हरदोई

यूपी के इन गांवों में शादी योग्य हो चुके लड़कों के लिए नहीं आ रहे हैं रिश्ते, वजह सुनकर रह जाएंगे हैरान

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दुर्गा प्रसाद शुक्ला की रिपोर्ट 

भारत हो या विदेश जब बच्चे बड़े हो जाते हैं तो उनके माता पिता उनकी Shaadi (शादी) के लिए परेशान होने लगते हैं। कुछ वक़्त बाद सबकी शादी हो भी जाती है लेकिन एक जगह ऐसी भी है जहां माता पिता की ये परेशानी ख़त्म ही नहीं हो रही है। मक्खियों की वजह से बिमारियों के फैलने के बारे में तो सभी ने पढ़ा और सुना होगा, लेकिन क्या कभी सुना है कि मक्खियों की वजह से शादियां टूट रही हैं और नए रिश्ते भी नहीं आ रहे? बात हैरान करने वाली है, लेकिन सच है।

UP के हरदोई जनपद में 10 गांव के लोग मक्खियों से परेशान हैं। आलम यह है कि जिनकी Shaadi हो गई हैं उनकी पत्नियां मायके लौट रही हैं तो वहीं Shaadi योग्य हो चुके लड़कों के लिए नए रिश्ते भी नहीं आ रहे हैं। मक्खियों के आतंक से परेशान ग्रामीणों के साथ किसान यूनियन के नेता अब अनशन पर बैठे हैं।

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जानें,  पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के अहिरोरी ब्लॉक के 10 गांव के लोग मक्खियों का प्रकोप झेल रहे हैं, जबकि शासन-प्रशासन लाचार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छता व स्वास्थ्य मिशन इन गांवों में पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। यहां मक्खियां लोगों के रिश्ते पर तलवार लेकर खड़ी हैं। कई बहुएं मायके लौट गई, जबकि कई लड़कों की शादियां नहीं हो रही। कारण सिर्फ यही है कि गांव में इतनी मक्खियां हैं कि बैठना, उठना, खाना-पीना भी मुश्किल हो गया है।

क्या है वजह, जो बढ़ रहा है मक्खियों का आतंक

थाना बेनीगंज और ब्लॉक अहिरोरी में आने वाले 10 गांव बढ़ियइन पुरवा, कुईया, पट्टी, डही, सलेमपुर, फतेहपुर, झाल पुरवा, नया गांव, देवरिया और एकघरा ऐसे गांव हैं जहां मक्खियों का आतंक है। सबसे ज्यादा आतंक बढ़ियइन पुरवा में है। बता दें कि 2014 से पहले यहां सब कुछ ठीक था। सपा सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कर कमलों द्वारा एक पोल्ट्री फार्म मेन रोड पर खुला। जिसके बाद से गांव में मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया। गांव के लोग आवाज़ उठा रहे हैं कि वहां की गंदगी की वजह से मक्खियों ने आसपास के कई गांवों में जीना हराम कर रखा है। इस मामले को लेकर किसान यूनियन ने कई बार धरना प्रदर्शन किया। कई बार प्रशासन ने उनको सांत्वना दी, लेकिन हाल वही है जैसे पहले थे।

लोगों का क्या कहना है

बढ़ईइन पुरवा गांव में मक्खियां लगातार अपना आतंक फैलाये हैं। इस गांव में काफी सफाई दिखी, लेकिन हर घर में मरीज़ भी दिखे। कुछ बच्चियों ने कहा कि उनकी पढ़ाई लिखाई मुश्किल है। खाना-पीना मुश्किल है। रात में सोना मुश्किल है। कुछ अधेड़ युवकों का कहना है कि जब रिश्ते के लिए कोई यहां आता है तो उनके मक्खियां इतनी चिपक जाती हैं कि वह रिश्ता तो दूर, कुछ खाता पीता भी नहीं हैं और यह कह कर चला जाता है कि तुम्हारे गांव में कौन रहेगा। गांव की कई महिलाओं ने यह भी कहा कि उनके बेटों की शादी के रिश्ते नहीं आते। लोग आते हैं लेकिन उनका कहना है कि तुम्हारे गांव में इतनी मक्खियां है यहां मेरी लड़की नहीं रह सकती और चले जाते हैं। एक बहू भी मिली जो अपना झोला उठाये अपने मायके जा रही थी, उसका कहना था इस गांव में वह नहीं रहेंगी, जब मक्खियां चली जाएंगे तब यहां रहेंगे।

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"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."

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