
रायबरेली जनपद के सरेनी थाना क्षेत्र स्थित ग्राम सभा देवपुर में इस बार होली का उत्सव कुछ अलग ही अंदाज़ में मनाया गया। यहां रंगों से ज्यादा दिलों का मिलन देखने को मिला और गुलाल से ज्यादा धन्यवादों की बरसात होती रही। दरअसल गांव के युवा वैभव सिंह राठौर द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में पूरे गांव के लोग इस तरह जुटे कि कार्यक्रम धीरे-धीरे एक बड़े सामाजिक उत्सव का रूप ले बैठा।
ग्राम सभा देवपुर की चौपाल पर आयोजित इस समारोह में बुजुर्गों की मुस्कान, युवाओं की ऊर्जा और बच्चों की मस्ती—तीनों का अनोखा संगम देखने को मिला। कोई एक-दूसरे को गुलाल लगा रहा था तो कोई पुराने किस्से याद करते हुए ठहाके लगा रहा था। माहौल ऐसा था कि लगता था मानो पूरा गांव एक ही परिवार की तरह होली का आनंद ले रहा हो।
जब होली बन गई गांव की सामूहिक बैठक
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि यह केवल रंग खेलने तक सीमित नहीं रहा। गांव के लोग एक जगह बैठकर आपसी मेल-मिलाप और संवाद का आनंद भी लेते दिखाई दिए। बुजुर्गों ने युवाओं को आशीर्वाद दिया और युवाओं ने पूरे सम्मान के साथ उनके चरण स्पर्श किए। यही वह दृश्य था जिसने इस आयोजन को साधारण कार्यक्रम से आगे बढ़ाकर एक भावनात्मक मिलन समारोह बना दिया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गोपाल राय भी अपने सहयोगियों के साथ उपस्थित रहे। गांव पहुंचते ही लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्होंने भी ग्रामीणों के साथ मिलकर गुलाल खेलते हुए होली की शुभकामनाएं दीं।
धन्यवादों की बरसात से गूंजा मंच
कार्यक्रम के दौरान सबसे दिलचस्प दृश्य तब देखने को मिला जब मंच से बार-बार धन्यवाद दिया जाने लगा। आयोजक वैभव सिंह राठौर ने मंच संभालते हुए कहा कि इस कार्यक्रम की सफलता का श्रेय गांव के हर उस व्यक्ति को जाता है जिसने इसमें अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
उन्होंने देवपुर ग्राम सभा के सभी बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गांव की एकता ही इस तरह के आयोजनों की असली ताकत होती है। कार्यक्रम में आए अतिथियों का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया गया और यह विश्वास जताया गया कि भविष्य में भी गांव इसी तरह सामाजिक कार्यक्रमों में आगे रहेगा।
होली के बहाने बढ़ा आपसी अपनापन
गांव के कई लोगों का कहना था कि आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में ऐसे कार्यक्रम लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का काम करते हैं। होली का असली अर्थ भी यही है कि लोग पुराने गिले-शिकवे भूलकर एक-दूसरे को गले लगाएं और खुशियों को साझा करें।
देवपुर में आयोजित यह होली मिलन समारोह इसी भावना का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया। यहां रंगों से ज्यादा रिश्तों को महत्व दिया गया और यही वजह रही कि कार्यक्रम देर तक हंसी-ठिठोली और आत्मीय बातचीत के बीच चलता रहा।
अंत में जब कार्यक्रम समाप्त हुआ तो ऐसा लगा मानो पूरे गांव ने एक साथ मिलकर न केवल होली मनाई बल्कि एकता और भाईचारे का संदेश भी दिया। और शायद यही किसी भी गांव के उत्सव की सबसे बड़ी सफलता होती है।










