Jalaun

300 वर्ष पुराना कजली महोत्सव एवं एक दिवसीय दंगल का हुआ आयोजन

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राजकुमार दोहरे की रिपोर्ट 

उरई जालौन। ग्राम गढ़र में 300 वर्ष से हर वर्ष श्रावण मास की पूर्णमासी को प्राचीन मंदिर में विराजमान श्री माता जानकी को ग्राम वासी स्वर्गीय राम प्रसाद निरंजन ककैया के परिवार लोग मां जानकी को बहन मानते हुए अपने घर पूर्णमासी को मंदिर से घर ले जाते हैं। रक्षाबंधन त्यौहार मना करके दूसरे दिन भाद्र मास यानी कि पड़वा के दिन माता जानकी को पूरे ग्रामवासी एकत्रित महिलाएं होकर बैंड बाजे के संग अपने सर पर कजली रखकर उनकी शोभा यात्रा निकालकर तालाब में कजली विसर्जन महोत्सव धूमधाम से मनाया।

तालाब के बगल में प्राचीन मंदिर कुआं बरगद पीपल का पेड़ के बगल में मंदिर पास में दंगल अखाड़ा जहां पर बाहर से आए हुए पहलवान एक दिवसीय दंगल में अपने दाव पेंच से लोगों का मनोरंजन किया। हजारों की संख्या में भीड़ देखने वालों की ग्रामवासी क्षेत्रवासी लोग लोगों ने आनंद लिया।

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दंगल का आयोजन ग्राम वासियों के सहयोग से किया जाता है। दंगल का संचालन पूर्व प्रधान सुनील शर्मा, ने किया एवं अखाड़े की शोभा लल्लू राम निरंजन पूर्व प्रधान, मिथिलेश प्रधान वर्तमान, कल्लू दोंदेरिया, एवं पहलवान का जोड़ भरने की एवं कुश्ती कराने वाले रेफरी मूलचंद चौरसिया, छुन्नू यज्ञिक, हरिराम यादव मंगल तिवारी राम सिया डोलिया प्रभु दयाल बादल रामेश्वर यादव विजय सिंह निरंजन आदि ने अखाड़े का सहयोग किया।

कुश्ती लड़ने वालों में सोनू पहलवान इगुई गोलू पहलवान कुठौंदा के बीच रोमांचक कुश्ती हुई पुष्पेंद्र बडेरा पुष्पेंद्र बडेरा कल्लू पहलवान उरई अजय प्रताप चुर्खी अरविंद कुठौंदा पंकज पाल बहुत पूरा अमन यादव गढ़र आदि। 

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"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."

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