संभल में धनवर्षा कराने के नाम पर एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो गरीब परिवारों को ठगने और लड़कियों का शोषण करने में संलिप्त था। पुलिस जांच में 200 से अधिक अश्लील वीडियो, दुर्लभ जीव-जंतु और अवैध हथियार बरामद हुए हैं। जानें इस चौंकाने वाले मामले की पूरी जानकारी।
संभल में एक बड़े आपराधिक गिरोह का खुलासा हुआ है, जो धनवर्षा कराने के नाम पर गरीब परिवारों को ठगने और लड़कियों का शोषण करने में संलिप्त था। पुलिस जांच में इस गिरोह के पास से 200 से अधिक अश्लील वीडियो, दुर्लभ जीव-जंतु, अवैध हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है।
गरीब परिवारों को धनवर्षा के नाम पर फंसाने की साजिश
यह गिरोह गरीब परिवारों को यह विश्वास दिलाता था कि उनकी बेटी में विशेष शक्ति है, जिसके माध्यम से तांत्रिक क्रिया करने पर घर में अपार धनवर्षा हो सकती है। इसके लिए दुर्लभ वस्तुएँ जैसे 20 नख वाला कछुआ, दो मुंहा सांप, उल्लू या विशेष नंबर वाले नोटों की आवश्यकता बताई जाती थी।
परिवारों को इस लालच में फंसाकर उनकी बेटियों को तांत्रिक क्रिया के लिए तैयार किया जाता था। अनुष्ठान के दौरान परिवार के अन्य सदस्यों को बाहर भेज दिया जाता था और इस बीच लड़कियों के साथ घिनौना अपराध किया जाता था।
गुप्त कोडवर्ड्स और टीमों का इस्तेमाल
गिरोह ने अपनी आपराधिक गतिविधियों को छिपाने के लिए तीन कोडवर्ड्स का इस्तेमाल किया:
कारीगर: तंत्र-मंत्र करने वाले व्यक्ति
मीडिया: लोगों को गुमराह करने वाली टीम
आर्टिकल: शोषण का शिकार बनने वाले लड़के, लड़कियां और महिलाएं
अश्लील वीडियो बनाकर करते थे ब्लैकमेलिंग
तांत्रिक क्रिया के नाम पर लड़कियों के शरीर की पूजा की जाती थी, फिर अनुष्ठान के बहाने उनके साथ गंदा खेल खेला जाता था। इस दौरान पूरी प्रक्रिया को गुप्त रूप से रिकॉर्ड किया जाता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इन वीडियो को अवैध वेबसाइटों पर बेचा जाता था। कई मासूम लड़कियों को इस घिनौनी साजिश का शिकार बनाया गया, और उनके परिवारों को इसकी भनक तक नहीं लगने दी जाती थी।
युवक के अपहरण से हुआ गिरोह का भंडाफोड़
गिरोह का भंडाफोड़ तब हुआ जब पुलिस को राजपाल नामक युवक के अपहरण और तांत्रिक अनुष्ठान में उसकी बलि चढ़ाने की योजना के बारे में जानकारी मिली। पुलिस ने इस मामले की गहन जांच की, जिससे यह खुलासा हुआ कि यह गिरोह पिछले कई वर्षों से लोगों को धनवर्षा कराने का झूठा वादा कर ठग रहा था।
वन्य जीवों की तस्करी और अन्य अपराध
यह गिरोह सिर्फ लड़कियों का शोषण ही नहीं करता था, बल्कि दुर्लभ वन्य जीवों की अवैध तस्करी में भी संलिप्त था। इसका नेटवर्क दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों तक फैला हुआ था। कई जिलों में यह गिरोह बहुत तेजी से अपने आपराधिक जाल फैला रहा था।
पुलिस ने गिरोह से बरामद किए अहम सबूत
पुलिस ने इस गिरोह के पास से 200 से अधिक अश्लील वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग, मोबाइल फोन, तांत्रिक क्रियाओं में प्रयुक्त सामग्री, दुर्लभ प्रजाति के कछुए और अन्य वन्य जीव और अवैध हथियार बरामद किए हैं। इन सबूतों से गिरोह के वर्षों से चल रहे घिनौने कृत्यों का खुलासा हुआ है।
7-8 वर्षों से चल रहा था शोषण
जांच में पता चला है कि यह गिरोह पिछले 7-8 वर्षों से सक्रिय था और इस दौरान सैकड़ों मासूम लड़कियों और गरीब परिवारों को अपनी साजिश का शिकार बना चुका था। फिलहाल पुलिस ने गिरोह के 14 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
यह मामला अंधविश्वास और लालच के नाम पर चलाए जा रहे एक घिनौने खेल का उदाहरण है, जिसमें निर्दोष लड़कियों को फंसाकर उनका शारीरिक और मानसिक शोषण किया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से इस आपराधिक गिरोह का पर्दाफाश हो सका, लेकिन यह घटना समाज को सतर्क रहने और अंधविश्वास से बचने का महत्वपूर्ण संदेश देती है।
➡️अब्दुल मोबीन सिद्दीकी की रिपोर्ट

Author: samachardarpan24
जिद है दुनिया जीतने की