मऊ

जीतने नहीं देंगे…अरविंद राजभर हैं एनडीए के उम्मीदवार…तो भाजपाई क्यों मचा रहे हैं रार…? पढिए पूरी खबर

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जगदंबा उपाध्याय की रिपोर्ट

मऊः ओम प्रकाश राजभर की एनडीए में एंट्री होने के बाद उन्हें योगी सरकार में मंत्री भी बना दिया गया है। इसके बाद सुभासपा मुखिया ने घोसी से एनडीए उम्मीदवार के तौर पर अपने बेटे अरविंद राजभर के नाम का ऐलान भी कर दिया है।

भाजपा को उम्मीद है कि राजभर की मदद से वह पूर्वांचल की कई ओबीसी बहुल सीटों पर अजेय स्थिति में होगी। हालांकि, राजभर के एनडीए में लाने दांव भाजपा के लिए उल्टा भी पड़ सकता है। इसकी एक झांकी घोसी में देखने को मिल रही है, जहां भाजपा के कई कार्यकर्ताओं ने ओपी राजभर के बेटे की घोसी से उम्मीदवारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

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घोसी में शुक्रवार को तमाम बीजेपी कार्यकर्ता ओपी राजभर के खिलाफ सड़कों पर उतर आए और ‘योगी-मोदी से बैर नहीं, राजभर तेरी खैर नहीं’ के नारे लगाते हुए जुलूस निकाला।

उज्ज्वल मिश्रा, जिनके नेतृत्व में यह जुलूस रेलवे स्टेशन से बाजार तक निकाला गया, वह पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी के कैंपेनिंग हेड रह चुके हैं। उन्होंने साफतौर पर कहा कि वह घोसी से राजभर को जीतने नहीं देंगे। उन्होंने इस दौरान यह भी याद दिलाया कि कैसे ओपी राजभर ने योगी और मोदी के खिलाफ बयानबाजी की है।

हालांकि, भाजपा की जिलाध्यक्ष नुपूर अग्रवाल का कहना है कि उज्ज्वल मिश्रा फिलहाल भारतीय जनता पार्टी में किसी पद पर नहीं हैं। इस पर मिश्रा का जवाब है कि वह जनसंघ के जमाने से भाजपा के साथ हैं।

हालांकि, भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध से राजभर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल, घोसी सीट पर राजभर समुदाय के लोग ज्यादा मात्रा में हैं। भाजपा ने यही सोचकर पिछली बार के चुनाव में हरिनारायण राजभर को मैदान में उतारा था लेकिन अतुल राय ने उन्हें बुरी तरह से हरा दिया। ओपी राजभर की पार्टी को तो 40 हजार से भी कम वोट मिले।

ऐसे में अगर भाजपा कार्यकर्ता राजभर की दावेदारी का विरोध करते हैं तो उनके लिए यहां जीतना काफी मुश्किल हो सकता है। राजभर से गठबंधन के बाद कार्यकर्ताओं की नाराजगी के मद्देनजर भाजपा के लिए भी यह काफी सही स्थिति नहीं कही जा सकती।

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"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."

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