सुमित गुप्ता की रिपोर्ट
मल्हार: मल्हार के प्रसिद्द माँ डिडनेश्वरी देवी मंदिर में सहस्त्र चंडी महायज्ञ व पाठ का आयोजन किया जा रहा है जिसके लिए आयोजन समिति ने तैयारी पूरी कर ली है। गुप्त नवरात्र पर्व के दौरान पहली बार मल्हार में आयोजित इस महायज्ञ को लेकर क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। 19 से 27 जून तक चलने वाले महायज्ञ में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओ के पहुचने की उम्मीद की जा रही है इस लिहाज से प्रशासन ने भी कमर कस ली है। बिलासपुर कलेक्टर के निर्देश पर मस्तूरी एसडीएम ने यज्ञ के सम्बंध में जानकारी लेकर सभी विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर शांतिपूर्ण तरीके से यज्ञ सम्पन्न कराने की बात कही।
सहस्त्र चंडी महायज्ञ व पाठ का आयोजकर्ता छत्तीसगढ़ के शिवरीनारायण में जन्मे मनीष सुल्तानिया है उन्होंने बताया कि सहस्त्र चंडी महायज्ञ बीते 3 वर्षो से राजधानी रायपुर के वाल फोर्ट सिटी में कराया जा चूका है,सामाजिक रूप से अपना घर आश्रम भरतपुर राजस्थान एवं नारायण सेवा संस्थान उदयपुर से जुड़ा हुआ हु तथा इन दोनों ही संस्थानों का आजीवन सदस्य भी हु, प्रसिद्द नारायण सेवा संस्थान विकलांगो को कृतिम अंग प्रदान करने में अग्रणी संस्था है, अपना घर आश्रम रायपुर के मंदिर हसौद क्षेत्र में आरम्भ हो गया है जिनका आजीवन सदस्य प्राप्त है| मनीष सुल्तानिया ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को धर्म के कार्य में लगा रहना चाहिए तभी मानव जीवन सुरक्षित रहेगा, धर्म की रक्षा व धर्म के कार्य, परोपकार के कार्य हमेशा करना चाहिए| जिसकी जितनी श्रधा व सामर्थ्य हो वह अपना योगदान हमेशा देते रहे|
यज्ञ के आचार्य पण्डित किशोरशरण पाठक ने जानकारी में बताया कि 60 वैदिक पण्डित सहस्त्र चंडी का पाठ करेंगे जिसके लिए वेदी व अन्य पूजन विधि कार्य की रूपरेखा बन गई है। इसके अलावा 11 पण्डित यज्ञ व अन्य अनुष्ठान में शामिल होंगे। गर्भगृह के ठीक सामने सभी वेदिया बनाई जा रही है जिनका प्रतिदिन पूजन के बाद महायज्ञ होगा। इस तरह 71 पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सोमवार से महायज्ञ प्रारम्भ हो जाएगा। उन्होंने बताया कि गुप्त नवरात्र पर्व में यज्ञ व अन्य विशेष अनुष्ठानों का विशेष महत्व होता है जो विश्वकल्याण व मानवकल्याण के लिए लाभकारी होता है। विशेष अनुष्ठान के लिए मल्हार की पावन भूमि भी उपयुक्त स्थल है क्योंकि धर्मनगरी मल्हार के कण कण में देवी देवताओं का वास है।
भीड़ के मद्देनजर विशेष तैयारी : यज्ञ के दौरान अधिक भीड़ होने की स्थिति से निपटने मन्दिर के प्रवेश द्वार पर बेरिकेट्स लगाए जा रहे है वही मंदिर के अंदर से आपात स्थिति में भीड़ को बाहर निकालने वैकल्पिक रास्ते भी दो तरफ से बनाए गए है। पर्व के दौरान बड़ी गाड़ियों के लिए शासकीय हायर सेकेंड्री स्कूल परिसर को पार्किंग स्थल बनाया गया है तथा टूव्हीलर वाहन को भी मन्दिर से पहले ही रोक दिया जाएगा। चौकी प्रभारी ने यातायात व्यवस्था को सुचारू से चलाने चौकी के पास से रोड डायवर्ट की योजना बनाई है जिससे मुख्य सड़क में जाम की स्थिति नही होगी। साथ ही व्यवस्था बनाने के लिए मन्दिर परिसर के आसपास के दुकानों को भी शिफ्ट कर दिया गया है।
कलशयात्रा में होगी हजारों की भीड़ : मेला चौक स्थित भगवान पातालेश्वर मंदिर से सोमवार की सुबह 7 बजे कलश शोभायात्रा की शुरुवात होगी जिसकी तैयारी पूरी हो गई है, आयोजको ने कलशयात्रा के लिए 6 सौ कलश तैयार किया है जिसमे महिलाए लाल व पीली साड़ी पहनकर शामिल होंगी। इस लिहाज से एक हजार से ज्यादा महिलाओं के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। आयोजक मनीष सुल्तानिया व रविन्द्र वैष्णव ने बताया कि भव्य कलश शोभायात्रा का स्वागत गाजे बाजे के साथ होगा।
Author: samachar
"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."