आगरा

बाबा के विरोध में बाबा की कुटिया पर युवक का धरना, नारायण साकार हरि के गिरफ्तारी की मांग

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चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट

आगरा में स्थित हाथरस भगदड़ कांड को लेकर नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा की चर्चाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। इस घटनाक्रम की जांच उच्चस्तरीय कमेटी कर रही है, वहीं दूसरी तरफ आगरा के शाहगंज केदार नगर स्थित भोले बाबा की कुटिया पर कृष्ण गोपाल नामक युवक धरना देने पहुंच गया है। यह युवक कुटिया पर बैठकर हनुमान चालीसा पढ़ने लगा और उसने बाबा को भगदड़ कांड का दोषी ठहराया। कृष्ण गोपाल की मांग है कि भोले बाबा को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। जब पुलिस को इसकी सूचना मिली तो उन्होंने उसे मौके से हटा दिया।

नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा 24 साल पहले आगरा के शाहगंज केदार नगर में रहते थे। आगरा विकास प्राधिकरण की केदार नगर योजना के ईडल्ब्यूएस सेक्टर डी 55 उनका मकान नंबर है, जिसे अब उनके अनुयायी ‘कुटिया’ के नाम से जानते हैं। 2 जुलाई को हुए हाथरस भगदड़ कांड के बाद भी भोले बाबा की कुटिया पर उनके चाहने वालों का आना बंद नहीं हुआ है। रोजाना सैकड़ों लोग उनके दरबार में आकर माथा टेकते हैं।

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शाहगंज क्षेत्र का निवासी कृष्ण गोपाल उपाध्याय सोमवार सुबह केदार नगर स्थित भोले बाबा की कुटिया पर पहुंचा। कृष्ण गोपाल ने वहां पर पोस्टर चस्पा कर बाबा को 123 लोगों की मौत का जिम्मेदार ठहराया है और उनकी गिरफ्तारी की मांग की।

उसने कहा कि बाबा अपने गुणगान कराते हैं, जबकि सत्संग में भगवान की आराधना होती है। कृष्ण गोपाल का आरोप है कि बाबा पाखंडवाद फैला रहे हैं।

इस दौरान कुटिया पर कृष्ण गोपाल धरना दे रहे थे और दूसरी ओर बाबा के अनुयायी वहां माथा टेकने आ रहे थे। इस दौरान कई लोगों की कृष्ण गोपाल के साथ नोकझोंक भी हो गई। पुलिस को जब इसकी जानकारी मिली तो थाना पुलिस ने पहुंचकर कृष्ण गोपाल को वहां से हटा दिया।

कृष्ण गोपाल पहले दक्षिण विधानसभा से चुनाव लड़ चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह अपनी राजनीति चमकाने के लिए यह पॉलिटिकल स्टंट कर रहे थे।

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"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."

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