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4 April 2025 3:30 pm

राज्य भाषा विवाद में राज्य सरकार के लिए बीडीओ को ग्रामीणों ने मांग पत्र सौंपा

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अनुप सिंह की रिपोर्ट

कांडी- प्रखंड के दर्जनों लोगों ने जिला व राज्यस्तरीय परीक्षाओं में हिन्दी, मगही व भोजपुरी भाषा को शामिल करने की मांग को लेकर शुक्रवार को एक मांग पत्र बीडीओ मनोज तिवारी को सौंपा।बीडीओ को दिए आवेदन के माध्यम से कहा है कि प्रदेश की सरकार ने राज्य व जिला स्तरीय परीक्षाओं से मगही व भोजपुरी को हटा दिया गया है।जबकि पलामू प्रमंडल के तीनों जिले पलामू ,गढ़वा व लातेहार के लोगों की मूल भाषा हिन्दी ,मगही व भोजपुरी ही है।जबकि सरकार ने खोरठा व उर्दू को अनिवार्य कर दिया गया है। यहां हमारे बच्चे हिन्दी, मगही व भोजपुरी स्वतः बोलते हैं। इसलिये हमारे आने वाली पीढ़ी की जिन्दगी को बर्बाद नही किया जाए।

बीडीओ को मांग पत्र सौपते हुए सभी ने कहा कि सरकार अगर हमारी मांगो को नही मानती है तो हम सब कांडी प्रखंड वासी जोरदार आन्दोलन करते हुए सड़क से लेकर सदन तक जाम कर देंगे तथा इस आंदोलन के दौरान किसी तरह का कोई नुकसान होता है तो इसकी जिम्मेदारी झारखण्ड सरकार की होगी।सभी ने सरकार से सभी परीक्षाओं में हिन्दी ,मगही व भोजपुरी भाषा को शामिल करने की मांग किया है।

मांग पत्र देने वालों में नीरज सिंह,प्रवेश राम,एलपी मेहता,तसलीम अंसारी,मनोज कुमार,जितेंद्र कुमार सिंह,अजय सिंह,प्रेम कुमार,दीपक सिंह,सुशील कुमार सिंह,विकास कुमार,राकेश मेहता,राजू चौधरी,आकाश कुमार,दीपक कुमार,अरविंद कुमार, सुरेन्द्र राम सहित कई लोग शामिल थे।

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Author: samachar

"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."