चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट
गोंडा जिले में शिक्षा मानकों को पूरा न करने वाले मदरसों पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है। इस महीने में 54 मदरसे बंद किए जाएंगे।
शासन की सख्ती के बाद 22 मदरसों के प्रबंधकों ने खुद ही मदरसा बंद करने के लिए विभाग को आवेदन भेज दिया है। मदरसा शिक्षा परिषद अब इन मदरसों की मान्यता वापस लेगा।
इसके अलावा, मानकों को पूरा न करने वाले 32 मदरसों की सूची अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मदरसा शिक्षा परिषद को भेज दी है।
शासन स्तर पर मदरसा शिक्षा परिषद की बैठक में इन मदरसों की मान्यता रद्द करने का फैसला लिया जा चुका है। अब अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को आधिकारिक आदेश का इंतजार है।
जब आदेश प्राप्त हो जाएंगे, तो यू-डाइस कोड से इन मदरसों का नाम हटा दिया जाएगा और प्रबंधकों को इस निर्णय की सूचना दे दी जाएगी।
मान्यता रद्द होने के बाद, यहां पढ़ रहे छात्रों का नामांकन परिषदीय स्कूलों में कर दिया जाएगा, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि मदरसों के आधुनिकीकरण की योजना जनवरी से स्थगित कर दी गई है। इस योजना के तहत जिले के 286 मदरसों का आधुनिकीकरण होना था, जिसमें प्रत्येक मदरसा के तीन शिक्षकों को शासन स्तर से मानदेय मिलता था।
अधिकारी ने पुष्टि की कि मदरसों की मान्यता रद्द करने की सूचना मिली है, लेकिन विभाग को अभी तक कोई आधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश मिलते ही मदरसों को बंद कर दिया जाएगा।

Author: samachar
"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."