शादी के 30 दिन बाद ही टूटा रिश्ता—यह वाक्य अब केवल एक निजी पारिवारिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि बदलते सामाजिक रिश्तों, अपेक्षाओं और वैवाहिक समझ की जटिलताओं का प्रतीक बनता जा रहा है। उत्तर प्रदेश के हाथरस से सामने आए इस मामले ने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है, जहां शादी को जीवनभर का बंधन मानने वाली परंपरा पर सवाल खड़े होते दिख रहे हैं।
एक महीने में ही क्यों बिखर गया वैवाहिक जीवन?
आगरा की रहने वाली सपना (बदला हुआ नाम) की शादी हाथरस निवासी राजेश (बदला हुआ नाम) से आपसी सहमति से हुई थी। शादी के शुरुआती कुछ दिन सामान्य और शांतिपूर्ण रहे। परिवार को लगा कि दोनों एक-दूसरे को समझने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अचानक रिश्ते में दरार आ गई। शादी को अभी एक महीना भी पूरा नहीं हुआ था कि पत्नी ने पति के साथ रहने से साफ इनकार कर दिया।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि पत्नी ने कैमरे पर आकर अपने फैसले की वजह खुद बताई। उसने न सिर्फ रिश्ते से बाहर निकलने की बात कही, बल्कि इसके पीछे की मानसिक और शारीरिक असंतुष्टि को भी खुलकर स्वीकार किया।
पति के फिजिकल रिलेशन से संतुष्ट नहीं पत्नी
पत्नी का कहना है कि वह अपने पति के रंग-रूप और शारीरिक संबंधों से संतुष्ट नहीं है। उसका दावा है कि शादी के बाद उसे यह महसूस हुआ कि वह इस रिश्ते में सहज नहीं रह पा रही है। शारीरिक और मानसिक स्तर पर वह खुद को खुश नहीं महसूस कर रही थी, इसलिए उसने यह कठोर फैसला लिया।
महत्वपूर्ण बात यह है कि पत्नी ने किसी प्रकार की धोखाधड़ी या जबरदस्ती का आरोप नहीं लगाया। उसने स्पष्ट कहा कि पति ने उसके साथ कोई छल नहीं किया, बल्कि यह फैसला पूरी तरह उसकी निजी भावना और मानसिक स्थिति से जुड़ा हुआ है।
पत्नी ने रिश्ते को तोड़ने के पीछे क्या वजहें बताईं?
जब पत्नी से उसके फैसले की वजह पूछी गई तो उसने बताया कि इसके पीछे कई कारण हैं। उसने पारिवारिक परिस्थितियों, निजी मानसिक उलझनों और कुछ शारीरिक असहजताओं का हवाला दिया। पत्नी का कहना है कि वह इस रिश्ते को आगे खींचकर खुद और सामने वाले दोनों की जिंदगी खराब नहीं करना चाहती।
उसने यह भी कहा कि समाज के दबाव में रहकर जबरन निभाया गया रिश्ता आगे चलकर और बड़ी समस्याओं को जन्म दे सकता है। इसलिए उसने समय रहते अपने मन की बात कहने का फैसला लिया।
पति राजेश का पक्ष: मानसिक रूप से परेशान
पति राजेश का कहना है कि उसने रिश्ते को बचाने की हर संभव कोशिश की। वह पेशे से बेकरी का काम करता है और एक सामान्य जीवन जीता है। उसके अनुसार शादी पूरी तरह आपसी सहमति से हुई थी और शादी से पहले लड़की से उसकी पसंद भी पूछी गई थी, जिस पर उसने सहमति जताई थी।
राजेश के मुताबिक शादी आगरा में हुई थी, जिस पर करीब ढाई से तीन लाख रुपये का खर्च आया। उसने स्पष्ट किया कि न तो दहेज लिया गया और न ही किसी प्रकार की बाइक या अन्य सामान की मांग की गई। पत्नी के अचानक चले जाने से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान है।
समाज में क्यों बन रहा चर्चा का विषय?
शादी के 30 दिन बाद ही टूटा रिश्ता इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि आमतौर पर ऐसे मामलों में या तो लंबा कानूनी संघर्ष होता है या फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता है। यहां पत्नी का खुलकर यह कहना कि वह अपनी मर्जी से इस रिश्ते से बाहर निकलना चाहती है, समाज के लिए असहज सवाल खड़े करता है।
यह मामला दिखाता है कि आज के समय में विवाह सिर्फ सामाजिक अनुबंध नहीं, बल्कि भावनात्मक और मानसिक संतुलन का विषय भी बन चुका है।
क्या बदल रही है शादी की परिभाषा?
विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। युवा पीढ़ी अब रिश्तों को सिर्फ सामाजिक दबाव में नहीं निभाना चाहती। अगर भावनात्मक या शारीरिक संतुष्टि नहीं मिलती, तो वे खुलकर फैसले लेने लगे हैं।
हालांकि, इसके साथ यह सवाल भी जुड़ा है कि क्या शादी से पहले एक-दूसरे को समझने के लिए पर्याप्त समय और संवाद हो पा रहा है या नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या पत्नी ने पति पर कोई कानूनी आरोप लगाया है?
नहीं, पत्नी ने स्पष्ट कहा है कि पति ने उसके साथ कोई धोखाधड़ी या जबरदस्ती नहीं की।
क्या यह मामला दहेज से जुड़ा है?
पति के अनुसार शादी में किसी प्रकार का दहेज नहीं लिया गया था।
क्या दोनों के बीच तलाक की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है?
फिलहाल इस संबंध में कोई औपचारिक कानूनी जानकारी सामने नहीं आई है।
यह मामला क्यों चर्चा में है?
क्योंकि शादी के महज 30 दिन बाद पत्नी ने खुले तौर पर रिश्ते से बाहर निकलने की वजह बताई है।








