सीतापुर में आजाद अधिकार सेना द्वारा सहारा निवेशकों के भुगतान और पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की सुरक्षा को लेकर सौंपा गया ज्ञापन जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर करता है। एक ओर लाखों निवेशकों की फंसी धनराशि की वापसी की मांग ने आर्थिक न्याय का प्रश्न खड़ा किया है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवाल लोकतांत्रिक व्यवस्था की संवेदनशीलता को दर्शाते हैं। प्रशासन के माध्यम से सरकार तक यह संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया है कि इन दोनों मामलों में शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है, जिससे आम जनता का विश्वास बना रहे।
सीतापुर जनपद में सोमवार को आजाद अधिकार सेना ने जनहित से जुड़े दो अहम मुद्दों को लेकर एक बार फिर प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचा। संगठन के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। इन ज्ञापनों में एक ओर सहारा इंडिया परिवार में फंसे लाखों निवेशकों के धन की वापसी का मुद्दा उठाया गया, वहीं दूसरी ओर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की सुरक्षा और उनके खिलाफ कथित उत्पीड़न के मामले को गंभीरता से उठाया गया।
📌 सहारा निवेशकों के भुगतान का मुद्दा फिर उठा
आजाद अधिकार सेना के जिला अध्यक्ष नवल किशोर मिश्रा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पीड़ित जमाकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए सहारा समूह की विभिन्न योजनाओं में फंसी धनराशि की शीघ्र वापसी की मांग की। ज्ञापन में विशेष रूप से सहारा क्यू शॉप यूनिक प्रोडक्ट रेंज लिमिटेड सहित अन्य योजनाओं में निवेश किए गए करोड़ों रुपये का उल्लेख करते हुए कहा गया कि निवेशकों को अब तक पूरा भुगतान नहीं मिल सका है।
संगठन ने यह भी मांग उठाई कि सहारा रिफंड पोर्टल को और अधिक पारदर्शी और सरल बनाया जाए। उनका कहना है कि वर्तमान पोर्टल के माध्यम से केवल आंशिक भुगतान हो रहा है, जिससे निवेशकों में असंतोष और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि एक नया, स्पष्ट और प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए, जिससे सभी सोसाइटियों के निवेशकों को उनका पूरा पैसा वापस मिल सके।
📊 वर्षों से लंबित समस्या, बढ़ता आक्रोश
जिला अध्यक्ष नवल किशोर मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2023 से लगातार इस मुद्दे को लेकर ज्ञापन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। इस देरी के कारण निवेशकों में निराशा और रोष लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी मांग की कि सहारा समूह की संपत्तियों की निष्पक्ष जांच कर उन्हें बेचकर निवेशकों के भुगतान में उपयोग किया जाए।
उनका कहना था कि यह केवल आर्थिक नुकसान का मामला नहीं है, बल्कि लाखों परिवारों के भविष्य और विश्वास से जुड़ा हुआ मुद्दा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
⚖️ अमिताभ ठाकुर की सुरक्षा और उत्पीड़न का मुद्दा
इसी क्रम में आजाद अधिकार सेना ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के मामले को भी गंभीरता से उठाया। संगठन ने राष्ट्रपति को भेजे गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि अमिताभ ठाकुर को राजनीतिक प्रतिशोध के तहत लंबे समय से फर्जी मामलों में फंसाया जा रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कारावास के दौरान उनके साथ उत्पीड़न हुआ है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। संगठन ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
📢 जेल के भीतर मिली धमकी, FIR की मांग
संगठन ने यह भी दावा किया कि अमिताभ ठाकुर को जेल के भीतर एक धमकी भरा पत्र प्राप्त हुआ, लेकिन अब तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए संगठन ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
आजाद अधिकार सेना ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि न केवल इस मामले की जांच कराई जाए, बल्कि अमिताभ ठाकुर को Z या Z+ श्रेणी की सुरक्षा भी प्रदान की जाए, ताकि उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
👥 लोकतंत्र और न्याय से जुड़ा मुद्दा
संगठन का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह न्याय, पारदर्शिता और लोकतंत्र की मूल भावना से जुड़ा हुआ है। यदि ऐसे मामलों में समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो इससे जनता का विश्वास कमजोर हो सकता है।
इस अवसर पर चन्द भान सक्सेना, लक्ष्मी कांत बाजपेई, राज कुमार श्रीवास्तव, विजय कुमार गुप्ता, आदित्य सिंह सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे और उन्होंने भी अपनी सहमति व समर्थन दर्ज कराया।
⚠️ आंदोलन की चेतावनी
आजाद अधिकार सेना ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सहारा निवेशकों के भुगतान और अमिताभ ठाकुर की सुरक्षा के मुद्दे पर शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सहारा निवेशकों की मुख्य मांग क्या है?
निवेशकों की मांग है कि उनका पूरा पैसा शीघ्र और पारदर्शी तरीके से वापस किया जाए और इसके लिए एक नया प्रभावी पोर्टल बनाया जाए।
अमिताभ ठाकुर के मामले में क्या आरोप लगाए गए हैं?
संगठन का आरोप है कि उन्हें राजनीतिक प्रतिशोध के तहत फर्जी मामलों में फंसाया गया है और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल रही है।
क्या संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी है?
हाँ, संगठन ने कहा है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।







