Explore

Search
Close this search box.

Search

4 April 2025 2:55 am

“नेताजी ऊपर से डिंपल यादव को आशीर्वाद दे रहे हैं, और जमीन पर जनता उनको आशीर्वाद दे रही है”

62 पाठकों ने अब तक पढा

दुर्गा प्रसाद शुक्ला की रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश की मैनपुरी लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपना पूरा जोर लगा दिया है। ऐसे में सपा के वरिष्ठ नेता राम गोविंद चौधरी ने कहा है, “डिंपल यादव लोगों के बीच वोट मांगने नहीं जा रही हैं, बल्कि वो लोगों से प्रणाम करने जा रही हैं। लोग खुद डिंपल यादव के लिए वोट मांग रहे हैं।”

डिंपल यादव के लिए खुद लोग वोट मांग रहे हैं

जसवंतनगर विधानसभा में यूपी तक यूट्यूब चैनल से बात करते हुए राम गोविंद चौधरी ने कहा, “डिंपल यादव वोट नहीं मांग रही है, वो केवल लोगों को प्रणाम करने जा रही हैं। इस लोकसभा क्षेत्र में लोग खुद उनके लिए वोट मांग रहे हैं। नेताजी(मुलायम सिंह यादव) के जाने से हर जाति-धर्म के लोग भावुक हैं, उन्हें मालूम है कि नेताजी की विरासत उनकी बहू संभालेगी।”

मैनपुरी से भाजपा प्रत्याशी रघुराज सिंह शाक्य पर चौधरी ने कहा, “शाक्य को नेताजी ने सबसे पहले सरकारी नौकरी दी, फिर इस्तीफा दिलवाकर दो बार एमपी और एमएलए बनवाया। अगर उन्हें नेताजी से उन्हें लगाव होता तो वो भाजपा आलाकमान को कह देते कि नेताजी के परिवार के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ूंगा। लेकिन उन्हें कोई लगाव नहीं है।”

नेताजी ऊपर से देख रहे हैं चुनाव

राम गोविंद चौधरी ने कहा कि भाजपा परिवार तोड़ने वाली है, लेकिन सपा परिवार एक हैं। मैनपुरी का पूरा क्षेत्र नेताजी का परिवार है। उन्होंने कहा, “हिंदू धर्म के अनुसार जिस भी व्यक्ति की मौत होती है, वो अगले तीन महीने तक उसकी आत्मा अपने गांव का चक्कर लगाती है। नेताजी की आत्मा यहां चक्कर लगा रही है।”

चौधरी ने कहा कि नेताजी देख रहे हैं कि हमारे शरीर के न रहने से हमारे लोग क्या कर रहे हैं। नेताजी ऊपर से डिंपल यादव को आशीर्वाद दे रहे हैं, और जमीन पर जनता उनको आशीर्वाद दे रही है, वो भारी वोटों के अंतर से चुनाव जीतेंगी।

बता दें कि मैनपुरी लोकसभा सीट पर 5 दिसंबर को उप चुनाव होगा। वहीं इसका परिणाम 8 दिसंबर सामने आएगा। जहां सपा ने इस सीट से डिंपल यादव को मैदान में उतारा है तो वहीं भाजपा ने शिवपाल यादव के करीबी कहे जाने वाले रघुराज सिंह शाक्य को टिकट दिया है।

samachar
Author: samachar

"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."

1

'समाचार दर्पण' टीम से बात करें