शाहजहांपुर पति हत्या मामला उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से सामने आई यह वारदात केवल एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों, विश्वास और इंसानियत के पतन की खौफनाक कहानी है। एक पत्नी ने अपने ही पति की बेरहमी से हत्या कर दी। हैरानी की बात यह रही कि इस साजिश में उसका साथ देने वाला कोई और नहीं, बल्कि उसका प्रेमी था—जो रिश्ते में उसका भांजा लगता है। हत्या के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए ऐसी कहानी रची गई कि शुरुआती जांच में सच पर परदा पड़ता नजर आया।
28 जनवरी की रात: जब घर बना कत्लगाह
28 जनवरी की रात शाहजहांपुर के भटपुरा चटू गांव में आरोपी आदेश अपने दोस्त रामचंद्र के साथ हरदोई से पहुंचा। पुलिस जांच में सामने आया कि रामचंद्र को बाहर खड़ा कर आदेश घर के भीतर दाखिल हुआ। अंदर पहले से मौजूद थी पूजा—और उसका पति बलराम। आरोप है कि उसी रात पूजा ने पहले पति से शारीरिक संबंध बनाए और फिर मौके का फायदा उठाकर धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया। यह वारदात इतनी नृशंस थी कि पूरे घर में खून फैल गया।
हत्या के बाद भी रिश्तों की सारी हदें टूटीं
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पति की हत्या करने के बाद भी पूजा नहीं रुकी। आरोप है कि उसने अपने प्रेमी आदेश के साथ संबंध बनाए और फिर उसे वहां से फरार कर दिया। यह तथ्य इस मामले को और भी घिनौना बना देता है, क्योंकि यहां अपराध सिर्फ हत्या तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नैतिक पतन की हर सीमा टूटती चली गई।
सुबह हुआ खुलासा, शुरू हुआ झूठ का नाटक
29 जनवरी की सुबह जब बलराम का छोटा भाई राजू उसे काम पर ले जाने पहुंचा तो घर में सन्नाटा था। आवाज देने पर कोई जवाब नहीं मिला। अंदर जाकर देखा तो बलराम खून से लथपथ पड़ा था और पूजा पास में लेटी हुई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस के सामने पूजा रोने-बिलखने लगी और खुद को बेबस पत्नी बताते हुए सारा आरोप अपने प्रेमी आदेश और उसके साथियों पर मढ़ दिया।
7 साल के बच्चे की गवाही ने पलट दी कहानी
शाहजहांपुर पति हत्या मामला उस वक्त निर्णायक मोड़ पर आया, जब पूजा के 7 साल के बेटे ने पुलिस को एक अहम बात बताई। बच्चे ने कहा—“जब पापा जोर-जोर से चिल्ला रहे थे, तब मम्मी ने कहा कि उन्हें सुई लगाई जा रही है।” यह बात डॉक्टरों की रिपोर्ट और घटनास्थल की हालत से मेल नहीं खा रही थी। यहीं से पुलिस को शक हुआ और कड़ाई से पूछताछ शुरू की गई।
इंस्टाग्राम रील और स्टेटस से चलता था इशारों का खेल
जांच में यह भी सामने आया कि पूजा निरक्षर थी, लेकिन सोशल मीडिया का इस्तेमाल वह अपने प्रेमी को संकेत देने के लिए करती थी। वह अपने पति से ही व्हाट्सऐप स्टेटस और इंस्टाग्राम रील डलवाती थी—जिनमें गम भरे गाने होते थे। इन्हीं पोस्ट्स के जरिए उसका भांजा-प्रेमी उससे जुड़ा रहता था। हत्या के बाद पूजा ने सबूत मिटाने के इरादे से अपना मोबाइल फोन भी तोड़ दिया।
एक साल का अवैध संबंध, दस साल की शादी का अंत
पूजा और बलराम की शादी को करीब दस साल हो चुके थे। पुलिस के अनुसार, एक साल पहले पूजा का अपने भांजे आदेश से प्रेम संबंध शुरू हुआ। बलराम इस रिश्ते का विरोध करता था, जिससे घर में आए दिन तनाव रहता था। यही विरोध अंततः उसकी हत्या की वजह बन गया। पूछताछ में सामने आया कि वारदात के वक्त आदेश और उसका सहयोगी बलराम के पैर पकड़े हुए थे और पूजा ने हसिए से उसका गला रेत दिया।
पुलिस का खुलासा और तीनों की गिरफ्तारी
30 जनवरी की शाम पुलिस ने आरोपी पत्नी पूजा, उसके प्रेमी आदेश और सहयोगी रामचंद्र को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त हसिया भी बरामद किया गया। पूछताछ में तीनों ने जुर्म कबूल कर लिया। यह स्पष्ट हो गया कि हत्या पूरी तरह पूर्वनियोजित थी।
एसपी का बयान
एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि 29 जनवरी को अभियोग पंजीकृत होने के बाद कई टीमों को लगाया गया। एसपी आरए और सीओ के निर्देशन में इंस्पेक्टर पुवायां ने घटना का सफल खुलासा किया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि मृतक की पत्नी और उसके भांजे के बीच अवैध संबंध थे और पति के विरोध के चलते उसकी हत्या की गई।
समाज के लिए सबक
शाहजहांपुर पति हत्या मामला यह सोचने पर मजबूर करता है कि जब रिश्तों में संवाद खत्म हो जाए, नैतिकता टूट जाए और तकनीक गलत हाथों में चली जाए, तो परिणाम कितना भयावह हो सकता है। इस केस में कानून ने अपना काम किया, लेकिन सवाल समाज के सामने अब भी खड़े हैं।






