जगदंबा उपाध्याय की रिपोर्ट
आजमगढ़। पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए बारात में नोटों से भरे बैग लूटने वाले कुख्यात बदमाश कमलेश लोना को मुठभेड़ के दौरान घायल कर गिरफ्तार कर लिया। वहीं, महाकुंभ में चोरी और छिनैती के गहने खरीदने वाले सोनार गोविंद वर्मा को भी दबोच लिया गया। पुलिस ने इनके पास से करीब ₹2.09 लाख नकद, 65.36 ग्राम सोना (कीमत ₹5.78 लाख), एक मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन बरामद किए।
कैसे पकड़े गए अपराधी?
आजमगढ़ के सिधारी क्षेत्र में टेऊखर-इटौरा मार्ग पर पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें कमलेश लोना पुत्र घुरे नोना (निवासी शाहपुर फिरोजपुर, थाना जलालपुर, अंबेडकरनगर) गोली लगने से घायल हो गया और पुलिस ने उसे धर दबोचा। इसके अलावा, चोरी के गहनों को गलाकर बेचने वाले गोविंद वर्मा (निवासी चकिया, थाना रानीपुर, मऊ) को भी गिरफ्तार किया गया।
लूट और चोरी की घटनाएँ
पुलिस की जांच में सामने आया कि इन अपराधियों ने कई जगहों पर लूट और चोरी की वारदातें अंजाम दी थीं। कुछ प्रमुख घटनाएँ:
1. 17 अक्टूबर 2024:
कटहर, मेहनगर निवासी सोनम सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दो अज्ञात महिलाओं ने ऑटो में सफर के दौरान उनका बैग ब्लेड से काटकर जेवर चोरी कर लिए।
2. 14 फरवरी 2025:
नीबी बुजुर्ग, मुबारकपुर निवासी दिनेश विश्वकर्मा के भाई की शादी में ₹2.5 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया गया।
3. 20 फरवरी 2025:
शिवदासपुर, वाराणसी निवासी ओमप्रकाश सिंह के भांजे की शादी में बारात के दौरान ₹1.1 लाख रुपये से भरा बैग छीन लिया गया।
4. 9 सितंबर 2024:
पुड़सुड़ी, बरदह निवासी अनीता देवी बैंक से ₹20,000 निकालकर घर लौट रही थीं, तभी बाइक सवार बदमाश उनका थैला छीनकर फरार हो गए।
अपराधियों की करतूतें
गिरफ्तार कमलेश नोना ने पुलिस पूछताछ में कबूल किया कि वह अपने भाई मंटू, करन कुमार उर्फ टिंचर, और करन की पत्नी लक्ष्मी के साथ मिलकर लूट और छिनैती की घटनाएँ अंजाम देता था।
ये गैंग कभी करन और मंटू, कभी कमलेश और मंटू, तो कभी करन और उसकी पत्नी लक्ष्मी मिलकर वारदात को अंजाम देते थे।
वे चोरी किए गए जेवरात प्रयागराज में बेचते थे और वहीं से वापस नकद रुपये लेकर आते थे।
इस गिरोह में गोलू नामक एक अन्य व्यक्ति भी शामिल था, जो चंदौली का रहने वाला बताया जा रहा है।
सोने का कारोबार और गोविंद वर्मा की भूमिका
गिरफ्तार गोविंद वर्मा ने खुलासा किया कि:
करन और उसकी पत्नी लक्ष्मी चोरी किए गए गहने उसे बेचने लाते थे, जिन्हें वह गलाकर बाजार में बेच देता था।
वह चोरी किए गए गहनों को कैश और UPI ट्रांजेक्शन के जरिए भुगतान करता था, जिसके सबूत उसके मोबाइल में मौजूद हैं।
गोविंद ने स्वीकार किया कि उसे प्रयागराज में महाकुंभ से भी चोरी का सोना लाकर दिया गया था, जिसे उसने गलाकर वापस अपराधियों को दे दिया।
SP हेमराज मीणा ने किया खुलासा
आजमगढ़ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे गिरोह के पर्दाफाश की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पकड़े गए अपराधी लंबे समय से सक्रिय थे और विभिन्न जिलों में चोरी और छिनैती की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
पुलिस कार्रवाई और बरामदगी
✅ बरामद सामान
₹2,09,400 नकद, 65.36 ग्राम सोना (कीमत ₹5.78 लाख), एक अवैध देशी तमंचा (315 बोर), 3 जिंदा कारतूस, 1 खोखा कारतूस, एक मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन
पुलिस की तत्परता से लूट और चोरी की बड़ी घटनाओं का खुलासा हुआ है। इस गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर लूटे गए पैसे और गहनों की बरामदगी से जनता को राहत मिली है। पुलिस आगे भी इस गैंग के बाकी सदस्यों को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है।
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Author: जगदंबा उपाध्याय, मुख्य व्यवसाय प्रभारी
जिद है दुनिया जीतने की