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4 April 2025 12:01 pm

….सिपाही महोदय नशे में चूर कोर्ट परिसर में कभी यहां गिरें कभी वहां, शर्म तो आपको भी आएगी लेकिन पढ़कर हंसेंगे भी आप खूब

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ओमप्रकाश पाण्डेय की रिपोर्ट 

मऊ । एक सिपाही महोदय की कैदियों की कोर्ट में पेशी कराने की ड्यूटी लगी। कायदे से तो उन्हें कैदियों को पकड़कर कोर्ट ले जाना चाहिए था लेकिन उल्टा कैदी ही सिपाही को पकड़कर कोर्ट ले गए। आप कहेंगे कैसे?

तो ऐसे कि सिपाही महोदय हो गए टल्ली। इतने टल्ली कि आज मैं ऊपर.. आसमां नीचे टाइप….देसी भाषा में बोलें तो बिलकुल पीकर भंड… ना जगह का होश ना वर्दी की लाज।

सिपाही महोदय नशे में चूर कभी यहां गिरें कभी वहां गिरें। ऊपर से जो उन्हें उठाने लगे उसे गंदी-गंदी गालियां देने लगे। जैसे-तैसे कैदियों ने सिपाही को उठाया और अपनी कोर्ट की पेशी कराई।

सोशल मीडिया का जमाना है तो किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया जो वायरल हो गया। वीडियो में कई बार तो साथी पुलिसवाले उसे संभालते हुए दिख रहे हैं तो कभी कैदी ही हुजूर को पकड़ रहे हैं। सिपाही कभी सड़क पर गिरता है तो कभी कुर्सी पर बैठने की कोशिश में कुर्सी समेत पलट जाता है। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यूपी पुलिस की जमकर किरकिरी हो रही है।

देखना होगा कि यूपी पुलिस अपने शराबी सिपाही पर क्या कार्रवाई करती है जिसे ना वर्दी की लाज है ना कोर्ट का सम्मान। जिसपर कानून व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी है वो खुद अदालत परिसर में खड़ा होकर उत्पात मचा रहा है।

samachar
Author: samachar

"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."