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4 April 2025 2:09 pm

नदी में लाश की तरह बहती जीवित महिला की हकीकत जानकर लोग भौंचक्के रह गए

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विमल कुमार तिवारी की रिपोर्ट 

सीतामढ़ी, बिहार : जिले के बाजपट्टी थाना क्षेत्र से एक अजीब मामला सामने आया है। नदी में एक महिला को लाश की तरह उतराते देखा गया है। मानो वह मृत है। जिसने भी महिला को देखा, सभी ने उसे मृत ही माना। कारण कि महिला नदी में बह रही थी। वह इस अवस्था में नजर आ रही थी, जैसे कोई शव पानी की सतह पर बहता है। पानी से निकाले जाने के दो घंटे बाद तक हर कोई यही मान रहा था कि महिला की मौत हो चुकी है। 

कहा गया है कि “ऊपर वाले” की मर्जी के बिना कुछ भी नहीं होता है। यही देखने को मिला। जब दो घंटे बाद महिला के शरीर में हलचल पैदा हुई। वह जिंदा निकली। नदी में बहती महिला का वीडियो भी वायरल हुआ है।

अधवारा नदी से महिला बरामद

बताया गया है कि बाजपट्टी थाना क्षेत्र से अधवारा समूह की नदी गुजरती है। इसी नदी पर सोलहा पुल है। पुल के समीप नदी में कुछ लोगों ने एक महिला को बहते देखा। इसके बाद अफरा -तफरी मच गई। सूचना पर अवर निरीक्षक देवेंद्र कुमार पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद को महिला को बाहर निकाला। करीब एक घंटा तक महिला के शरीर में कोई सुबुगाहट नहीं हुई। फिर अचानक शरीर में हलचल पैदा हुई। पुलिस ने उसे तुरंत पीएचसी में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने अथक प्रयास कर उसे बचा लिया।

महिला की पहचान फुलवरिया पंचायत के बसौल गांव के मुकेश कुमार पत्नी सुंदर देवी के रूप में की गई है। स्वस्थ होने के बाद सुंदर देवी ने बताया कि वह रात्रि के करीब आठ बजे बाजपट्टी स्थित सिलाई दुकान से लौट रही थी। बर्री बाजार से बसौल जाने के रास्ते में कुछ अज्ञात लोगों ने उसे उठा लिया। फिर उसके बाद उसे कुछ भी याद नही है। इस मामले को लेकर जितने मुंह उतनी बातें कही जा रही है। महिला जो बता रही है उस पर लोगों का विश्वास नहीं हो रहा है। महिला के साथ क्या हुआ है। उसे कुछ भी पता नहीं है। महिला का इलाज कराया जा रहा है। अस्पताल में महिला किसी से कुछ बताने को तैयार नहीं है। फिलहाल, इस घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही है।

samachar
Author: samachar

"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."