पतंग लूटने का खतरनाक शौक एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। पतंग काटने और लूटने के प्रयास में एक लड़का रेलवे लाइन के पास लगी हाई टेंशन बिजली की लाइन की चपेट में आ गया। तेज करंट की चपेट में आने से वह बुरी तरह झुलस गया और उसकी हालत गंभीर हो गई। स्थानीय लोगों और परिजनों की तत्परता से उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।
समाचार सार: पतंग लूटने के दौरान हाई टेंशन लाइन से करंट लगने पर एक लड़का गंभीर रूप से झुलस गया। समय रहते अस्पताल पहुंचाए जाने से उसकी जान बच सकी, फिलहाल हालत स्थिर बताई जा रही है।
पतंगबाजी के दौरान कैसे हुआ हादसा
यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब इलाके में बड़ी संख्या में बच्चे और युवा पतंगबाजी में जुटे हुए थे। आसमान में उड़ती पतंगों को काटने और लूटने की होड़ लगी थी। इसी दौरान एक लड़का पतंग का पीछा करते हुए रेलवे ट्रैक के पास पहुंच गया, जहां पहले से ही हाई टेंशन बिजली की लाइन गुजर रही थी। उत्साह और जल्दबाजी में उसने जोखिम का अंदाजा नहीं लगाया।
मांझा खींचते ही चपेट में आया करंट
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस पतंग को लड़का लूटने की कोशिश कर रहा था, उसका धागा हाई टेंशन तार में उलझा हुआ था। जैसे ही उसने मांझा खींचा, वैसे ही वह सीधे हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया। करंट लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा और उसके शरीर के कई हिस्सों में गंभीर जलन हो गई।
घटना के बाद मची अफरा-तफरी
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। कुछ लोग डर के कारण पीछे हट गए, तो कुछ ने साहस दिखाते हुए युवक को सुरक्षित तरीके से वहां से हटाया। परिजनों को सूचना दी गई और बिना समय गंवाए उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कुछ मिनट और देर हो जाती तो स्थिति और भयावह हो सकती थी।
जिला अस्पताल में चल रहा उपचार
घायल लड़के को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया। प्रारंभिक जांच में उसके शरीर के बड़े हिस्से पर जलन के गंभीर निशान पाए गए। चिकित्सकों के अनुसार हाई वोल्टेज करंट से झुलसने के मामलों में आंतरिक अंगों पर भी असर पड़ सकता है, इसलिए उसे लगातार निगरानी में रखा गया है।
पुलिस का बयान: हालत स्थिर
पुलिस के अनुसार, लड़का पतंग का धागा खींच रहा था, जो हाई टेंशन लाइन में फंसा हुआ था। जैसे ही उसने धागा खींचा, वह करंट की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। पुलिस ने बताया कि फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
हर साल दोहराया जाता है वही जोखिम
यह कोई पहली घटना नहीं है। हर साल पतंगबाजी के मौसम में इस तरह के हादसे सामने आते हैं, जहां बच्चे और युवा हाई टेंशन लाइनों, रेलवे ट्रैक और बिजली के खंभों के पास पहुंच जाते हैं। जागरूकता की कमी और रोमांच की चाह कई बार जिंदगी पर भारी पड़ जाती है।
सावधानी और जागरूकता की जरूरत
इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि पतंगबाजी जैसे साधारण खेल में भी कितनी गंभीर सावधानी की आवश्यकता है। बच्चों और युवाओं को यह समझाना जरूरी है कि जान जोखिम में डालकर किया गया रोमांच किसी भी कीमत पर सही नहीं है। प्रशासन और समाज दोनों को मिलकर ऐसे हादसों को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।
संपादकीय दृष्टिकोण: पतंगबाजी आनंद का माध्यम है, लेकिन जब उत्साह सुरक्षा पर हावी हो जाए, तो वही खेल हादसे में बदल जाता है। यह घटना चेतावनी है कि थोड़ी-सी लापरवाही भी जीवन भर का दर्द दे सकती है।
“हम खबर को चीखने नहीं देंगे,
असर छोड़ने देंगे।”





