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28 February 2025 8:27 pm

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बंद हो गई चिटफंड कंपनी, तो भागे आए लोग, आक्रामक भीड़ देख बुलानी पडी पुलिस

73 पाठकों ने अब तक पढा

ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट

बदायूं: मीरा सराय रोड स्थित एक चिटफंड कंपनी पर ग्राहकों ने जमापूंजी हड़पने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को जमकर हंगामा किया। नाराज ग्राहकों ने कंपनी के कार्यालय में तोड़फोड़ की और कंप्यूटर, प्रिंटर मशीन सहित अन्य सामान उठा ले गए।

भुगतान में देरी से भड़के ग्राहक, सड़क पर लगाया जाम

हंगामे की सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन दो घंटे तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। इस दौरान रोड पर लंबा जाम लग गया। पुलिस के समझाने-बुझाने के बावजूद ग्राहक अपनी राशि वापस पाने की मांग पर अड़े रहे। आखिरकार, कंपनी के मालिक ने फोन पर जल्द भुगतान का आश्वासन दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।

चिटफंड कंपनी के बंद दफ्तर के बाहर घबडाए लोग

कई वर्षों से संचालित थी चिटफंड कंपनी

बदायूं के मीरा सराय रोड पर स्थित इस चिटफंड कंपनी की मुख्य ब्रांच बरेली में है और यहां से करीब 80 एजेंट कार्यरत थे। जिलेभर के हजारों ग्राहकों ने आरडी (रिकरिंग डिपॉजिट) और एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) के जरिए निवेश किया था।

हालांकि, कुछ महीने पहले कंपनी के स्थानीय मैनेजर की मौत हो गई, जिसके बाद नए मैनेजर भी नौकरी छोड़कर चले गए। नतीजतन, ग्राहकों को भुगतान में देरी होने लगी, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई।

कंपनी बंद होने की खबर से बढ़ा आक्रोश

गुरुवार को जब ग्राहकों को कंपनी के अचानक बंद होने की खबर मिली, तो वे बड़ी संख्या में कार्यालय पहुंचे और अपनी जमा पूंजी की मांग करने लगे। जैसे-जैसे भीड़ बढ़ी, हंगामा उग्र हो गया और कुछ ग्राहक कार्यालय से सामान उठाकर ले जाने लगे।

स्थिति बिगड़ती देख कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे क्राइम इंस्पेक्टर अशोक कुमार और उनकी टीम ने हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित ग्राहक किसी भी कीमत पर अपना पैसा वापस लेने की मांग पर अड़े रहे।

पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मिला भुगतान का आश्वासन

बढ़ते हंगामे को देखते हुए पुलिस ने चिटफंड कंपनी के मालिक से संपर्क किया। कंपनी के मालिक, जो बरेली में रहते हैं, ने मई 2025 तक सभी ग्राहकों को भुगतान करने का आश्वासन दिया। मालिक के इस बयान के बाद ग्राहक शांत हुए और मामला ठंडा पड़ा।

ग्राहकों का छलका दर्द

दीप्ती (सराय नहार खां निवासी): “मैंने इस कंपनी में एक लाख रुपये एफडी में लगाए थे। समय पूरा हो गया है, लेकिन दो महीने से भुगतान नहीं मिल रहा है। हमारी मेहनत की कमाई डूब गई।”

सुनीता (शहबाजपुर निवासी): “मैंने रोजाना 50 से 150 रुपये तक आरडी में जमा किए थे। समय पूरा होने के बाद भी पैसा नहीं मिल रहा। यह कंपनी हमें बर्बाद कर चुकी है।”

पुलिस करेगी जांच, कार्रवाई की प्रतीक्षा

सदर कोतवाल प्रवीण सिंह ने बताया कि हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। ग्राहकों को शांत कर आश्वासन दिया गया कि मामले की जांच कर न्याय दिलाया जाएगा।

हालांकि, अब तक किसी पक्ष ने पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना उन निवेशकों के लिए सबक है, जो बिना पूरी जानकारी लिए चिटफंड कंपनियों में पैसा लगाते हैं। ग्राहकों को चाहिए कि वे आरबीआई और सेबी द्वारा मान्यता प्राप्त कंपनियों में ही निवेश करें, ताकि उनकी मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सके।

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