लखनऊ लिफ्ट लूट गैंग के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में किराए पर ली गई थार गाड़ी से लिफ्ट देने के बहाने राहगीरों को फंसाकर लूटपाट करने वाले एक संगठित और शातिर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। यह गिरोह पहले भरोसा जीतता, फिर पीड़ित को सुनसान इलाके में ले जाकर मारपीट करता और नकदी व मोबाइल जैसी कीमती वस्तुएं लूट लेता था। पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य वारदातों की भी गहन जांच जारी है।
समाचार सार: लखनऊ में थार गाड़ी से लिफ्ट देकर लूटपाट करने वाले गैंग का खुलासा, 7 बदमाश गिरफ्तार, दो तमंचे, नकदी और मोबाइल बरामद, किसान पथ समेत कई वारदातों की पुष्टि।
लिफ्ट के बहाने शुरू होती थी लूट की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि लखनऊ लिफ्ट लूट गैंग के सदस्य हाईवे, आउटर रिंग रोड और शहर से जुड़े प्रमुख मार्गों पर थार गाड़ी से घूमते थे। ये लोग खुद को मददगार दिखाते हुए राहगीरों या ट्रक चालकों को लिफ्ट देते थे। शुरुआत में सामान्य बातचीत कर भरोसा जीता जाता था और जैसे ही वाहन सुनसान इलाके में पहुंचता, आरोपी पीड़ित पर हमला कर देते थे।
2 फरवरी की घटना से हुआ पूरे गिरोह का खुलासा
इस पूरे मामले का खुलासा 2 फरवरी 2026 को सरोजनीनगर क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज घटना से हुआ। कानपुर के घाटमपुर निवासी गैस ट्रक चालक हृदय नारायण को आरोपियों ने लिफ्ट देने के बहाने थार में बैठाया। कुछ दूरी तय करने के बाद उन्होंने चालक के साथ बेरहमी से मारपीट की और 60 हजार रुपये नकद व मोबाइल फोन लूट लिया।
आलू के खेत में बांधकर छोड़ा, किसी तरह बची जान
लूट के बाद आरोपी हृदय नारायण को सैरपुर इलाके में एक आलू के खेत में ले गए, जहां उनके हाथ-पैर बांधकर छोड़ दिया गया। घायल अवस्था में पीड़ित ने काफी मशक्कत के बाद खुद को मुक्त कराया और मदद लेकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा। इस घटना ने पुलिस को भी गंभीरता से झकझोर दिया।
3 फरवरी को दर्ज हुआ मुकदमा, बनीं चार विशेष टीमें
पीड़ित ने 3 फरवरी को सैरपुर थाने में मामले की तहरीर दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत चार विशेष टीमों का गठन किया। सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस डेटा और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू की गई।
7 बदमाश गिरफ्तार, नकदी और हथियार बरामद
लगातार दबिश और तकनीकी निगरानी के बाद 6 फरवरी को पुलिस ने लखनऊ लिफ्ट लूट गैंग के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 40,130 रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और दो अवैध तमंचे बरामद किए गए हैं। आरोपियों की पहचान ऋषभ गोस्वामी, अक्षय कुमार, शुभम पाण्डेय, ऋषभ पाण्डेय, आलोक, ज्ञानी और रामसफल के रूप में हुई है।
महंगे शौक और त्वरित पैसे की चाह बना वजह
एडीसीपी नॉर्थ ऋषभ रूणवाल के अनुसार आरोपी महंगे शौक, लग्जरी लाइफस्टाइल और आसान पैसे की लालच में इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। शुरुआती पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और अलग-अलग इलाकों को निशाना बना रहा था।
किसान पथ पर भी कर चुके थे लूट
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इसी गिरोह ने 30 जनवरी 2026 को किसान पथ पर चिनहट निवासी बलराम पटेल के साथ भी लूटपाट की थी। बहराइच के राजकीय इंटर कॉलेज में अध्यापक बलराम पटेल से आरोपियों ने 500 रुपये नकद और मोबाइल फोन छीन लिया था।
अन्य वारदातों की भी जांच, गिरोह के नेटवर्क पर नजर
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि लखनऊ लिफ्ट लूट गैंग ने शहर और आसपास के इलाकों में कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
पुलिस का दावा: लूट की घटनाओं पर लगेगी लगाम
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि इस कार्रवाई से लखनऊ में लिफ्ट के बहाने होने वाली लूटपाट की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी। साथ ही आम लोगों से भी अपील की गई है कि अनजान लोगों से लिफ्ट लेते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।






