सलेमपुर (देवरिया)। शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह उस दीपक की तरह होती है जो मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के तेल से जलकर उजाला फैलाती है। इस वर्ष सीबीएसई दसवीं बोर्ड परीक्षा परिणाम ने इसी सत्य को फिर से प्रमाणित कर दिया है। सलेमपुर स्थित जीएम एकेडमी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे देवरिया जनपद में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि केवल एक परिणाम नहीं, बल्कि एक ऐसे शैक्षिक वातावरण की झलक है, जहां विद्यार्थियों को न केवल पढ़ाया जाता है बल्कि उन्हें सफलता की दिशा में गढ़ा जाता है।
विद्यालय का शत-प्रतिशत परीक्षाफल अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। इस परिणाम ने न केवल विद्यालय परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व की भावना भर दी है। जैसे ही परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, विद्यालय परिसर उत्साह, उमंग और जश्न के रंगों से भर उठा। हर चेहरे पर संतोष, गर्व और उम्मीद की चमक साफ दिखाई दे रही थी।
🌟 मेधावियों ने रचा सफलता का इतिहास
इस शानदार सफलता में विद्यालय के छात्रों ने अपनी प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन किया। स्वरित बरनवाल ने 97.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया और सभी के आकर्षण का केंद्र बने। वहीं शुभम पांडेय ने 96.8 प्रतिशत अंक के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया। यशस्वी वर्मा ने 95.8 प्रतिशत अंक अर्जित कर तीसरे स्थान पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
इसके अलावा रीया बरनवाल ने 95 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जबकि आर्यन वर्मा ने 94 प्रतिशत और दिप्ती शर्मा ने 93 प्रतिशत अंक हासिल किए। नवनीत यादव ने 92.8 प्रतिशत, अंशिका दूबे ने 91.4 प्रतिशत और हर्षित गहलोत ने 91 प्रतिशत अंक प्राप्त कर इस सफलता की सूची को और अधिक सशक्त बना दिया। इन सभी विद्यार्थियों की उपलब्धियां यह दर्शाती हैं कि विद्यालय में निरंतर मेहनत और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

📚 मेहनत, मार्गदर्शन और अनुशासन का संगम
विद्यालय की इस उपलब्धि के पीछे केवल छात्रों की मेहनत ही नहीं, बल्कि शिक्षकों का समर्पण और अभिभावकों का विश्वास भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यहां शिक्षा को केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए तैयार किया जाता है। यही कारण है कि जीएम एकेडमी लगातार सफलता के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
स्वाति बरनवाल ने 97.8% अंक प्राप्त किए, वहीं शुभम पांडेय ने 96.8% के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। यशस्वी वर्मा ने 95.8% और रिया बरनवाल ने 95% अंक प्राप्त किए। सुंदरम पांडेय त्रिपाठी 94.4% के साथ आगे रहे, जबकि आर्यन वर्मा ने 93.8% अंक हासिल किए। इसके बाद दीप्ति शर्मा और नवनीत यादव दोनों ने 92.8% अंक प्राप्त किए। वैभव बरनवाल ने 92.4% अंक हासिल किए, जबकि रोशन जहाँ और संदेश पांडेय ने 92% अंक प्राप्त किए। अंशिका दुबे ने 91.4% अंक अर्जित किए, हर्षित गहलौत ने 90.8% और जाह्नवी सिंह ने 90.4% अंक प्राप्त किए, वहीं सिद्धार्थ राज ने 90% अंक हासिल कर सूची में अपना स्थान बनाया।
गुरुवार को विद्यालय परिसर में अभिभावकों का तांता लगा रहा। हर अभिभावक अपने बच्चों की सफलता पर गर्व से भरा नजर आया। छात्र-छात्राएं एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी साझा कर रहे थे, जबकि शिक्षकों के चेहरे पर संतोष और गर्व की मुस्कान स्पष्ट झलक रही थी।
🏆 विद्यालय प्रबंधन ने जताया गर्व
विद्यालय के चेयरमैन डॉ. प्रकाश मिश्र ने सभी छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों की निष्ठा और अभिभावकों के सहयोग का संयुक्त परिणाम है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि छात्रों को एक जिम्मेदार और सक्षम नागरिक बनाना है।
प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने भी छात्रों की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह परिणाम हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने भरोसा जताया कि भविष्य में भी विद्यालय इसी तरह उत्कृष्ट परिणाम देता रहेगा। वहीं निर्देशिका संभावना मिश्रा ने अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों को भी समान महत्व देता है।
🎉 उत्सव में बदल गया विद्यालय परिसर
परिणाम घोषित होते ही विद्यालय का वातावरण उत्सव में बदल गया। छात्र-छात्राओं की हंसी, मिठाइयों की खुशबू और अभिभावकों की खुशी ने पूरे परिसर को जीवंत बना दिया। यह दृश्य केवल एक परीक्षा परिणाम का नहीं, बल्कि उस सामूहिक प्रयास का उत्सव था जिसमें हर किसी का योगदान शामिल था।
शिक्षकों ने छात्रों की मेहनत की सराहना करते हुए उन्हें आगे भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। यह सफलता न केवल विद्यालय की प्रतिष्ठा को बढ़ाने वाली है, बल्कि क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है।
🚀 शिक्षा के साथ संस्कारों का संगम
जीएम एकेडमी सलेमपुर ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि शिक्षा केवल अंकों का खेल नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया है। यहां विद्यार्थियों को केवल परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि जीवन के लिए तैयार किया जाता है। यही कारण है कि यह विद्यालय लगातार सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि यदि सही दिशा, मेहनत और समर्पण का मेल हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता। जीएम एकेडमी का यह प्रदर्शन आने वाले वर्षों के लिए एक मजबूत आधार तैयार करता है और यह संदेश देता है कि छोटे शहरों के विद्यालय भी बड़े सपनों को साकार कर सकते हैं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
जीएम एकेडमी ने किस परीक्षा में सफलता हासिल की?
विद्यालय ने सीबीएसई दसवीं बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया।
विद्यालय का रिजल्ट कैसा रहा?
विद्यालय का परीक्षाफल शत-प्रतिशत रहा, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
टॉपर छात्र कौन रहे?
स्वरित बरनवाल ने 97.8% अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया।
विद्यालय की सफलता का मुख्य कारण क्या है?
छात्रों की मेहनत, शिक्षकों की लगन और अभिभावकों के सहयोग का संयुक्त परिणाम इस सफलता के पीछे मुख्य कारण है।


