समाचार सार: प्रदेश के 8033 परीक्षा केंद्रों पर शुरू हुई यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले दिन 3,13,708 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। पांच प्रतिरूपण और तीन नकल के मामले सामने आए। कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी करते हुए कई केंद्रों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं बुधवार से प्रदेश के 8033 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गईं। हालांकि प्रशासनिक सख्ती और तकनीकी निगरानी के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, लेकिन पहले ही दिन 3,13,708 परीक्षार्थियों का अनुपस्थित रहना चर्चा का विषय बन गया है। कुल 52,53,746 पंजीकृत छात्रों में से 49,40,038 परीक्षार्थी ही परीक्षा में शामिल हुए।
आंकड़ों में पहला दिन: उपस्थिति बनाम अनुपस्थिति
हाईस्कूल में कुल 27,54,376 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 25,83,055 उपस्थित रहे, जबकि 1,71,321 छात्र अनुपस्थित रहे। वहीं इंटरमीडिएट में 24,99,370 पंजीकृत छात्रों में से 23,56,983 उपस्थित हुए और 1,42,387 परीक्षार्थी परीक्षा छोड़ गए। कुल मिलाकर तीन लाख से अधिक छात्रों का पहले दिन अनुपस्थित रहना कई सवाल खड़े करता है।
क्या संकेत दे रही है भारी अनुपस्थिति?
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारी अनुपस्थिति के पीछे विभिन्न कारण हो सकते हैं, जिनमें तैयारी की कमी, निजी कारण, या वैकल्पिक शिक्षा मार्ग शामिल हो सकते हैं। हालांकि बोर्ड प्रशासन ने इस पर कोई औपचारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन इतने बड़े स्तर पर अनुपस्थिति भविष्य की परीक्षा रणनीति के लिए महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।
प्रतिरूपण और नकल के मामले
पहले दिन आगरा, फतेहपुर, कन्नौज, कौशाम्बी और इटावा में एक-एक परीक्षार्थी दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते पकड़ा गया। वहीं हापुड़ में दो और बरेली में एक छात्र नकल करते हुए पाए गए। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि कुल पांच प्रतिरूपण और तीन नकल के मामले दर्ज किए गए हैं। संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
प्रवेश द्वार से कक्ष तक सख्त निगरानी
परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार पर परीक्षार्थियों की गहन तलाशी ली गई। पहचान पत्र और प्रवेश पत्र का मिलान किया गया तथा फोटो सत्यापन के लिए इलेक्ट्रॉनिक तकनीक का उपयोग किया गया। किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए प्रत्येक केंद्र पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए।
कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी
राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में स्थापित कंट्रोल रूम से वाइस रिकॉर्डिंग कैमरों के माध्यम से सभी कक्षों की निगरानी की गई। राजधानी के 121 केंद्रों सहित प्रदेश स्तर पर परीक्षा पर पैनी नजर रखी जा रही है। एक कक्ष निरीक्षक लगातार बैठे पाए गए तो कंट्रोल रूम से तुरंत निर्देश देकर उन्हें सक्रिय रूप से भ्रमण करने को कहा गया।
व्यवस्था में मिली कमियों पर तत्काल निर्देश
अहियागंज के एक केंद्र पर एक ही मेज पर तीन परीक्षार्थी बैठे पाए गए। जगह की कमी का हवाला दिया गया, लेकिन कंट्रोल रूम से तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए। गोमतीनगर के कुछ केंद्रों पर जर्जर कक्ष मिलने पर भी मरम्मत और सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया। परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों के आपसी संवाद पर भी सख्त निगरानी रखी गई।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)








