समाचार सार: गोंडा जिले की दुलहापुर बनकट ग्राम पंचायत के पाँच वर्षीय कार्यकाल की दस्तावेजी समीक्षा, पिछले कार्यकाल से तुलनात्मक विश्लेषण और आगामी पंचायत चुनाव से पहले ग्रामीण मूड का आकलन। मनरेगा के 42 कार्य, ₹1.97 करोड़ की प्राप्ति, ₹1.82 करोड़ व्यय, आवास और जल योजना की स्थिति पर गहन पड़ताल।
उत्तर प्रदेश के गोंडा जनपद की दुलहापुर बनकट ग्राम पंचायत अब एक निर्णायक मोड़ पर है। पाँच वर्षों का कार्यकाल समाप्ति की ओर है और लोकतंत्र में यह वह समय होता है जब भावनाएँ नहीं, बल्कि दस्तावेज बोलते हैं। इस समेकित रिपोर्ट में मनरेगा पोर्टल, पंचायत अभिलेख, ऑडिट विवरण, स्थल निरीक्षण और ग्रामीण प्रतिक्रियाओं को एक साथ रखकर मूल्यांकन किया गया है।
विकास के आँकड़े क्या कहते हैं?
वर्ष 2021–2025 के बीच मनरेगा के कुल 42 कार्य स्वीकृत हुए, जिनमें से 37 पूर्ण और 5 प्रगति पर दर्ज हैं। कुल स्वीकृत राशि लगभग ₹78.40 लाख तथा व्यय ₹74.85 लाख अंकित है। लगभग 11,600 मानव-दिवस का सृजन हुआ। स्थल निरीक्षण में अधिकांश कार्य संतोषजनक पाए गए, हालांकि कुछ स्थानों पर गुणवत्ता संबंधी कमी भी दर्ज की गई।
पाँच वर्षों में पंचायत को राज्य वित्त आयोग, केंद्र वित्त आयोग, मनरेगा और अन्य योजनाओं से मिलाकर लगभग ₹1.97 करोड़ प्राप्त हुए। कुल व्यय ₹1.82 करोड़ दर्ज है, जबकि ₹15 लाख शेष रहे। ऑडिट 2023 तक अद्यतन मिला और एक आपत्ति का निस्तारण भी दर्ज है।
पिछले कार्यकाल से क्या बदला?
2016–2021 की तुलना में वर्तमान कार्यकाल में मनरेगा कार्यों की संख्या 31 से बढ़कर 42 हुई। पूर्णता प्रतिशत 74% से बढ़कर 88% हुआ। कुल विकास निधि लगभग ₹1.32 करोड़ से बढ़कर ₹1.97 करोड़ पहुँची। आवास पूर्णता 54 से बढ़कर 69 तक पहुँची। इससे स्पष्ट है कि वित्तीय प्रवाह और कार्य निष्पादन में वृद्धि हुई है।
जल और आवास की स्थिति
जल जीवन मिशन के अंतर्गत 412 परिवारों में से 368 को कनेक्शन प्रदान किए गए, पर नियमित आपूर्ति लगभग 310 परिवारों तक सीमित रही। आवास योजना के अंतर्गत 76 स्वीकृत लाभार्थियों में से 69 के मकान पूर्ण हुए। ग्राम सभा की अपेक्षित 20 बैठकों के स्थान पर 16 बैठकें आयोजित हुईं।
ग्रामीण मूड और संभावित चुनावी संकेत
अनौपचारिक सर्वेक्षण के अनुसार 52% ग्रामीण विकास को संतोषजनक मानते हैं, 28% बदलाव की बात करते हैं और 20% निर्णय उम्मीदवार की व्यक्तिगत छवि पर निर्भर बताते हैं। निर्णायक कारकों में मनरेगा मजदूर वर्ग, आवास लाभार्थी और युवा मतदाता शामिल रहेंगे।
निष्कर्ष
दुलहापुर बनकट पंचायत का कार्यकाल सुधार की दिशा में बढ़ता हुआ दिखाई देता है, पर गुणवत्ता और पारदर्शिता की कसौटी अभी भी प्रासंगिक है। आगामी चुनाव केवल निरंतरता और परिवर्तन के बीच निर्णय नहीं होगा, बल्कि विकास की विश्वसनीयता पर जनमत भी होगा।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
कुल कितने मनरेगा कार्य स्वीकृत हुए?
कुल 42 कार्य स्वीकृत हुए, जिनमें 37 पूर्ण दर्ज हैं।
पंचायत को कुल कितनी राशि प्राप्त हुई?
लगभग ₹1.97 करोड़ विभिन्न मदों में प्राप्त हुए।
चुनाव में प्रमुख मुद्दा क्या रहेगा?
विकास की गुणवत्ता, पारदर्शिता और लाभार्थी चयन की निष्पक्षता।








