पराली से ढंकी बोलेरो में मिले 8 गौवंश , एक की मौत
हरियाणा-उत्तराखंड सीमा पर तस्करी की आशंका, कुचलने और फायरिंग का आरोप

बोलेरो वाहन (नंबर UK07CB2958), पराली में ढंके गौवंश, क्षतिग्रस्त बाइक और मौके पर मौजूद गौसेवकों का लैंडस्केप कोलाज


जोगिंदर सिंह ऊर्फ कालू छारा की रिपोर्ट
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सूचना के आधार पर की गई निगरानी, तड़के रोकी गई संदिग्ध गाड़ी

हरियाणा-उत्तराखंड सीमा क्षेत्र में कथित गौ तस्करी का एक गंभीर मामला सामने आया है। स्वदेश जनसेवक पार्टी हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि गौ रक्षा के लिए सक्रिय युवाओं को सूचना मिली थी कि एक बोलेरो वाहन में गौवंश को पराली से ढंककर तस्करी के उद्देश्य से ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर मुजफ्फरनगर निवासी गोरखदास खडेसरी बाबा ने अपने साथियों—पवन, टिक्कू, नीलम, सुनील और अर्जुन अंग्रेज—के साथ मिलकर संभावित मार्ग पर निगरानी शुरू की।

बताया गया कि तड़के लगभग 3 से 4 बजे के बीच संदिग्ध बोलेरो वाहन दिखाई दिया। गौसेवकों ने गाड़ी को रुकवाने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि चालक ने वाहन नहीं रोका और तेज गति से आगे बढ़ गया।

कुचलने की कोशिश और बाइक क्षतिग्रस्त होने का दावा

गोरखदास खडेसरी बाबा के अनुसार, वाहन चालक ने गाड़ी उनकी ओर मोड़ दी और कुचलने की कोशिश की। इस दौरान एक मोटरसाइकिल को टक्कर लगने से वह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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गौसेवकों का यह भी आरोप है कि वाहन में सवार एक व्यक्ति ने अंधेरे का फायदा उठाकर गोली चलाई। हालांकि किसी को गोली लगने की सूचना नहीं है। पुलिस ने फायरिंग के दावे की जांच शुरू कर दी है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

टायर पंचर होने के बाद खेत में रुकी गाड़ी, आरोपी फरार

घटनाक्रम के अनुसार, कुछ दूरी तय करने के बाद बोलेरो का टायर पंचर हो गया। वाहन खेत के पास रुक गया, जिसके बाद उसमें सवार तीन लोग अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गए। बताया गया कि वे निकटवर्ती आबादी की ओर भागे। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

वाहन से बरामद हुए 8 गौवंश, एक मृत मिला

वाहन की तलाशी लेने पर पराली से ढंके 8 गौवंश बरामद किए गए। इनमें से एक गौवंश मृत अवस्था में पाया गया। शेष पशुओं की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। मौके पर पहुंचे पशु चिकित्सक ने प्रारंभिक जांच में बताया कि सभी गौवंश नशे की हालत में प्रतीत हो रहे थे। हालांकि यह स्पष्ट करने के लिए विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षण आवश्यक होगा कि उन्हें किस प्रकार का पदार्थ दिया गया था।

मृत गौवंश का पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके।

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पुलिस ने वाहन और गौवंश को कब्जे में लिया, जांच जारी

घटना की सूचना मिलते ही निकटतम थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और बोलेरो वाहन सहित बरामद गौवंश को अपने कब्जे में ले लिया। वाहन के पंजीकरण नंबर के आधार पर मालिक की पहचान की जा रही है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में गौ तस्करी, पशु क्रूरता, जानलेवा हमले और अन्य संबंधित धाराओं के तहत जांच की जा रही है। फायरिंग के आरोप की पुष्टि के लिए भी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और कड़ी कार्रवाई की मांग

स्वदेश जनसेवक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि गौ रक्षा के लिए सक्रिय युवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि फायरिंग और कुचलने के प्रयास की पुष्टि होती है, तो यह कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर मामला होगा।

सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी पर पहले भी उठे सवाल

स्थानीय सामाजिक संगठनों का कहना है कि सीमावर्ती इलाकों में रात के समय गौ तस्करी की घटनाएं सामने आती रही हैं। आरोप है कि तस्कर अक्सर पराली, भूसे या कृषि सामग्री के नीचे पशुओं को छिपाकर परिवहन करते हैं। प्रशासन ने पहले भी ऐसे मामलों में अभियान चलाने का दावा किया है, लेकिन इस ताजा घटना ने फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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जांच के मुख्य बिंदु

इस पूरे मामले में जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है— वाहन का वास्तविक मालिक कौन है, फरार आरोपियों की पहचान कब तक होगी, पशुओं को नशा देने के आरोप की पुष्टि क्या कहती है, फायरिंग के दावे के समर्थन में क्या साक्ष्य मिलते हैं, और मृत गौवंश की मौत का कारण क्या रहा।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखें।

निष्कर्ष

हरियाणा-उत्तराखंड सीमा पर सामने आया यह मामला संवेदनशील और गंभीर है। एक ओर गौसेवकों की सक्रियता है, तो दूसरी ओर तस्करी, जानलेवा प्रयास और फायरिंग जैसे आरोप हैं। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

FAQ

कितने गौवंश बरामद किए गए?

बोलेरो वाहन से कुल 8 गौवंश बरामद किए गए, जिनमें से एक मृत पाया गया।

क्या फायरिंग की पुष्टि हुई है?

गौसेवकों ने फायरिंग का आरोप लगाया है। पुलिस इस दावे की जांच कर रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

क्या आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?

घटना के बाद वाहन में सवार तीन लोग फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है।

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