“जानिए भारत में वक्फ संपत्तियों की संपूर्ण जानकारी, सबसे अमीर वक्फ बोर्ड, प्रमुख राज्यों और शहरों में स्थित बहुमूल्य संपत्तियां, और उनकी आर्थिक स्थिति।”
मोदी सरकार ने हाल ही में वक्फ नियमों में संशोधन करने वाला बिल लोकसभा में पेश किया है। भारत में वक्फ संपत्तियां एक महत्वपूर्ण विषय हैं क्योंकि यह देश की सबसे बड़ी गैर-सरकारी संपत्ति धारकों में से एक है। आइए जानते हैं कि किन राज्यों और शहरों में वक्फ की सबसे अधिक संपत्तियां हैं और उनका आर्थिक महत्व क्या है।
सबसे अधिक वक्फ संपत्तियां वाला शहर: हैदराबाद
हैदराबाद को भारत की ‘वक्फ राजधानी’ कहा जाता है क्योंकि अकेले इस शहर में वक्फ की 77,000 संपत्तियां हैं। यह देश की 30% वक्फ संपत्तियों का घर है।
हैदराबाद में वक्फ की प्रमुख संपत्तियां
मक्का मस्जिद: 400 साल पुरानी यह मस्जिद 10 एकड़ से अधिक भूमि पर स्थित है।
चारमीनार क्षेत्र: इसमें कई वाणिज्यिक दुकानें शामिल हैं, जो सालाना करोड़ों रुपये की आय उत्पन्न करती हैं।
दक्कन क्षेत्र की निज़ामी संपत्तियां: हज़ारों एकड़ ज़मीन जो निज़ामों ने दान में दी थी।
सबसे अमीर वक्फ बोर्ड: तेलंगाना
तेलंगाना का वक्फ बोर्ड भारत का सबसे अमीर वक्फ बोर्ड है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 1.2 लाख वक्फ संपत्तियां हैं।
तेलंगाना वक्फ बोर्ड की विशेषताएं
सालाना आय ₹500 करोड़ (किराए और दान से)।
कई ऐतिहासिक और व्यावसायिक संपत्तियां इसके अंतर्गत आती हैं।
आंध्र प्रदेश में 85% वक्फ संपत्तियां ग्रामीण इलाकों में स्थित हैं।
वक्फ संपत्तियों के लिहाज से सबसे बड़ा राज्य: उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में 1.5 लाख वक्फ संपत्तियां हैं, जो भारत की कुल वक्फ संपत्तियों का 20% से अधिक है। हालाँकि, संपत्तियों की कुल कीमत के आधार पर यह दूसरे स्थान पर आता है।
उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियां
लखनऊ: बड़ा इमामबाड़ा और कई मस्जिदों की जमीनें।
कानपुर, मेरठ, मुरादाबाद: औद्योगिक भूमि और धार्मिक स्थल वक्फ के अधीन हैं।
अन्य प्रमुख राज्य जहां वक्फ की अधिक संपत्तियां हैं:
कर्नाटक:
बेंगलुरु, गुलबर्गा, बीदर में 30,000 से अधिक वक्फ संपत्तियां।
2023 की रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु की 90% वक्फ ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा है।
पश्चिम बंगाल:
कोलकाता और मुर्शिदाबाद में ऐतिहासिक मस्जिदें और मकबरे।
हुगली नदी के किनारे स्थित वाणिज्यिक भूमि।
सबसे मूल्यवान वक्फ संपत्तियों वाले शहर:
1. हैदराबाद (तेलंगाना):
मक्का मस्जिद परिसर (अनुमानित मूल्य: ₹5,000 करोड़ से अधिक)।
चारमीनार के आसपास की दुकानें (हर साल ₹50 करोड़ से अधिक की आय)।
2. दिल्ली:
जामा मस्जिद और आसपास की भूमि (₹3,000 करोड़ से अधिक)।
निज़ामुद्दीन दरगाह क्षेत्र की होटल्स और दुकानें।
3. अजमेर (राजस्थान):
अजमेर शरीफ दरगाह (सालाना चढ़ावा: ₹100 करोड़ से अधिक)।
4. मुंबई (महाराष्ट्र):
हाजी अली दरगाह (समुद्र तट के पास प्रीमियम ज़मीन)।
रोचक तथ्य
तेलंगाना वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का कुल मूल्य ₹1 लाख करोड़ से अधिक है।
उत्तर प्रदेश में वक्फ ज़मीन का 40% हिस्सा कृषि योग्य है, जिससे बोर्ड को बड़ी आय होती है।
केरल में वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन सबसे अधिक पारदर्शी माना जाता है।
भारत में 75% वक्फ संपत्तियों का वास्तविक मूल्य सरकारी रिकॉर्ड से कहीं अधिक है।
भारत में वक्फ संपत्तियों की संख्या और उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए, इनका सही प्रबंधन और पारदर्शिता बेहद आवश्यक है। सरकार द्वारा प्रस्तावित संशोधन वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रशासन की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है।
➡️अंजनी कुमार त्रिपाठी की रिपोर्ट

Author: samachardarpan24
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