नरैनी, बांदा: ग्राम पंचायत मुकेरा में दबंगई का एक और मामला सामने आया है, जहां सरकारी हैंडपंप पर कब्जा कर मुहल्लेवासियों को पानी के लिए तरसने पर मजबूर कर दिया गया है। यह हैंडपंप वर्षों पहले ग्राम पंचायत द्वारा राजपूत मुहल्ले में कमलेश राजपूत के घर के सामने लगाया गया था, जिससे आसपास के सैकड़ों लोग पानी भरते थे।
दबंगई का मामला
पिछले वर्ष, कमलेश राजपूत ने अपने घर के सामने लगे इस सार्वजनिक हैंडपंप को कब्जे में लेने के लिए उसके चारों ओर कटीली झाड़ियों की बाड़ी लगा दी। इसके बाद, उसने स्थानीय निवासियों को हैंडपंप से पानी भरने से रोक दिया। जब लोगों ने विरोध किया, तो वह अभद्रता पर उतर आया और झगड़े पर आमादा हो गया।
प्रशासन को खुली चुनौती
ग्राम प्रधान ने भी उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह किसी की सुनने को तैयार नहीं था। उल्टा उसने खुलेआम धमकी दी कि चाहे जो भी शिकायत करे, कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। दबंग की इन धमकियों से परेशान होकर मुहल्ले की महिलाएं – ललता (पत्नी रामकिशोर), कैलसिया (पत्नी रामकेश), केशकली (पत्नी रामेश्वर), केतकी (पत्नी धर्मेंद्र) और ऊषा (पत्नी सुरेश) सहित कई अन्य लोग उपजिलाधिकारी नरैनी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पानी की विकट समस्या को लेकर अपनी शिकायत दर्ज कराई और न्याय की गुहार लगाई।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
उपजिलाधिकारी नरैनी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल क्षेत्राधिकारी नरैनी को कार्रवाई के निर्देश दिए। अब देखना यह होगा कि प्रशासन मुहल्लेवासियों को इस समस्या से कितनी जल्दी राहत दिलाता है या फिर लोगों को न्याय के लिए और संघर्ष करना पड़ेगा।
यह मामला न केवल प्रशासनिक निष्क्रियता को दर्शाता है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करता है कि क्या आम नागरिकों के बुनियादी अधिकारों की रक्षा संभव है? प्रशासन की तत्परता और निष्पक्ष कार्रवाई ही इस समस्या का स्थायी समाधान दे सकती है।
➡️सोनू करवरिया की रिपोर्ट

Author: samachardarpan24
जिद है दुनिया जीतने की