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4 April 2025 2:29 am

संपूर्ण समाधान दिवस के 243 में से 15 मामलों का त्वरित निस्तारण

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ओम प्रकाश पाण्डेय की रिपोर्ट

बांसडीह(बलिया)। जिलाधिकारी बलिया इंद्र बिक्रम सिंह की अध्यक्षता में बांसडीह तहसील सभागार में तहसील समाधान दिवस का आयोजन किया गया।

तहसील समाधान दिवस में कुल लगभग 243 मामले आये जिसमे 15 का मौके पर निस्तारण किया गया। और बाकी सभी मामले सम्बंधित विभागों को सौप दिए गए।

बता दे कि सुबह से ही तहसील परिसर में सैकड़ो की संख्या में तहसील सभागार में फरियादियों ने अपनी फरियाद लेकर जिलाधिकारी के आने की प्रतीक्षा कर रहे थे। जैसे ही जिले के आलाधिकारियों का काफिला तहसील परिसर में पहुँचा तो फरियादियों की लंबी लाइन लग गई।

तहसील समाधान दिवस में ज्यादातर मामले राजस्व से सम्बंधित,राशन से नाम कटने व जुड़ने,पुलिस से सम्बंधित थे।

आदर गाँव मे पोखरे पर हुए अवैध अतिक्रमण की शिकायत पर जिलाधिकारी ने तुरंत टीम बनाकर अतिक्रमण मुक्त करने का निर्देश दिये।राजपुर गाँव मे जानकी सिंह पत्नी देवेन्द्र सिंह ने निजी जमीन पर बने रास्ते को पट्टीदारों द्वारा रोकने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी दीपशिखा सिंह को मामले का निस्तारण करने के लिये निर्देशित किया।

इसी तरह बरियारपुर की चंद्रावती ने गाँव की राह छवर की भूमि पर दबंगो द्वारा कब्जा कर अवरुद्ध किये जाने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने लेखपाल और कानूनगो को निर्देशित कर तुरन्त खाली कराने का निर्देश दिये।

जिलाधिकारी इंद्र बिक्रम सिंह ने कहा कि समाधान दिवस पर आई शिकायतों को विशेष प्राथमिकता पर सुनी जाए साथ ही यह सुनिश्श्चत किया जाए की निर्धारित सीमा के अंदर ही निस्तारण हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता की कोई शिकायत आते ही अपने अधीनस्थों के माध्यम से उसके समाधान में लग जाए और उसकी जवाबदेही तय करिए इसे आपका कार्य भी बेहतर ढंग से होगा और जनता को राहत भी मिलेगी। भूमि विवाद अवैध अतिक्रमण ऐसे मामलों में स्वयं जाकर मौका मुआयना कर ले।

तहसील समाधान दिवस में जिलाधिकारी के अलावे पुलिस अधीक्षक राजकरन नैय्यर, मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण वर्मा,डीएफओ श्रद्धा यादव, उपजिलाधिकारी दीपशिखा सिंह,पुलिस क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार तिवारी, तहसीलदार प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार मिश्र सहित जनपदीय अधिकारी मौजूद रहे।

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Author: samachar

"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."