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आसमानी कहर से तंग आकर ताश के पत्तों की तरह भरभरा कर बिखर गई चार मंजिला इमारत; एक दिन में आठ मौतें

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मनोज उनियाल की रिपोर्ट 

शिमला। मानसून सीजन अब जानलेवा बन गया है। हर दिन मानसून के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में प्रदेश के लोगों को जान खोनी पड़ रही है। शनिवार को भी प्रदेश में मानसून के कारण हुई दुर्घटनाओं कुल आठ लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा। राज्य आपदा प्रबंधन प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार बिलासपुर, चंबा, मंडी, शिमला, सोलन, और ऊना जिला में एक एक मौत हुई है। वहीं सिरमौर जिला में दो लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा है। इनमें से कुछ मौतें सडक़ हादसों में पेश आई हैं, तो वहीं डूबने से, बिजली का करंट लगने और सांप के काटने से हुई है। मौसम विभाग की चेतावनी के बीच शनिवार को प्रदेश के ज्यादात्तर क्षेत्रों में बारिश की झड़ी लगी रही है।

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हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश कहर बरपा रही है। जिसका असर आम-आदमी की जिंदगी पर देखने को मिल रहा है। शनिवार को शिमला जिले के चौपाल में चार मंजिला इमारत भरभरा कर ढह गई। बताया जा रहा है कि बहुमंजिला इमारत की नींव कच्ची थी।

प्रदेश में भारी बारिश से लगातार जानमाल के नुकसान का सिलसिला जारी है। पूरे प्रदेश में जनजीवन अस्त-व्यस्त है। कुल्लू और बिलासपुर में बादल फटने की बड़ी आपदाओं के साथ चंबा, मंडी और शिमला जिले में भारी नुकसान है।

जानकारी के मुताबिक हादसे के वक्त इमारत में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। बताया जा रहा है कि इमारत को असुरक्षित देखते हुए प्रशासन ने इस बहुमंजिला भवन को खाली करवा लिया था। इमारत में यूको बैंक की शाखा के साथ रेस्तरां और ढाबे भी चल रहे थे।

केदरानाथ यात्रा पर प्रशासन ने लगाई रोक

उत्तराखंड में जारी केदारनाथ यात्रा को प्रशासन ने रोक दिया है। अमरनाथ यात्रा के दौरान हुए हादसे के बाद प्रशासन ने कदम उठाते हुए इसपर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। प्रशासन ने यह फैसला मूसलाधार बारिश होने के चलते लिया है, ताकि कोई घटना न घटे और यात्री सुरक्षित रहें। मौसम विभाग ने पहले ही अलर्ट जारी किया था और रुद्रप्रयाग जिले में काफी समय से भारी बारिश हो रही है। बारिश के कारण कई जगहों पर पत्थर भी गिरे हैं, जिससे हाईवे पर सफ़र करना खतरे से कम नहीं है।

वहीं 6 जुलाई को कुल्लू की मणिकर्ण घाटी में बादल फटने से काफी नुकसान हुआ था। घाटी के मलाणा में बादल फटने के कारण आई बाढ़ से जहां स्थानीय लोगों के आठ से 10 करीब वाहन बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। उधर शिमला के धाली इलाके में मंगलवार शाम को भारी बारिश के बीच एक लड़की की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। जब भूस्खलन हुआ तब लड़की सड़क किनारे सो रही थी। घायल लोगों को बचा लिया गया था और अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मलबे की चपेट में कुछ वाहन भी आए थे। इसके अलावा अमरनाथ यात्रा पर प्रशासन ने रोक लगा दी।

सोलन जिला के कसौली में भूस्खलन के कारण एक चट्टान गाड़ी के ऊपर गिर गई है। कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई हैं, जबिक कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की दैनिक रिपोर्ट के अनुसार राज्य में शनिवार को भूस्खलन से 14 सडक़ें और 13 बिजली ट्रांसफार्मर बंद रहे। चंबा जिला में 6 सडक़ें, कांगड़ा जिला में एक सडक़, कुल्लु, लाहौल स्पीति और सिरमौर में 2-2 सडक़ें बंद रही। मंडी में भी एक सडक़ बंद है। पिछले 24 घंटों में मंडी के कटौला में सर्वाधिक 126 मिमी बारिश हुई।

आज भी ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने पूर्वानुमान में आगामी चार दिन भारी बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि राज्य में 12 जुलाई तक मौसम खराब रहेगा। बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों में 10 जुलाई को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं किन्नौर और लाहुल-स्पीति को छोडक़र शेष 10 जिलों में 11 व 13 जुलाई को यलो अलर्ट रहेगा।

बरसात में अब तक मौतें

कुल्लू 16, मंडी 10, चंबा 07, शिमला 07, हमीरपुर 06, सिरमौर 05, सोलन 04, ऊना 04, बिलासपुर 03, कांगड़ा 02, किन्नौर 01

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