अपराध

मुख्यमंत्री सुरक्षा में तैनात पुलिस वाले ने पत्नी से पीछा छुड़ाने की ऐसी घिनौनी साजिश रची कि सुनकर रुह कांप उठता है

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दुर्गा प्रसाद शुक्ला की रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश के मेरठ की रहने वाली रेखा कुछ दिनों से काफी परेशान थी। दिल्ली पुलिस में काम करने वाले उसके पति की उसे खोज खबर नहीं मिल रही थी। वो अपने पति के लिए दर-दर भटक रही थी। पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवा दी, बड़े अधिकारियों से भी मिली, लेकिन उसे नहीं पता था कि उसका पति तो रच रहा था उसके ही कत्ल की खूनी साजिश। एक ऐसी साजिश जिसमें पत्नी भी मर जाए और कोई उसका बाल भी बांका न कर पाए।

तंत्र-मंत्र और पत्नी के कत्ल की साजिश

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा में तैनात गोपी अपनी पत्नी से छुटकारा पाना चाहता था। वो दिल्ली में रहता था जबकि पत्नी मेरठ में। करीब एक साल पहले से गोपी ने पत्नी को मौत देने की तैयारी कर ली थी और इसके लिए उसने सहारा लिया था तंत्र विद्या का। उत्तर प्रदेश के सिरजेपुर के एक तांत्रिक गणेशानंद से गोपीचंद ने संपर्क किया और उसे बताया कि वो अपनी पत्नी से हमेशा-हमेशा के लिए छुटकारा चाहता है।

दिल्ली पुलिस का कॉन्स्टेबल ले रहा था तांत्रिक की मदद

तांत्रिक ने गोपीचंद को भरोसा दिलाया कि वो अपनी तंत्र विद्या से रेखा का कत्ल कर देगा और किसी को कुछ पता भी नहीं चलेगा। लोगों को लगेगा कि वो बीमारी से मरी है। गोपीचंद ने गणेशानंद को इस काम के लिए करीब साढ़े चार लाख रुपये दिए। गणेशानंद ने कहा कि इस साधना में कुछ महीने लगेंगे, जैसे ही साधना पूरी होगी उसकी पत्नी की मौत हो जाएगी।

तांत्रिक ने आखिरी साधना के लिए कॉन्स्टेबल को बुलाया

वक्त बीतता गया। इसी साल मार्च के महीने में गोपीचंद ने 14 दिन की छुट्टियां मांगी। इस बार वो छुट्टियां लेकर सीधा गणेशानंद के पास पहुंचा। वो अब अपनी पत्नी को मारने का और इंतजार नहीं करना चाहता था। वो चाहता था कि जल्द से जल्द उसकी पत्नी की मौत हो जाए। गणेशानंद भी अब पूरी तरह से तैयार था रेखा को मौत की नींद सुलाने के लिए। उसने गोपीचंद से कहा कि एक आखिरी साधना और फिर वही होगा जो वो चाहता है।

नदी किनारे रात में दी जानी थी एक मुर्गे की बलि

तांत्रिक ने गोपीचंद को साधना के लिए कुछ सामान लाने के लिए कहा। उसने बताया कि ये साधना नदी किनारे आधी रात को पूरी की जाएगी। तंत्र साधना के लिए एक मुर्गे की बलि देनी होगी। साथ ही तांत्रिक ने गोपीचंद को एक लाख रुपये और लाने के लिए कहा। गोपीचंद खुश था कि आज की रात उसकी पत्नी की जिंदगी की आखिरी रात होगी। 26 मार्च के दिन गोपीचंद शाम होते ही सारा सामान लेकर तांत्रिक गणेशानंद के पास पहुंच गया।

तंत्र साधना शुरू हुई, लेकिन फिर…

दोनों बाइक से नदी किनारे पहुंचे। उसके हाथ में वो मुर्गा था जिसकी बलि देनी थी, एक बड़ा चाकू भी वो लेकर आया हुआ था। इसके अलावा कुछ तंत्र साधना की चीजें लेकर ये नदी किनारे बैठे। तांत्रिक तैयार था उस तंत्र साधना के लिए जिसके बाद रेखा की मौत होनी थी। कुछ मंत्रों के बाद तांत्रिक चाकू उठाकर मुर्गे की बलि दे दी। गोपीचंद खुश था, लेकिन तभी इस तांत्रिक ने अपना चाकू गोपीचंद की तरफ मोड़ा और सीधा उसका भी गला रेत दिया। तांत्रिक रेखा की हत्या तो नहीं कर पाया, लेकिन उसने रेखा के पति गोपीचंद को मौत दे दी थी। इस तांत्रिक ने लाश को वहीं पानी में फेंक दिया और वहां से फरार हो गया।

तांत्रिक को दे चुका था साढ़े पांच लाख रुपये

दूसरी तरफ रेखा अपने पति के लिए परेशान थी। पुलिस भी तलाश कर रही थी। रेखा को पता था कि कुछ समय से उसका पति एक तांत्रिक से मिलता है। हालांकि वो ये नहीं जानती थी कि वो उसकी हत्या करवाने के लिए तांत्रिक के संपर्क में है। पुलिस ने गणेशानंद की तलाश शुरू की। कुछ ही दिनों वो पुलिस की गिरफ्त में था। पहले वो बहाने बनाता रहा, लेकिन आखिरकार उसने सच उगल ही दिया। उसने बताया कि वो पहले ही साढे चार लाख रुपये ले चुका था और एक लाख रुपये और 26 मार्च के दिन गोपीचंद ने ट्रांसफर किए थे इसलिए उसने उसकी हत्या कर दी। पत्नी को मारने का खूनी खेल इस पति को ही इतना भारी पड़ गया।

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"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."

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