलेमपुर तहसील क्षेत्र में हिंदूवादी नेता प्रमोद मिश्रा के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने मगहरा-करुवना मार्ग को जाम कर दिया और डीएम दिव्या मित्तल के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है।
प्रदर्शनकारियों का आक्रोश और सड़क जाम
गांववालों ने आरोप लगाया कि खराब सड़कों के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बारिश के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जिससे आवागमन मुश्किल हो जाता है। जब उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, तो उन्होंने मजबूर होकर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया।
लगभग तीन घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सड़क पूरी तरह बाधित रही। लोग डीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे, जिससे प्रशासन के लिए हालात संभालना चुनौतीपूर्ण हो गया।
पुलिस और प्रशासन के हस्तक्षेप के बावजूद प्रदर्शन जारी
प्रदर्शन को रोकने के लिए तहसीलदार अलका सिंह, सीओ दीपक और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे। हालांकि, स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक हो गई। बावजूद इसके, प्रशासन उन्हें शांत कराने में सफल नहीं हो सका।
बाद में, तहसीलदार अलका सिंह ने प्रदर्शनकारियों को डीएम दिव्या मित्तल से फोन पर बात कराई। बातचीत के बाद प्रशासन ने एक सप्ताह के भीतर सड़क पर पानी डलवाने और 30 अप्रैल तक सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही ग्रामीणों ने सड़क जाम हटाने पर सहमति जताई।
पहले ही दी थी आंदोलन की चेतावनी
गौरतलब है कि हिंदूवादी नेता प्रमोद मिश्रा ने लगभग 20 दिन पहले डीएम को ज्ञापन सौंपकर 15 दिनों के भीतर सड़क निर्माण कार्य शुरू करने की चेतावनी दी थी। उन्होंने प्रशासन को साफ कहा था कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे।
प्रदर्शन में किन्नरों की भागीदारी भी रही खास
इस विरोध प्रदर्शन की एक खास बात यह रही कि इसमें दर्जनों किन्नरों ने भी भाग लिया। उन्होंने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए सड़क निर्माण की मांग का पुरजोर समर्थन किया।
इस विरोध प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखा दिया कि जनता अपनी मूलभूत जरूरतों को लेकर कितनी सजग है। सड़क निर्माण को लेकर मिली प्रशासन की गारंटी के बाद फिलहाल प्रदर्शन खत्म हो गया है, लेकिन यदि वादे पूरे नहीं किए गए, तो आंदोलन और तेज हो सकता है। अब देखना होगा कि 30 अप्रैल तक सड़क निर्माण कार्य शुरू होता है या फिर प्रशासन को नए सिरे से विरोध का सामना करना पड़ेगा।

Author: जगदंबा उपाध्याय, मुख्य व्यवसाय प्रभारी
जिद है दुनिया जीतने की