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लोकसभा चुनाव के दौरान फैलाने वाले थे महा आतंक ; 2 पाकिस्तानी सहित एक कश्मीरी आतंकी गिरफ्तार

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चुन्नीलाल प्रधान और मिश्रीलाल कोरी की रिपोर्ट

गोंडा : उत्तर प्रदेश एटीएस ने दो पाकिस्तानियों समेत तीन संदिग्धों को नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया है। तीनों ही हिजबुल मुजाहिद्दीन के ट्रेनिंग कैंप में प्रशिक्षण ले चुके हैं और लोकसभा चुनाव और रामनवमी के दौरान गड़बड़ी फैलाने की तैयारी में थे। एटीएस को तीनों संदिग्धों की छह दिन की कस्टडी रिमांड मिल गई है। 

एटीएस के मुताबिक सूचना मिली थी कि पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद से कुछ पाकिस्तानी नागरिक नेपाल सीमा के जरिए अवैध तरीके से भारत भेजे जा रहे हैं। इन लोगों को आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए भेजा जा रहा है। 

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एटीएस की गोरखपुर इकाई ने सूचना के आधार पर नेपाल सीमा पर शेख फरेंदा गांव स्थित गुप्त रास्ते से आने वाले हैं। एटीएस टीम ने नेपाल-भारत (सोनौली बॉर्डर) से रावलपिंडी निवासी मोहम्मद अल्ताफ भट, इस्लामाबाद निवासी सैयद गजनफर और श्रीनगर निवासी नासिर अली को गिरफ्तार कर लिया।

कारगिल युद्ध के बाद बन गया पाकिस्तानी

एटीएस द्वारा गिरफ्तार मोहम्मद अल्ताफ भट ने पूछताछ में बताया कि उसका जन्म कश्मीर में हुआ था। लेकिन कारगिल युद्ध के बाद वह हिजबुल मुजाहिद्दीन के एक आतंकी के साथ ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान चला गया। उसने हिजबुल के मुजफ्फराबाद कैंप में जेहाद के लिए ट्रेनिंग ली। 

अलताफ़ ने हिजबुल के कैम्प में असलहों की ट्रेनिंग ली। अलताफ़ हिजबुल मुजाहिदीन का साहित्य पढ़कर व अन्य जेहादी संगठनो के अमीर/उस्तादों की तकरीरें (भाषण) सुनकर उनसे काफी प्रभावित है।

अल्ताफ ने बताया कि वह हमेशा से ही चाहता था कि कश्मीर, पाकिस्तान का हिस्सा बने। अलताफ़ ने बताया कि आईएसआई, कश्मीर स्थित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के साथ मिलकर भारत में आतंक फैलाने के लिए भारतीय लोगों को अपनी तंजीम में जोड़ रहे हैंl 

अलताफ़ को हिजबुल के मुजाहिदों से हिदायत मिली थी कि वो नेपाल के रास्ते जम्मू-कश्मीर पहुंचें। वहां पहुंचने के बाद उसे आगे क्या करना है, यह बताया जाना था।

नेपाल में नासिर ने दिलाए फर्जी पहचान पत्र

अलताफ़ को नेपाल मे ही आईएसआई से जुड़ा नासिर मिला। नासिर ने ही अलताफ़ और गजनफर को फर्जी भारतीय आधार कार्ड उपलब्ध कराया। शेख फरेन्दा गांव से भारत आने का रास्ता भी नासिर ने ही बताया। 

नासिर अली मूल रूप से कश्मीर का रहने वाला है और व्हाट्सएप के जरिए वह आईएसआई एजेंट सलीम से जुड़ा था। 

सलीम ने नासिर से कहा था कि तुम्हारे मामू गजनफर के साथ एक व्यक्ति को पाकिस्तान से भेज रहे हैं। जो काठमांडू में मिलेंगे, उन्हें लेकर जम्मू-कश्मीर जाना है।

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"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."

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