
विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने विधान भवन, लखनऊ में प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ
से शिष्टाचार भेंट कर चित्रकूट-मानिकपुर विधानसभा क्षेत्र से जुड़े बहुप्रतीक्षित विकास कार्यों, जनहित से जुड़े मुद्दों तथा लोककल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से संवाद किया। यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं, बल्कि क्षेत्र की जमीनी जरूरतों, आधारभूत संरचना और दूरदराज़ ग्रामीण इलाकों की वास्तविक समस्याओं को शासन के शीर्ष स्तर तक पहुंचाने का एक गंभीर प्रयास रही।
Hook Point: चित्रकूट-मानिकपुर की राजनीति में यह भेंट इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसमें
सड़कों, पुलों, औद्योगिक प्रशिक्षण, ग्रामीण संपर्क मार्गों और नदी सेतु जैसे उन मुद्दों को रखा गया है,
जिनका सीधा असर आम जनजीवन, रोज़गार और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर पड़ता है।
मुख्यमंत्री से संवाद: विकास, भरोसा और दिशा
विधान भवन में हुई इस मुलाकात के दौरान विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने मुख्यमंत्री के समक्ष क्षेत्र के समग्र विकास का विस्तृत खाका रखा।
उन्होंने कहा कि मानिकपुर और आसपास के इलाकों में सड़क, पुल, प्रशिक्षण संस्थान और संपर्क मार्ग केवल निर्माण परियोजनाएं नहीं हैं,
बल्कि ये स्थानीय अर्थव्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य तक पहुंच का आधार बनते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी विषयों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
यौन अपराध, प्रशासनिक उदासीनता और सामाजिक चुप्पी
लंबित मान्यता और औद्योगिक प्रशिक्षण का मुद्दा
बैठक में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, कलचिहा (बरगढ़) की लंबित मान्यता प्रक्रिया को प्रमुखता से उठाया गया।
विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र के युवाओं के लिए यह संस्थान कौशल विकास और रोज़गार के अवसरों की कुंजी है।
मान्यता में देरी के कारण स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण के लिए अन्य जिलों का रुख करना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों दोनों की क्षति होती है।
पुल, सेतु और चौड़ीकरण: कनेक्टिविटी का सवाल
खोह-मानिकपुर मार्ग पर वाल्मीकि नदी पर बने पुल के चौड़ीकरण का मुद्दा बैठक में विशेष रूप से रखा गया।
इसके अलावा विकासखंड मानिकपुर के ग्राम पंचायत चमरौहा में बरदहा नदी पर दीर्घ सेतु निर्माण की मांग भी रखी गई।
विधायक ने तर्क दिया कि बरसात के मौसम में इन मार्गों पर आवागमन बाधित होने से किसानों, छात्रों और मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
इसी क्रम में रूपौली-बरुवा संपर्क मार्ग, राम वन गमन पथ से सरैयां संपर्क मार्ग,
बरगढ़ से मडहा मार्ग के चौड़ीकरण जैसे प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखे गए,
जिनसे क्षेत्रीय यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाया जा सकता है।
ग्रामीण संपर्क मार्गों की मरम्मत: जमीनी ज़रूरत
विकास खंड रामनगर, मानिकपुर और मऊ के अंतर्गत कई ग्रामीण संपर्क मार्गों की मरम्मत और पुनर्निर्माण का प्रस्ताव भी बैठक का अहम हिस्सा रहा।
इनमें वियावल मुख्य मार्ग से कटैयाखादर पम्प कैनाल तक, डोडामाफी में बडाकोलान से सोसाइटी तक,
रामपुर कल्याणगढ़ से सेखापुर तक, कैलाहाई बगीचा मण्डौर से दुबारी तक और राजापुर मेन रोड से देवहटा तक के मार्ग शामिल हैं।
विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि ग्रामीण संपर्क मार्गों की स्थिति केवल सड़क की नहीं,
बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आपात सेवाओं की पहुंच से जुड़ा सवाल है।
इन मार्गों के सुधरने से ग्रामीण जीवन की गति बदल सकती है।
मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण और जनप्रतिनिधियों की भूमिका
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर विकास को संतुलित और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाने की बात दोहराई।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल समस्याएं गिनाने की नहीं,
बल्कि उनके व्यवहारिक समाधान सुझाने की भी है।
विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन को प्रेरणास्रोत बताते हुए
कहा कि इससे क्षेत्र की जनता के प्रति उनका दायित्व और मजबूत हुआ है।
जनता की अपेक्षाएं और आगे की राह
इस शिष्टाचार भेंट के बाद चित्रकूट-मानिकपुर क्षेत्र में विकास को लेकर नई उम्मीद जगी है।
सड़क, पुल, प्रशिक्षण संस्थान और संपर्क मार्ग जैसे मुद्दों पर मिले आश्वासन से
जनता को यह भरोसा मिला है कि उनकी आवाज़ शासन तक पहुंच रही है।
विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि
क्षेत्र की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए वे लगातार प्रयासरत रहेंगे।

