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मासूम सा चेहरा और शैतानों सा भयंकर इरादा रखने वाले “उजैर” को सदा के लिए सुला दिया भारतीय जवानों ने

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मोहन द्विवेदी की खास रिपोर्ट 

भारतीय सेना ने जवानों के बलिदान का बदला ले लिया है। दरअसल, सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर उजैर खान को मार गिराया है। उस पर 10 लाख रुपए का इनाम था। इसके अलावा सेना को एक अन्य आतंकी की भी लाश मिली है। उजैर खान के खात्मे के साथ ही अनंतनाग में बीते एक सप्ताह से चली आ रही मुठभेड़ भी खत्म हो गई।

भारतीय सेना ने अनंतनाग में आतंक के उजैर को हमेशा के लिए बुझा दिया है। लश्कर ए तैयबा कमांडर उजैर खान सहित दो आतंकी मारे गए हैं। भारतीय सेना दूसरे आतंकी का शव अभी अपने कब्जे में नहीं ले पाई लेकिन वह एक पहाड़ी पर दिखाई दे रहा है। सात दिन से चल रही यह मुठभेड़ इन आतंकियों के मारे जाने के साथ समाप्त हो गई है लेकिन भारतीय सैन्य बलों का तलाशी अभियान अभी भी जारी है। यहां अभी आतंकी ठिकाने या फिर उनसे जुड़े युद्धक सामग्री होने की संभावना है।

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गौरतलब है कि एक बेहद ही पुख्ता खुफिया सूचना के आधार पर सेना की 19वीं राष्ट्रीय राइफल्स, जम्मू कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ टुकड़ी के साथ कोकेरनाग के गंडोल जंगलों में इन आतंकियों को घेरा गया था लेकिन आतंकी पहले से ही पोजीशन लेकर बैठे हुए थे। ऐसे में पहले दिन ही सेना के दो अधिकारियों और जम्मू कश्मीर पुलिस के एक अधिकारी शहीदी हो गया।

कश्मीर पुलिस के एडीजी विजय कुमार ने बताया कि इस मुठभेड़ में तीन अधिकारी और एक जवान शहीद हो गए हैं। अनंतनाग के ईनामी आतंकी उजैर खान समेत दो आतंकी को मार गिराया गया है। गंडोल के जंगलों में चल रही यह मुठभेड़ अब खत्म हो गई है लेकिन तलाशी अभियान अभी भी जारी है।

बेहद घने और खतरनाक हैं ये जंगल

कोकेरनाग में जहां मुठभेड़ हो रही थी वह कश्मीर के उन जंगलों में आता है जहां कभी सूर्य की रोशनी भी नहीं पहुंचती है। किश्तवाड़ से मुजफ्फराबाद तक 170 किलोमीटर में फैला पीरपंजाल का जंगल आतंकियों के लिए हमेशा से ही छिपने का बड़ा ठिकाना रहे हैं। यहां पहाड़ 75 से 80 डिग्री तक सीधे हैं। ऐसे में सुरक्षाबलों के लिए बहुत ही कठिन स्थिति पैदा करते हैं। आतंकी इसी ऊंचाई से घात लगाकर हमला करते हैं

बुरहान वानी को मारने वाली आरआर का सीओ शहीद

कोकेरनाग मुठभेड़ में हुई मुठभेड़ में पहले ही दिन भारतीय सेना ने दो अधिकारी और जम्मू कश्मीर पुलिस ने अपना एक अधिकारी खो दिया। इस आतंकी मुठभेड़ में राष्ट्रीय राइफल के सीओ कर्नल मनप्रीत सिंह, कंपनी कमांडर आशीष धनोच और जम्मू कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमांयू भट शहीद हो गए। कर्नल मनप्रीत सिंह 19वीं राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट को कमांड कर रहे थे। यह वही यूनिट है जिसने 2016 में आतंकी बुरहान वानी को मार गिराया था। कोकेरनाग मुठभेड़ में इसी यूनिट का सिपाही प्रदीप भी शहीद हो गया है। भारतीय सेना ने प्रदीप का शव बरामद कर लिया है। प्रदीप आपरेशन के दिन से ही गायब था।

A+ कैटेगरी का आतंकी था उजैर खान?

आतंकी बुरहान वानी की तरह की आतंकी उजैर खान A+ कैटेगरी का आतंकी थी। उसे भी कोकेरनाग में मारा गया था और इसे भी कोकेरनाग में ही मारा गया था। उजैर खान कोकेरनाग के नागम गांव का रहने वाला था। इसने 26 जुलाई 2022 में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का दामन थाम लिया था। इसके बाद यह लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर बन गया। इसने कई आतंकी हमले किए हैं। इसकी खतरनाक गतिविधि के कारण इसके सिर पर दस लाख का ईनाम था।

दस दिन में मारे गए सात आतंकी

जम्मू-कश्मीर में अचानक ही आतंकी हमला बढ़ गया है। पिछले दस दिनों में पांच से अधिक घटनाएं दर्ज की गई हैं। एक घटना रियासी में, दूसरी राजौरी में, तीसरी उरी में, चौथी बारामूला में, पांचवी कोकेरनाग और छठवीं श्रीनगर में हुई है। इसमें भारतीय सेना ने सात आतंकियों को मार गिराया है।

बता दें कि सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खात्मे के लिए 12 सितंबर को इस ऑपरेशन की शुरुआत की थी। इस ऑपरेशन के दूसरे दिन यानी 13 सितंबर को सेना के कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धोंचक और जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूँ भट बलिदान हो गए थे।

इसके बाद सुरक्षा बलों के खौफ से आतंकी वहाँ से भाग कर गैरोल गाँव में छिप गए थे। इन आतंकियों में लश्कर कमांडर उजैर खान भी था। गौरतलब है कि सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच यह मुठभेड़ जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित पीर पंजाल की पहाड़ियों में कोकरनाग के गैरोल में चल रही थी। इसलिए इसे ‘ऑपरेशन गैरोल’ भी कहा जा रहा था।

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"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."

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