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November 22, 2024 12:01 pm

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फिल्म में मेरिटल रेप सीन पर लोगों की उठी आवाज ; रेप कानून की नजर में अपराध है?

14 पाठकों ने अब तक पढा

टिक्कू आपचे की रिपोर्ट

फिल्म एनिमल (Film Animal) सुपरहिट हो चुकी है। फिल्म की कहानी से लेकर उसके विवादित सीन लोगों के बीच चर्चा का विषय है।

ऐसा ही एक सीन है जिसमें बॉबी देओल अपने बेडरूम में अपनी तीसरी पत्नी के साथ हैं। फिल्म बॉबी विलेन का रोल निभा रहे हैं। उनका नाम अबरार है। इस सीन में वो अपनी तीसरी पत्नी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाते हैं। पत्नी की इच्छा के विरुद्ध उन्हें सेक्स के लिए मजबूर करते हैं। ये सीन काफी विवादों में हैं।

पति-पत्नी और बलात्कार!

सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी है कि क्या पत्नी की मर्जी के खिलाफ उसके साथ जोर-जबरदस्ती करना गलत नहीं है। मैरिटल रेप को क्यों दिखाया जा रहा रहा है।

बहरहाल ये तो फिल्म की बात हुई। फिल्म में विलेन को और ज्यादा क्रूर दिखाने के लिए ऐसे सीन डाले गए हैं, लेकिन सवाल है कि क्या मैरिटल रेप सच में अपराध है? पति-पत्नी के बीच बेडरूम क्या होता है, क्या पत्नी उस बात के लिए पति पर रेप के आरोप लगा सकती है?

गाजियाबाद की महिला ने लगाया था मैरिटल रेप का आरोप

इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक मैरिटल रेप का मामला आया। दरअसल गाजियाबाद के एक थाने में एक पत्नी ने अपने पति के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। पत्नी ने पति पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे।

ये मामला पहले गाजियाबाद की एक कोर्ट में पहुंचा। शिकायतकर्ता ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि उनका विवाह एक अपमानजनक रिश्ता था और पति ने कथित तौर पर उसके साथ मौखिक और शारीरिक दुर्व्यवहार और जबरदस्ती की, जिसमें अप्राकृतिक यौनाचार भी शामिल था।

‘मैरिटल रेप में पति नहीं है अपराधी’

निचली अदालत ने पति को दोषी ठहराया, लेकिन ये मामला जब इलाहाबाद हाईकोर्ट में पहुंचा तो कोर्ट ने मैरिटल रेप मामले में पति को अपराधी नहीं माना।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि यदि पत्नी की उम्र 18 वर्ष से अधिक है तो वैवाहिक बलात्कार को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत अपराध नहीं माना जा सकता।

कोर्ट ने आगे कहा कि वैवाहिक रिश्ते में किसी भी ‘अप्राकृतिक अपराध’ (आईपीसी धारा 377) के लिए कोई जगह नहीं है

मैरिटल रेप मामले में बंटा हुआ है समाज

दरअसल मैरिटल रेप को लेकर समाज दो वर्ग में बंटा हुआ है। कुछ लोगों का मानना है कि मैरिटल रेप को लेकर कड़ा कानून बनना चाहिए और इस मामले में सजा के प्रावधान होने चाहिए, जबकि दूसरा वर्ग कहता है कि अगर ये कानून बन गया तो इसका गलत इस्तेमाल हो सकता है।

ऐसे लोगों का मानना है कि पत्नी के साथ बिना उसकी इच्छा के भी संबंध बनाना गलत नहीं हो सकता। ऐसे लोग इसे संस्कृति के लिए खतरा बताते हैं। मैरिटल रेप मामले सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है, लेकिन फिलहाल आईपीसी की धारा 375 के exception clause 2 के मुताबिक यह अपराध नहीं है। पति-पत्नी के बीच यौन संबंध को बलात्कार की परिभाषा से बाहर रखा गया है।

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Author: samachar

"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."

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