लेखा परीक्षा या ‘लेवा-परीक्षा’? चित्रकूट की ग्राम पंचायतों में ऑडिट पर उठे गंभीर सवाल

✍️संजय सिंह राणा की रिपोर्ट

मुख्य बिंदु: चित्रकूट जिले में ग्राम पंचायतों की ऑडिट प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि लेखा परीक्षक विकास कार्यों की जांच के नाम पर ग्राम प्रधानों और सचिवों से मनमानी वसूली कर रहे हैं। यह मामला न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि ग्रामीण विकास योजनाओं की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करता है, जिससे निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

चित्रकूट. ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों में लेखा परीक्षकों की मनमानी… ग्राम प्रधानों व सचिवों से कर रहे जमकर वसूली…

लेखा परीक्षकों द्वारा गांवों के विकास कार्यों की जांच के एवज में ग्राम प्रधान व सचिव से कर रहे मनमाने तरीके से वसूली…

कमीशन का खेल

लेखा परीक्षकों द्वारा 01% से लेकर 2% तक लिया जा रहा है कमीशन… ग्राम पंचायतों की ऑडिट में किया जा रहा है बड़ा खेल…

लेखा परीक्षकों को ग्राम प्रधान व सचिव ने दिया मनमाने तरीके से कमीशन तो नहीं होती है कार्यवाही… अगर नहीं मिला कमीशन तो विकास कार्यों में निकाला जाता है गुणवत्ता विहीन कार्य…

लेखा परीक्षक की जिम्मेदारियां

लेखा परीक्षक द्वारा वित्तीय अभिलेखों की करनी होती है जांच… ग्राम पंचायत के आय व्यय के रजिस्टरों, बिलों और वाउचरों का करना होता है सत्यापन…

लेखा परीक्षक को मनरेगा जैसी योजनाओं के अंतर्गत कार्यों की पत्रावली, एस्टीमेट और भुगतान करने की होती है जिम्मेदारी…

लेखा परीक्षक को करना होता है अनुपालन… लेखा परीक्षक को यह देखना होता है कि सरकारी धन का उपयोग निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार हुआ है कि नहीं…

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रिपोर्टिंग और गड़बड़ी का आरोप

लेखा परीक्षक द्वारा रिपोर्टिंग और गबन की पहचान की जाती है वित्तीय अनियमितताओं, गबन या नियमों के उल्लंघन की पहचान करना और अपनी रिपोर्ट को उजागर करना होता है…

लेखा परीक्षक द्वारा भौतिक सत्यापन के नाम पर जमकर फर्जीवाडा किया जा रहा है लेखा परीक्षक को गांवों के विकास कार्यों की भौतिक प्रगति और बिल में दर्ज कार्यों का मिलान होता है…

भौतिक सत्यापन पर सवाल

लेखा परीक्षक द्वारा भौतिक सत्यापन के नाम पर बड़ा खेल किया जा रहा है लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी सामने नहीं आता है…

ग्राम पंचायतों के वित्तीय अभिलेखों की जमीनी हकीकत जानने के लिए लेखा परीक्षक द्वारा भौतिक सत्यापन करते हुए जांच की जाती है और वित्तीय अभिलेखों में हुई गड़बड़ी को लेखा परीक्षक द्वारा दबाने का प्रयास किया जा रहा है…

जांच की मांग

जांच में हो रही लीपापोती को उजागर करने के लिए जांच टीम गठित होना अति आवश्यक है…

लेखा परीक्षकों की मनमानी पर जिम्मेदार अधिकारियों सहित जिला प्रशासन कब आवश्यक कार्यवाही करने का काम करेगा यह एक बड़ा सवाल है…

FAQ

मामला किस जिले का है?

यह मामला उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले की ग्राम पंचायतों से जुड़ा है।

आरोप क्या हैं?

आरोप है कि लेखा परीक्षक ऑडिट के नाम पर ग्राम प्रधान और सचिवों से कमीशन वसूली कर रहे हैं।

क्या कार्रवाई की मांग हुई है?

जांच टीम गठित कर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।


यह मामला केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया का नहीं बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही का सवाल बनता जा रहा है।

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