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3 April 2025 10:12 pm

कथा के बाद यजमान की पत्नी को ले उड़ा कथावाचक का चेला, महिला बोली- मैं पति के साथ नहीं रहूंगी

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सरिता विश्वकर्मा की रिपोर्ट 

छतरपुर: एमपी (MP) के छतरपुर जिले में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यह मामला पंडित धीरेंद्र आचार्य के शिष्य से जुड़ा हुआ है। उनका एक शिष्य नरोत्तम दास दुबे है जो कथा करने के लिए छतरपुर जिले के गांव में गया था। गांव में राहुल तिवारी नाम का शख्स यजमान बना था। नरोत्तम दास दुबे कथा के दौरान यजमान की पत्नी को फांस लिए। यजमान की पत्नी को कथावाचक से प्यार हो गया है। इसकी शुरुआत 2021 में हुई थी। दोनों आपस में बात करने लगे।

पांच अप्रैल 2022 को कथावाचक नरोत्तम दास दुबे यजमान की पत्नी के लेकर फरार हो गए। एक महीने तक पति अपनी पत्नी के लौटने का का इंतजार करता रहा। इसके बावजूद पत्नी नहीं लौटी। अब पति ने छतरपुर एसपी से मिलकर कथावाचक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। पुलिस आरोपी कथावाचक की तलाश में जुटी है। वहीं, महिला का एक बच्चा है। महिला के पति ने बताया कि हमने सिटी कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

पुलिस के सामने थाने में महिला दो दिन पहले पेश हुई थी। छतरपुर पुलिस ने महिला के पति को भी बुलाया था। महिला ने पुलिस के सामने पति से कहा कि हमें तुम्हारे साथ नहीं रहना है। पति ने कहा कि आरोपी नरोत्तम दास दुबे चित्रकूट में रहने वाले जगद्गुरु धीरेंद्राचार्य का शिष्य है। उन्होंने ही कथा के लिए भेजा था। पति ने कहा कि दोनों ने भागकर शादी कर ली है।

कथावाचक से कर ली शादी

पति के अनुसार उसकी शादी 2014 में हुई थी। आठ साल का एक लड़का है। पत्नी ने घर से जूलरी और 80 हजार रुपए लेकर कथावाचक के साथ भागी है। उनके साथ शादी भी कर ली है। जूलरी की कीमत करीब दो-ढाई लाख रुपए है। हम भी अब अपनी पत्नी को साथ नहीं रखना चाहते हैं लेकिन कथावाचक को सजा मिले।

छतरपुर एसपी अमित सांघी ने कहा कि महिला कोतवाली थाना क्षेत्र से गई थी। वह विवाहित है। गुमशुदगी की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज करवाई गई थी। उस महिला के एसडीएम के समक्ष बयान करवाए गए हैं। महिला ने बताया कि उसका पति परेशान करता था, इसलिए वह घर से चली गई है। अभी कुछ मामला नहीं बना है। जांच चल रही है। अगर कोई संज्ञेय अपराध बनेगा तो कार्रवाई की जाएगी।

samachar
Author: samachar

"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."