अंजनी कुमार त्रिपाठी की रिपोर्ट
प्रयागराज महाकुंभ से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसने संगम स्नान के बहाने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी को लगा कि महाकुंभ की लाखों की भीड़ में वह बच निकलेगा, लेकिन पुलिस की सतर्कता के चलते उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
कैसे हुआ अपराध का खुलासा?
दिल्ली निवासी अशोक वाल्मीकि अपनी पत्नी मीनाक्षी को प्रयागराज महाकुंभ में स्नान कराने लाया था। शुरुआती नजर में सबकुछ सामान्य लग रहा था—पति-पत्नी ने संगम किनारे वीडियो बनाया, जिसे सोशल मीडिया पर अपलोड भी किया। लेकिन इसी दौरान अशोक के मन में एक भयानक साजिश चल रही थी।
आरोपी ने झूंसी इलाके में एक लॉज में बिना आईडी जमा किए 500 रुपये में कमरा बुक किया। लॉज मालिक को यह कहकर भरोसे में लिया कि वह सुबह स्नान करके चला जाएगा और तभी आईडी जमा कर देगा। हालांकि, देर रात ही उसने अपनी पत्नी की धारदार हथियार से हत्या कर दी और फरार हो गया।
पत्नी को बताया लापता, मगर पुलिस ने रचा मास्टर प्लान
हत्या के बाद फरार होते ही अशोक ने अपने परिवार को फोन करके बताया कि उसकी पत्नी महाकुंभ की भीड़ में लापता हो गई है। उधर, सुबह जब लॉज में रहने वाले अन्य लोगों को बाथरूम में खून से सनी महिला की लाश मिली, तो हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती थी कि मृतका की पहचान कैसे हो।
सीसीटीवी कैमरों की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई, मगर पुलिस के पास कोई ठोस सुराग नहीं था। तभी मृतका का बेटा अपनी मां की तलाश में दिल्ली से प्रयागराज पहुंचा। जब उसने पुलिस को अपनी मां की तस्वीर दिखाई, तो पुलिस चौंक गई—यह वही महिला थी, जिसकी लाश लॉज से मिली थी।
पुलिस ने कैसे पकड़ा आरोपी?
बेटे के बयान के बाद पुलिस को शक हुआ कि महिला का पति ही मुख्य आरोपी हो सकता है। इसके बाद पुलिस ने एक रणनीति बनाई और बेटे के जरिए अशोक को प्रयागराज बुलाया। जैसे ही आरोपी प्रयागराज पहुंचा, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
अवैध संबंध बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि अशोक वाल्मीकि दिल्ली में सफाई कर्मी के पद पर कार्यरत है। उसका किसी अन्य महिला के साथ प्रेम संबंध था, जिसे लेकर उसकी पत्नी अक्सर विरोध करती थी। इसी विवाद को खत्म करने के लिए उसने महाकुंभ में आकर अपनी पत्नी को मौत के घाट उतार दिया।
इस निर्मम हत्या ने महाकुंभ जैसे पवित्र आयोजन को भी हिला कर रख दिया। हालांकि, पुलिस की सतर्कता और सूझबूझ से इस जघन्य अपराध का पर्दाफाश हो गया। यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।
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Author: जगदंबा उपाध्याय, मुख्य व्यवसाय प्रभारी
जिद है दुनिया जीतने की