देवरिया

नेताओं द्वारा रामचरितमानस पर की जा रही टिप्पणी उनकी ओछी मानसिकता का द्योतक: सुरेश तिवारी

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इरफान अली लारी की रिपोर्ट

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंडल अध्यक्ष सुरेश तिवारी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि बिहार से लेकर यूपी तक के विपक्षी नेताओं द्वारा रामचरितमानस पर की जा रही टीका टिप्पणी उनकी ओछी मानसिकता को दर्शा रहा है।

श्री तिवारी ने कहा कि रामचरितमानस में कोई ऐसा दोहा या चौपाई नहीं है जिससे समाज के किसी व्यक्ति की भावना को ठेस पहुंची हो।बिहार के शिक्षा मंत्री द्वारा यह कहा जाना कि रामचरितमानस समाज को बांटने का काम करता है इसमें लेश मात्र भी कहीं सत्यता नहीं है। भगवान राम समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्तियों (रीक्ष, वानर, भालू) को एकजुट कर त्रिलोक विजय रावण को पराजित करने का काम किया था जो समाज की एकता को दर्शाता है।

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श्री तिवारी ने कहा कि सपा नेता एवं पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के द्वारा रामचरितमानस को बकवास कहा जाना उनके मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है उन्होंने कहा कि मीडिया में बने रहने के लिए धार्मिक ग्रंथों पर टीका टिप्पणी करना नेताओं की आदत सी बन गई है। लोकसभा का चुनाव नजदीक आता देख समाज को बांटने के लिए विपक्षी नेताओं के द्वारा निराधार एवं तथ्यहीन बयानबाजी की जा रही है जो पूरी तरह से झूठ की बुनियाद पर तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा कि रामचरितमानस की प्रतियों को जलाकर विपक्ष के द्वारा समाज में अशांति फैलाने का घृणित कुचक्र रचा जा रहा है। देश की जनता आने वाले समय में देश विरोधी शक्तियों को मुंहतोड़ जवाब देगी।

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"कलम हमेशा लिखती हैं इतिहास क्रांति के नारों का, कलमकार की कलम ख़रीदे सत्ता की औकात नहीं.."

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