यूपीएससी परीक्षा में होनहारों का परचम : अनुराग डीपीआरओ व सुमित बीडीओ पद पर चयनित


✍️ इरफान अली लारी की रिपोर्ट
बनकटा ब्लाक क्षेत्र में खुशी की लहर, दो युवाओं ने एक साथ रचा इतिहास—मेहनत, संघर्ष और सपनों की जीत की कहानी।

देवरिया, भाटपार रानी/बनकटा: जब मेहनत अपने मुकाम पर पहुंचती है, तो उसकी गूंज केवल एक घर तक सीमित नहीं रहती—वह पूरे समाज को गर्व से भर देती है। कुछ ऐसा ही दृश्य देवरिया जनपद के भाटपार रानी तहसील क्षेत्र में देखने को मिला, जब यूपीएससी परीक्षा परिणाम ने इस क्षेत्र के होनहार युवाओं को नई पहचान दी।

गत 29/30 को घोषित परिणामों में इस क्षेत्र के कई प्रतिभागियों ने सफलता हासिल कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ाया। यह उपलब्धि केवल परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह उन सपनों की जीत है जो वर्षों की मेहनत, संघर्ष और धैर्य से सींचे गए थे।

तीन सितारे, एक ही आसमान

इस सफलता की सूची में सबसे प्रमुख नाम हैं—खरोहवा ठाकुर गांव की बेटी अनुष्का यादव, जिन्होंने पीसीएस परीक्षा में ओबीसी वर्ग में 85वीं रैंक हासिल कर अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया।

वहीं बनकटा ब्लाक क्षेत्र के ग्राम भैंसही निवासी अनुराग कुमार द्विवेदी ने यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर डीपीआरओ पद पर चयनित होकर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया।

इसी क्रम में ग्राम पंचायत प्रताप छापर निवासी शिक्षक सुरेंद्र प्रसाद के पुत्र सुमित कुमार पासवान ने भी सफलता हासिल करते हुए बीडीओ पद पर चयनित होकर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी भी परिस्थिति की मोहताज नहीं होती।

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शिक्षा की मजबूत नींव बनी सफलता की सीढ़ी

अनुराग कुमार द्विवेदी की प्रारंभिक शिक्षा उनके पिता द्वारा संचालित जीवन ज्योति पब्लिक स्कूल, भैसही से हुई। इसके बाद उन्होंने सर्वोदय इंटर कॉलेज बखरी बाजार से हाईस्कूल, जुबली इंटर कॉलेज गोरखपुर से इंटरमीडिएट तथा आईआईटी कानपुर से बीटेक और एमटेक की पढ़ाई पूरी की।

वहीं सुमित कुमार पासवान की शिक्षा यात्रा भी उतनी ही प्रेरणादायक रही। उन्होंने हाईस्कूल शिवदेवी सरस्वती विद्या मंदिर, इंटरमीडिएट द्रौपदी सरस्वती विद्या मंदिर बदायूं, बीएससी (गणित) हंसराज कॉलेज दिल्ली से और एमए (इतिहास) इग्नू से किया।

इन दोनों युवाओं की शिक्षा यात्रा यह बताती है कि मजबूत शैक्षणिक आधार और निरंतर मेहनत ही सफलता की असली कुंजी होती है।

बचपन से ही प्रतिभा के संकेत

बताया जाता है कि अनुष्का यादव, अनुराग द्विवेदी और सुमित कुमार पासवान तीनों ही बचपन से मेधावी और अनुशासित रहे हैं। इनकी सफलता यह दर्शाती है कि लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण अंततः रंग लाता ही है।

इनकी उपलब्धि पर यह कहावत बिल्कुल सटीक बैठती है—
“सफलता मेहनत करने वालों के कदम चूमती है”

बनकटा ब्लाक में उत्सव जैसा माहौल

इस ऐतिहासिक सफलता ने बनकटा ब्लाक क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ा दी है। खास बात यह रही कि एक ही क्षेत्र से दो युवाओं ने प्रशासनिक सेवाओं में चयनित होकर यह साबित कर दिया कि ग्रामीण पृष्ठभूमि भी बड़े सपनों की उड़ान में बाधा नहीं बनती।

लोगों के चेहरों पर गर्व और खुशी साफ झलक रही थी। गांवों में बधाइयों का सिलसिला लगातार जारी है और हर कोई इन युवाओं की सफलता को अपनी उपलब्धि मान रहा है।

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जनप्रतिनिधियों और समाज का सम्मान

इन होनहारों की सफलता पर सांसद सलेमपुर रमाशंकर विद्यार्थी, ब्लाक प्रमुख बनकटा श्रीमती विंदा सिंह कुशवाहा, समाजसेवी व पत्रकार बृजेश मिश्र सहित कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने बधाई दी।

इसके अलावा ग्राम प्रधान भैंसही अकबर अली, प्रताप छापर के एम सिंह, कोठा के कृष्णकांत सिंह, सोहनपुर के विनोद कुमार पांडेय, धर्मेंद्र कुशवाहा, विद्यासागर गौड़, चंदन शर्मा, संतोष कुमार, एसपी मिश्र, हृदयानंद तिवारी, अवधेश यादव सहित प्रधान संघ अध्यक्ष अनिल कुमार यादव समेत अनेक लोगों ने खुशी जाहिर की।

सफलता का संदेश: मेहनत कभी बेकार नहीं जाती

इन युवाओं की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा है। यह उन हजारों छात्रों के लिए एक संदेश है, जो छोटे शहरों और गांवों से बड़े सपने देखते हैं।

यह कहानी बताती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।

आज बनकटा ब्लाक क्षेत्र के ये तीन नाम—अनुष्का यादव, अनुराग द्विवेदी और सुमित पासवान—केवल व्यक्ति नहीं रहे, बल्कि प्रेरणा बन चुके हैं।

❓ किन छात्रों ने सफलता हासिल की?

अनुष्का यादव (PCS), अनुराग द्विवेदी (DPRO) और सुमित कुमार पासवान (BDO) ने सफलता प्राप्त की।

❓ ये छात्र किस क्षेत्र से हैं?

सभी छात्र देवरिया जिले के भाटपार रानी तहसील के बनकटा ब्लाक क्षेत्र से हैं।

❓ इस सफलता का क्या महत्व है?

यह सफलता ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा है और शिक्षा व मेहनत के महत्व को दर्शाती है।

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