गजब है… शादी करना चाहता था हिस्ट्रीशीटर तो महिला पुलिसकर्मी का ही अपहरण कर लिया—उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से सामने आई यह घटना न सिर्फ चौंकाने वाली है, बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा और सामाजिक दबावों को लेकर कई गंभीर सवाल भी खड़े करती है। बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव से एक महिला पुलिसकर्मी के लापता होने की खबर ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था। हालांकि राहत की बात यह रही कि पुलिस ने समय रहते महिला पुलिसकर्मी को सुरक्षित बरामद कर लिया, लेकिन जिस पृष्ठभूमि में यह घटना घटी, उसने व्यवस्था की कई परतें उधेड़ दी हैं।
यह सिर्फ एक अपहरण का मामला नहीं, बल्कि वर्दी, प्रेम, अपराध और सामाजिक दबावों के टकराव की कहानी है—जहां सवाल सिर्फ एक महिला के नहीं, पूरी व्यवस्था के हैं।
मेरठ से सामने आई हैरान करने वाली घटना
मेरठ जिले के बहसूमा थाना क्षेत्र अंतर्गत अकबरपुर सादात गांव उस वक्त सुर्खियों में आ गया, जब यहां से एक महिला पुलिसकर्मी के अगवा होने की सूचना सामने आई। प्रारंभिक जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया, क्योंकि मामला किसी आम महिला का नहीं, बल्कि स्वयं पुलिस विभाग से जुड़ी एक महिला कर्मी का था। ऐसे में स्वाभाविक रूप से कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे।
परिवार की पसंद की शादी और असहमति
जानकारी के मुताबिक, महिला पुलिसकर्मी की शादी उसके परिवार ने अपनी पसंद से तय की थी। यह विवाह यूपी पुलिस के ही एक जवान से होना था और रविवार को बारात आने की पूरी तैयारी चल रही थी। घर में शादी का माहौल था, रिश्तेदार जुटने लगे थे, लेकिन भीतर ही भीतर हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे थे। बताया जा रहा है कि महिला इस शादी से खुश नहीं थी और वह किसी अन्य युवक से प्रेम संबंध में थी।
हिस्ट्रीशीटर प्रेमी से जुड़ा मामला
जिस युवक से महिला के प्रेम संबंध बताए जा रहे हैं, उसका नाम अंकित चौहान है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अंकित एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश है। उस पर कुल 11 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से 9 मुकदमे मवाना थाने और 2 मुकदमे परीक्षितगढ़ थाने में दर्ज बताए गए हैं। यही तथ्य इस पूरे मामले को और अधिक गंभीर बना देता है।
शादी से पहले अचानक लापता
शादी से ठीक पहले महिला पुलिसकर्मी के अचानक लापता हो जाने से परिवार में अफरा-तफरी मच गई। काफी तलाश के बाद जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने बहसूमा थाने में अपहरण की तहरीर दी। मामला संवेदनशील था और महिला स्वयं पुलिसकर्मी थी, इसलिए पुलिस ने बिना देरी किए अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया और जांच शुरू कर दी।
तेज़ कार्रवाई, सुरक्षित बरामदगी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामला दर्ज होते ही कई टीमें गठित की गईं। तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय इनपुट के आधार पर पुलिस ने कुछ ही समय में महिला पुलिसकर्मी को मेरठ के बक्सर क्षेत्र से सुरक्षित बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद महिला को आवश्यक काउंसलिंग और चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा गया।
आरोपी फरार, तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि महिला को उसका प्रेमी अंकित चौहान अपने साथ लेकर गया था। हालांकि बरामदगी के समय आरोपी मौके पर मौजूद नहीं था और फिलहाल वह फरार बताया जा रहा है। पुलिस की टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।
कानून व्यवस्था पर उठते सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। आम लोगों का कहना है कि जब एक महिला पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का भरोसा कैसे किया जाए। वहीं, कुछ लोग इसे सामाजिक दबाव, जबरन विवाह और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के नजरिए से भी देख रहे हैं।
सिर्फ अपराध नहीं, सामाजिक संकेत भी
यह मामला केवल एक अपहरण या प्रेम प्रसंग तक सीमित नहीं है। यह उस सामाजिक संरचना की भी झलक देता है, जहां विवाह जैसे फैसलों में कई बार महिला की सहमति गौण हो जाती है। साथ ही, यह सवाल भी खड़ा करता है कि अपराधी पृष्ठभूमि वाले लोग किस हद तक व्यवस्था को चुनौती देने का साहस कर पा रहे हैं।
जांच जारी, कई पहलुओं पर नज़र
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। महिला के बयान, आरोपी की भूमिका और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। पुलिस का दावा है कि मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
“हम खबर को चीखने नहीं देंगे,
असर छोड़ने देंगे।”





