ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट
रायबरेली पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सक्रिय दो शातिर ठगी गैंग का भंडाफोड़ किया है। इनमें से एक गैंग तमिलनाडु का है, जबकि दूसरा गैंग सुल्तानपुर, आजमगढ़ और जौनपुर के बदमाशों का गठजोड़ है। दोनों गैंग के अपराध का तरीका एक जैसा था, जिससे पुलिस के लिए इन्हें पकड़ना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था।
तमिलनाडु गैंग: भीड़भाड़ वाले इलाकों में महिलाओं को बनाते थे शिकार
तमिलनाडु से जुड़े इस गैंग का मुख्य काम भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिलाओं के गहने चुराना था। ये अपराधी खासतौर पर धार्मिक स्थलों और बाजारों को निशाना बनाते थे, जहां महिलाओं की भीड़ अधिक होती थी। इस गैंग की सबसे खास बात यह थी कि इसमें शामिल महिलाएं फर्राटेदार हिंदी बोलती थीं और उनका पहनावा किसी कुलीन परिवार की महिलाओं जैसा होता था, जिससे उन पर कोई शक नहीं करता था।
इस गिरोह ने साउथ दिल्ली को अपना हेडक्वार्टर बना रखा था। वहां से निकलकर वे अलग-अलग राज्यों में घूमते थे और चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। इनकी गतिविधियों को गुप्त रखने के लिए गैंग के सदस्यों ने अपनी लग्जरी कार को ही चलता-फिरता घर बना लिया था, जिसमें खाना पकाने के लिए सिलेंडर और अन्य जरूरी सामान मौजूद रहता था। इस वजह से वे किसी होटल में नहीं रुकते थे और पुलिस की नजरों से बचने में सफल रहते थे।
अंतर्जनपदीय गैंग: ई-रिक्शा में बैठकर चेन स्नैचिंग
दूसरा गैंग, जो सुल्तानपुर, आजमगढ़ और जौनपुर से जुड़ा हुआ था, ई-रिक्शा और अन्य सार्वजनिक वाहनों में चोरी करने में माहिर था। यह गैंग खासकर उन ई-रिक्शा में सवार होता था, जिनमें पहले से महिलाएं बैठी होती थीं। जैसे ही गैंग की महिलाएं सवारियों के पास बैठतीं, वे चुपके से उनके गले से चेन या अन्य आभूषण निकाल लेतीं और अगले स्टॉप पर उतर जाती थीं। उनके साथी पुरुष अपराध के बाद उन्हें पहले से खड़ी महंगी कार में बैठाकर फरार हो जाते थे।
पुलिस के मुताबिक, इस गैंग के सदस्य वारदात को अंजाम देने के बाद स्कॉर्पियो गाड़ी में अपने-अपने जिलों में चले जाते थे। इनकी गतिविधियां मुख्य रूप से सुनसान इलाकों और व्यस्त बाजारों में देखी गईं।
पुलिस ने की सटीक कार्रवाई, 13 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस को हाल ही में इस गिरोह के खिलाफ तब ठोस सबूत मिले, जब एक स्थानीय टीचर का मंगलसूत्र चोरी हो गया। पीड़िता ने घटना की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने इन अपराधियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
पुलिस ने तमिलनाडु गैंग की चार महिलाओं समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि अंतर्जनपदीय गैंग की चार महिलाओं समेत सात लोगों को हिरासत में लिया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से ₹24,000 नगद और करीब 10 लाख रुपये के चोरी किए गए जेवर बरामद हुए हैं। इसके अलावा, दोनों गैंग की एक-एक वाहन भी जब्त की गई है।
गिरफ्तार किए गए अपराधियों की सूची
तमिलनाडु गैंग से गिरफ्तार आरोपी
1. चार महिलाएं (नाम उजागर नहीं), 2. दो पुरुष साथी
अंतर्जनपदीय गैंग से गिरफ्तार आरोपी
1. धर्मेंद्र, 2. अक्षय कुमार सोनकर, 3. अमरजीत, 4. संगीता, 5. किरण, 6. आंचल, 7. अनीता
ये सभी आरोपी सुल्तानपुर और आजमगढ़ के रहने वाले हैं।
एसपी ने की पुष्टि, आगे की कार्रवाई जारी
रायबरेली के एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि गिरोह शेखपुर समोदा कस्बे में सक्रिय था। गिरोह की महिलाएं ऑटो और ई-रिक्शा में सवार होकर अकेली महिलाओं को अपना शिकार बनाती थीं। हाल ही में एक शिक्षक का मंगलसूत्र चोरी हुआ था, जिसकी जांच के दौरान पुलिस को इन गैंग्स का सुराग मिला और फिर दोनों गिरोहों को पकड़ लिया गया।
पुलिस की सतर्कता से बड़ी सफलता
इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब अन्य जिलों में भी इनसे जुड़े लोगों की तलाश कर रही है। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। रायबरेली पुलिस की इस सटीक कार्रवाई से शहर में चोरी और ठगी करने वाले गिरोहों पर बड़ा शिकंजा कसा गया है।
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Author: जगदंबा उपाध्याय, मुख्य व्यवसाय प्रभारी
जिद है दुनिया जीतने की